February 5, 2023
Sevoke Road, Siliguri
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सिलीगुड़ी शहर कचरा मुक्त होगा!

सिलीगुड़ी शहर को कचरा मुक्त करने का प्रयास तो शुरू से ही हो रहा है. शहर के विभिन्न वार्डों में कचरा ढोने वाली 35 गाड़ियां चल रही हैं. जिनके द्वारा शहर का कचरा डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाता है.परंतु यह पर्याप्त नहीं है. क्योंकि अभी भी सड़क, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा दिख जाता है.

आपको याद होगा कि सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव ने बहुत पहले कहा था कि सिलीगुड़ी शहर को कचरा मुक्त किया जाएगा. अब वह घड़ी आ गई है, जब सिलीगुड़ी शहर कचरा मुक्त होगा! अब निगम के पास फंड उपलब्ध हो गया है. 5 करोड,9 लाख 52 हजार की लागत से साठ कचरा निस्तारण वाहनों का मेयर के हाथों लोकार्पण हो चुका है. यह एक बड़ी बात है. जल्द ही 20 और कचरा ढोने वाली गाड़ियां आ जाएंगी. इनसे शहर का कचरा डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाएगा.

वर्तमान में सिलीगुड़ी नगर निगम के पास कचरा ढोने वाली 60 गाड़ियां उपलब्ध हो गई है. 20 और गाड़ियां जल्द ही आ जाएंगी. आप समझते होंगे कि 80 गाड़ियां सिलीगुड़ी शहर में गलियों और सड़कों पर दौड़ेगी तो शहर का हुलिया बदल जाएगा! यह तो भविष्य ही बताएगा कि इन गाड़ियों के द्वारा सिलीगुड़ी शहर का हुलिया कितना बदलता है! परंतु जो सच है, उससे इनकार नहीं किया जा सकता.

सबसे बड़ी बात तो यह है कि लोगों की फितरत नहीं बदल रही है. जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे, जब तक लोग स्वच्छता के प्रति अपना बर्ताव नहीं बदलेंगे, तब तक शहर में चाहे जितनी मर्जी कचरा ढोने वाली गाड़ियां उपलब्ध हो जाएं, तब भी स्थिति में कोई परिवर्तन होने वाला नहीं है.

देखा जाए तो सिलीगुड़ी नगर निगम के अंतर्गत 1-1 वार्ड में 2-2 कचरा ढोने वाली गाड़ियां हो गई है अथवा होने वाली है, तब तो किसी भी वार्ड में कचरा नहीं रहना चाहिए. सरकारी तंत्र का प्रयास तो जरूर सराहनीय कहा जा सकता है. परंतु लोगों की आदत को कैसे बदला जाए! सिलीगुड़ी नगर निगम को सर्वप्रथम इन्हीं बातों पर फोकस रखना चाहिए. क्योंकि जब तक लोगों की आदत और व्यवहार में बदलाव नहीं होता, तब तक केवल वाहनों की संख्या बढ़ा देने से सिलीगुड़ी शहर कचरा मुक्त नहीं हो सकता!

जिस तरह से सिलीगुड़ी नगर निगम तंत्र प्रयास कर रहा है, अगर सिलीगुड़ी शहर की जनता निगम का सहयोग करे और शहर को स्वच्छ और साफ रखने में निगम की मदद करे तो निश्चित रूप से स्थिति में बदलाव होगा. सबसे बड़ा सवाल यह है कि हम अपनी आदत को कैसे बदले. क्योंकि शहर को बदलने के लिए सर्वप्रथम हमारे अंदर बदलाव आना जरूरी है!

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