3 जून को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की लगभग 28 लाख महिलाओं के खाते में अन्नपूर्णा भंडार के तहत तीन-तीन हजार रूपए ट्रांसफर किए थे. सिलीगुड़ी समेत पूरे दार्जिलिंग जिले में लगभग 8000 महिलाओं के खाते में अन्नपूर्णा भंडार की राशि पहुंची थी. लेकिन उसके बाद से बाकी महिलाएं रोज ही अपना अकाउंट चेक कर रही हैं. लेकिन उनके खाते में अन्नपूर्णा भंडार का पैसा नहीं आया है.
सिलीगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों में लक्ष्मी भंडार के तहत हर महीने डेढ़ हजार और ₹1700 पाने वाली महिलाओं के सब्र का पैमाना अब जैसे छलकता जा रहा है. उन्हें हर दिन पैसे मिलने का इंतजार रहता है. कभी कंप्यूटर अथवा साइबर दुकानों में अपना खाता चेक करवाने पहुंच जाती हैं तो कभी दुकानों में डीबीटी लिंक जांच करवाने पहुंच जाती हैं. उन्हें लगता है कि कहीं डीबीटी लिंक update नहीं हुआ होगा. इस वजह से उनके खाते में अन्नपूर्णा भंडार की रकम नहीं पहुंची होगी.
महिलाओं को यह भ्रम कभी सरकारी पक्ष की ओर से तो कभी सोशल मीडिया पर विभिन्न पोस्टों के माध्यम से हो रहा है, जहां टीआरपी बढ़ाने और लाइक्स जोडने की होड़ लगी रहती है. अधिकांश ब्लॉग्स महिलाओं को भ्रमित कर रहे हैं. इन सोशल मीडिया साइटों पर अन्नपूर्णा भंडार के बारे में बताया जा रहा है कि जैसे-जैसे अन्नपूर्णा भंडार का फॉर्म जमा होता जाएगा, महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर होते जाएंगे.
यह सब इसलिए हो रहा है कि सरकार के स्तर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी राज्य की लगभग 28 लाख महिलाओं के खाते में अन्नपूर्णा भंडार की रकम ट्रांसफर करने के बाद के बयानों में कहा था कि अब तक लगभग 50 लाख महिलाओं के खाते में अन्नपूर्णा भंडार की रकम ट्रांसफर कर दी गई है. बस इसके बाद फेसबुक और सोशल मीडिया पर यूट्यूबर की ओर से पोस्ट तैयार किए जाने लगे. जहां सच्चाई कम और भ्रम अधिक फैलाए गए.
अब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि जून महीने की अन्नपूर्णा भंडार की रकम महिलाओं के खाते में 1 जुलाई को ट्रांसफर की जाएगी. यह सरकार का आधिकारिक बयान है. सुवेंदु अधिकारी ने दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बात बताई है कि राज्य की 28 लाख महिलाओं के बैंक खातों में तीन-तीन हजार की राशि सफलतापूर्वक जमा कर दी गई है.इसके बाद से अब तक 105000 और महिलाओं ने अन्नपूर्णा योजना के तहत अपना नया पंजीकरण कराया है. जिनका वेरिफिकेशन कार्य पूरा करके डेटा को आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है.
इन सभी नई जोड़ी गई महिलाओं को जून महीने की सहायता राशि 1 जुलाई को सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी. यह मुख्यमंत्री का आधिकारिक बयान है. ऐसे में महिलाओं को 1 जुलाई तक अन्नपूर्णा भंडार की रकम मिलने का इंतजार करना चाहिए. उससे पहले यह कदापि संभव नहीं है. लेकिन इससे जुड़ा एक बड़ा सवाल यह भी है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासनकाल में लगभग 2 करोड़ 30 लाख महिलाएं हर महीने ₹1500 से लेकर 1700 रुपए तक प्राप्त करती थीं. राज्य में बनी नई सरकार ने उनमें से लगभग 30 लाख नाम को सूची से बाहर कर दिया है.
बच गए 2 करोड़ नाम. लगभग दो करोड़ महिलाएं के खाते में योजना की राशि जानी चाहिए. लेकिन मौजूदा स्थिति है कि एक करोड़ तक भी सरकार का आंकड़ा नहीं पहुंचा है. ऐसे में 1 जुलाई को सरकार डीबीटी के जरिए अन्नपूर्णा भंडार की रकम महिलाओं के खाते में ट्रांसफर करेगी. उनमें से कितनी महिलाएं यह रकम प्राप्त कर सकेंगी?
ऐसा नहीं लगता है कि सिलीगुड़ी की सभी महिलाओं को यह रकम प्राप्त होगी. कुछ खुशनसीब महिलाएं ही रकम प्राप्त करने में सफल हो सकती हैं. लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर सुबेंदु अधिकारी सरकार ने माना है कि 30 लाख फर्जी नाम थे, जिन्हें सूची से बाहर कर दिया गया है. तो ऐसे में सरकार दो करोड़ नाम को सही मानती है. फिर क्या कारण है कि उन सभी बची महिलाओं के खाते में एक साथ अन्नपूर्णा योजना की राशि ट्रांसफर नहीं की जा रही है?
