आशियाना संवारने की कोशिश में कई ऐसी चाही अनचाही घटनाएं घट जाती हैं जो जीवन भर के लिए एक जख्म दे जाती हैं. किसी शायर ने कहा है कि इस दुनिया में कदम कदम पर धोखा है. खासकर एक अकेली महिला को काफी संभल कर चलना पड़ता है. क्योंकि हवा का झोंका पता नहीं कब किसको उड़ा जाए!
सिलीगुड़ी के सेवक रोड में पिछले दिनों घटी घटना कई सवाल खड़े करती है और महिला स्वावलंबन तथा आत्मनिर्भरता पर चोट भी करती है. जवाब किसी के पास नहीं है. पुलिस बार बाला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है. उसके बाद ही उसकी संदिग्ध मौत पर से पर्दा उठेगा. लेकिन अब तक बार डांसर की बहन के आरोप और भक्ति नगर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत को आधार बनाकर इस घटना को देखें तो तेजी से बदलते समाज का एक भयानक चरित्र भी सामने आता है!
दिल्ली की रहने वाली सारिका राजपूत सेवक रोड स्थित एक रेस्टोरेंट कम बार में फ्लोर डांसर थी. वह पिछले दो सालों से सिलीगुड़ी में रह रही थी और इसी रेस्टोरेंट कम बार में फ्लोर डांसर के तौर पर ग्राहकों का मन बहलाया करती थी. सारिका सरकार पाडा में रहती थी, जो भक्ति नगर थाना के अंतर्गत आता है. सोमवार को इसी बार डांसर का शव पुलिस ने उसके सरकार पाडा स्थित किराए के फ्लैट से फंदे से लटका हुआ बरामद किया था.
पहले तो यही लगा था कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है. क्योंकि कई बार इस क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को नाना प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और इस स्थिति में कई बार डांसर या तो डिप्रेशन में चली जाती हैं या फिर इस स्थिति से उबरने के लिए उनके पास खुदकुशी के अलावा कोई रास्ता नहीं रहता है.इस क्षेत्र से जुड़े कुछ अनुभवी लोगों का यह भी कहना है कि यहां लड़कियां स्वेच्छा से आती हैं. उसके बाद वह चाह कर भी इस धंधे से बाहर नहीं निकल पाती हैं.
भक्ति नगर पुलिस ने प्रारंभिक नजर में इसे आत्महत्या के रूप में लिया था लेकिन जब सारिका राजपूत के शव का पोस्टमार्टम हो जाने के बाद उसके शव को दिल्ली ले जाने के लिए आयी बहन ने एक ऐसा रहस्य उद्घाटन किया, जिसके बाद सिलीगुड़ी में रेस्टोरेंट बार की दुनिया में हडकंप मच गया. मृतका की बहन ने भक्ति नगर पुलिस थाने में जो शिकायत दर्ज कराई, उसके अनुसार सारिका राजपूत ने आत्महत्या नहीं की थी. उसने अपनी शिकायत में कहा कि उसकी बहन जिस रेस्टोरेंट कम बार में डांस करती थी, उस रेस्टोरेंट के मालिक और मैनेजर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे.
सारिका की बहन के इस आरोप के बाद पुलिस भी हैरान रह गई और उसने अपनी जांच की दिशा भी बदल दी. अब तक की जांच में जो कुछ पता चला है, उसके अनुसार सारिका राजपूत लगभग 2 साल पहले दिल्ली से सिलीगुड़ी आई थी. उसके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी. वह अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी. और इसके लिए उसने अपनी कला को आजीविका का आधार बनाया. सिलीगुड़ी में वह सेवक रोड स्थित एक रेस्टोरेंट कम बार में अपनी सर्विस दे रही थी.
यहीं से उसकी जिंदगी में कई पड़ाव आने शुरू हुए. समझौता, पैसा और फैशन के साथ ही बदलती दुनिया के साथ एडजस्ट करना आसान नहीं होता है. सारिका राजपूत जो रेस्टोरेंट कम बार में ग्राहकों का अपने होठों पर मुस्कान सजाकर स्वागत करती थी, उसके पीछे का दर्द बढ़ता चला गया. भक्ति नगर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार सारिका लंबे समय से मानसिक दबाव में थी. उसका यौन शोषण हो रहा था.
केवल इतना ही नहीं, हवस और पैसे की भूख इस कदर बढती चली गई कि बाद में सारिका को होटल में आने वाले ग्राहकों के साथ हमबिस्तर होने के लिए भी मजबूर किया जाने लगा. सारिका एक कलाकार थी और अपनी कला से ग्राहकों का मनोरंजन करती थी. लेकिन वह तवायफ या तन बेचने वाली महिला नहीं थी. वह बार डांसर के रूप में ही रहना चाहती थी. लेकिन समाज ने उसके मार्ग में कांटे बिछाने शुरू कर दिए, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सकी. उसने खुद को ही इस दुनिया से मिटा डाला.
हालांकि यह एक आरोप है. पुलिस सच्चाई की तह तक पहुंचना चाहती है और इसके लिए भक्ति नगर थाना की पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. नए आरोप के बाद पुलिस ने मृतका के मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की भी जांच शुरू कर दी है. इस घटना का सच जो भी हो, लेकिन धुंआ ऐसे नहीं उठता है. इस क्षेत्र में आने वाली लड़कियों के अनुभव अच्छे नहीं होते हैं. बहरहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर फोकस कर रही है, ताकि बार बाला की मौत का सच सबके सामने आ सके.

