सिलीगुड़ी के निकट गुलमा प्राकृतिक संपदा से समृद्ध क्षेत्र है. यहां जंगल, हरियाली व नदी के बीच पिकनिक मनाना अथवा दोस्तों के साथ प्रकृति की सैर करना काफी सुकून देता है. आमतौर पर यह क्षेत्र काफी संवेदनशील माना जाता है. यहां आए दिन जंगलों से हाथी और जंगली जानवर निकलते रहते हैं. उनसे खतरा बना रहता है. फिर भी लोग यहां आते हैं और खूब एंजॉय करते हैं.
सिलीगुड़ी के निकट स्थित होने के कारण सिलीगुड़ी के लोगों के लिए गुलमा प्रकृति की इनायत से भरपूर व शांत स्थल है. आमतौर पर छुट्टियों के दिन या इतवार को यहां लोगों की भीड़ लग जाती है. बहुत से लोग इतवार को यहां पिकनिक मनाते हैं. सिलीगुड़ी के सागर प्रसाद भी यहां दोस्तों के साथ घूमने आए थे. लेकिन इस घटना के बाद दोबारा गुलमा जाने की बात शायद नहीं सोचें. चलिए पूरी घटना बताते हैं, जो उन्होंने खबर समय को बताया है.
अगर आप यहां दोस्तों के साथ घूमने आना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. सिलीगुड़ी के पोखाईजोत में रहने वाले सागर प्रसाद अपने दोस्तों के साथ गुलमा घूमने गये थे. उनके साथ एक भयानक ट्रेजेडी हुई है. उन्होंने सोचा था कि दोस्तों के साथ प्रकृति की सैर करेंगे. खूब इंजॉय करेंगे और प्रकृति की एक मधुर याद लेकर सिलीगुड़ी लौटेंगे. मगर ऐसा हुआ नहीं और जो कुछ हुआ, वह उनकी कल्पना के विपरीत था.
सागर प्रसाद ने खबर समय को बताया कि जैसे ही वह अपने दोस्तों के साथ गुलमा पहुंचे, तभी वहां दो फॉरेस्ट गार्ड पहुंचे और उन्होंने बिना कुछ कहे अथवा किसी चेतावनी के उनके साथियों को पीटना शुरू कर दिया. सागर प्रसाद हैरान रह गए. उन्हें समझ में नहीं आया कि अचानक गार्ड ने उन सभी को क्यों पीटा? इस बात को लेकर उन्होंने फॉरेस्ट गार्ड से बहस करनी शुरू कर दी.
सागर प्रसाद ने खबर समय को बताया कि गार्ड नशे में धुत था. वह मेरे किसी सवाल का जवाब नहीं दे रहा था. मैं हर बार उससे यही पूछता रहा कि आखिर उसने उन्हें क्यों मारा? उनकी गलती क्या थी जब इस घटना का वीडियो बनाया जा रहा था, तब फॉरेस्ट गार्ड ने कैमरे के सामने मारने की बात से इनकार कर दिया और कहा कि उसने ऐसा कुछ नहीं किया है. धीरे-धीरे गार्ड और सागर प्रसाद पक्ष के बीच तू तू मैं मैं शुरू हो गई. विवाद बढ़ता देखकर गार्ड वहां से चले गए.
सागर प्रसाद ने खबर समय को दिए वीडियो फुटेज में कहा है कि उन्होंने इस घटना की पुलिस में शिकायत करने का फैसला किया है. आखिर एक सार्वजनिक स्थान पर उन्हें क्यों डिस्टर्ब किया गया? क्या उन्होंने भारतीय संविधान की किसी धारा का उल्लंघन किया है? हालांकि खबर समय को जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार वर्तमान में कुछ अपरिहार्य कारणों से गुलमा विहार को रोक दिया गया है. यही कारण था कि फॉरेस्ट गार्ड ने उनसे वहां से चले जाने के लिए कहा और फिर कथित रूप से उनकी पिटाई की. बहरहाल इस घटना का सच क्या है? यह जांच का विषय है.
