January 11, 2026
Sevoke Road, Siliguri
Uncategorized

गुवाहाटी और हावड़ा के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सिलीगुड़ी के यात्रियों के लिए कितना ‘सूटेबल’?

गुवाहाटी से 14-15 घंटे में कोलकाता और न्यू जलपाईगुड़ी से लगभग सात-आठ घंटे में कोलकाता पहुंच सकते हैं. अगर आप गुवाहाटी से एनजेपी के बीच यात्रा करना चाहते हैं तो इस रेलगाड़ी से केवल 5 घंटे में यात्रा पूरी कर सकते हैं. रेलवे द्वारा घोषणा की गई नई और पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उत्तर बंगाल और असम के यात्री बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. यात्रियों में भारी उत्साह है. रेलवे के द्वारा इस ट्रेन के कुछ नए स्टॉपेज भी निर्धारित कर दिए गए हैं.

इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी और हावड़ा के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. इसी के साथ ही पूरे प्रदेश में रेल यातायात का एक नया अध्याय शुरू हो जाएगा. पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की समय सारणी भी आ गई है और यह ट्रेन गुवाहाटी और हावड़ा के बीच किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी, उसका भी संपूर्ण ब्यौरा रेलवे की तरफ से उपलब्ध करा दिया गया है.

गाड़ी संख्या 27576 कामाख्या हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कामाख्या से शाम 6:15 पर चलेगी और रात्रि 11:30 पर एनजेपी पहुंचेगी. यह ट्रेन कामाख्या और एनजेपी के बीच न्यू बंगाईगांव, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू कूचबिहार व जलपाईगुड़ी रोड पर भी रुकेगी. न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से खुलने के बाद यह ट्रेन अब अलुआबाड़ी में भी रुकेगी. उसके बाद इस ट्रेन का अगला स्टॉपेज सीधे मालदा टाउन होगा. मालदा और हावड़ा के बीच यह ट्रेन अजीमगंज, कटवा और बंडील स्टेशन पर भी रुकेगी.

हावड़ा में ट्रेन का समय सुबह 8:15 है. इस तरह से आप गुवाहाटी से 14 15 घंटे में कोलकाता पहुंच सकते हैं. जबकि न्यू जलपाईगुड़ी से 8 या 8:15 घंटे में कोलकाता पहुंच सकते हैं. हावड़ा से यह ट्रेन संख्या 27575 शाम 6:20 पर खुलेगी और कामाख्या अगले दिन सुबह 8:20 पर पहुंच जाएगी. न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर इस ट्रेन के आने का समय रात्रि 1:40 है.

अब प्रश्न है कि क्या यह ट्रेन सिलीगुड़ी के यात्रियों के लिए सूटेबल है? तो इसका जवाब है कि यह ट्रेन सिलीगुड़ी के यात्रियों के लिए पूरी तरह सूटेबल है. क्योंकि शाम में इस रेलगाड़ी में जगह लेते हैं तो देर रात्रि आप NJP पहुंच सकते हैं और वहां से अपने घर. यात्रा की थकान भी नहीं होगी. एनजेपी स्टेशन पर उतरकर आप सीधे घर जा सकते हैं. इससे समय की काफी बचत होती है और आपका उद्देश्य भी पूरा हो जाता है.

लेकिन इस ट्रेन के लिए हावड़ा से एनजेपी पहुंचने का जो समय निर्धारित किया गया है, वह सिलीगुड़ी के आसपास के इलाकों जैसे बागडोगरा, खोड़ीबाड़ी, नक्सलबाड़ी इत्यादि के यात्रियों के लिए कंफर्टेबल नहीं है. क्योंकि रात में एनजेपी उतरने के बाद उन्हें स्टेशन पर ही सुबह तक का इंतजार करना होगा. अगर आप रात में ही सिलीगुड़ी से दूरस्थ अपने घर जाना चाहते हैं, तो टैक्सी का किराया काफी महंगा पड़ सकता है. सिलीगुड़ी से बाहर के यात्रियों को इस ट्रेन से सफर करने में समय और थकान भी बढ़ जाएगी. हालांकि एनजेपी से कोलकाता जाने का इस ट्रेन का निर्धारित समय अधिक सूटेबल है.

जो भी हो, इस ट्रेन के शुरू होने से सिलीगुड़ी, कोलकाता और गुवाहाटी के बीच दूरी कम होगी. व्यापार और कारोबार में वृद्धि से शहरों का पारस्परिक संबंध मजबूत होंगे. आर्थिक, सामुदायिक और सहयोगात्मक संबंध बढ़ेंगे. इसके साथ ही मेडिकल परिसेवा और व्यक्तिगत पारिवारिक संबंध भी अधिक घनिष्ठ होंगे. सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल में पर्यटन के क्षेत्र में भी नई क्रांति आएगी. इसका प्रभाव संपूर्ण तराई, Dooars और पहाड़ पर पड़ेगा, इसमें कोई दो राय नहीं है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *