इस समय सिलीगुड़ी समेत पूरे देश में चीनी और प्याज की आसमान छूती कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. चीनी 70 रुपए किलो से अधिक दर पर बेची जा रही है. जबकि प्याज का भाव भी ₹60 से 70 रुपए प्रति किलो हो गया है. सिलीगुड़ी में पिछले कुछ दिनों से प्याज और चीनी की महंगाई के साथ-साथ अनाज दालों व सब्जियों के दामों में भी भारी उछाल देखा जा रहा है.
सिलीगुड़ी के लोगों का सबसे ज्यादा बुरा हाल चीनी और प्याज की कीमतों को लेकर है. सब्जी बाजार में प्याज की कीमत अचानक ही ₹60 से लेकर ₹70 किलो तक पहुंच गई है. जबकि कुछ दिनों पहले तक प्याज ₹40 किलो बिक रहा था. इसी तरह से चीनी की कीमत भी ₹48 प्रति किलो थी. अचानक ही इतनी भारी बढ़ोतरी ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है. बहुत से लोगों ने तो फीकी चाय पीनी शुरू कर दी है.
बाजार में लोग कयास लगा रहे हैं कि पूजा तक बाजार में चीनी और सब्जियों की कीमत और बढ़ेगी. लेकिन अचानक ही केंद्र सरकार ने प्याज और चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने का काम शुरू कर दिया है. सरकार की ओर से संकेत मिला है कि अगले कुछ दिनों में चीनी की कीमत स्वाभाविक स्थिति में लौट आएगी. जबकि प्याज को केंद्र सरकार राज्यों के सहयोग से ₹35 प्रति किलो उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएगी.
केंद्र सरकार की एजेंसियों ने पता लगा लिया है कि चीनी के भाव में उछाल जमाखोरी के कारण हुई थी. गन्ने की फसल पर मौसम, गन्ने का रिकॉर्ड उत्पादन न होने का अनुमान, बीमारी और वर्षा के असर को देखते हुए कारोबारियों को बाजार में चीनी की तंगी की आशंका सताने लगी. तब उन्होंने चीनी की भारी खरीद कर उसे गोदाम में जमा कर दिया. इससे देश में चीनी की कमी होने लगी. ऐसे में कीमतों का बढ़ना तय था. अब सरकार ने इस पर सख्ती लगा दी है. जिससे बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ने लगी है.
इस बीच चीनी उद्योग के शीर्ष संगठन इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने दावा किया है कि देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है. 280 लाख टन की देश की घरेलू जरूरत के मुकाबले 306 लाख टन चीनी उपलब्ध है. मिल रहे संकेत के अनुसार शायद इसी हफ्ते चीनी की कीमत में कमी आनी शुरू हो जाएगी.
उधर प्याज को लेकर सरकार ने जो फैसला किया है, उसके अनुसार उपभोक्ताओं को रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा. लगभग ₹35 प्रति किलोग्राम के भाव से प्याज सरकारी दुकानों पर मिलेगा. इसके लिए सरकार ने रेलवे का सहारा लिया है. महाराष्ट्र का नासिक जहां प्याज की बंपर खेती होती है, वहां से माल गाड़ियों में लाद कर प्याज को देश के अलग-अलग राज्यों में पहुंचाया जाएगा.
यह काम शुरू भी हो चुका है. मालगाड़ी प्याज का स्टॉक लेकर गुवाहाटी चल पड़ी है.इसी तरह से देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों मे भी प्याज भेजा जा रहा है. अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो सिलीगुड़ी में सरकारी आउटलेट्स अथवा वैन से ₹35 प्रति किलो की दर से उपभोक्ता प्याज खरीद सकेंगे. या फिर एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया और केंद्रीय भंडार से यह आपूर्ति की जा सकेगी.
हालांकि बंगाल सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई अधिसूचना जारी नहीं की है. लेकिन समझा जाता है कि आने वाले एक-दो दिनों में बंगाल सरकार की ओर से भी बंगाल के लोगों के लिए चीनी और प्याज को लेकर राहत मिल सकती है. इस बीच केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार के खाद्य विभाग के अधिकारियों ने राज्य में चीनी और प्याज की जमाखोरी समेत अन्य खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी को लेकर बाजारों में औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है.
सिलीगुड़ी के बाजार में भी खाद्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा औचक निरीक्षण किया जा रहा है. इसका बाजार और उपभोक्ताओं पर काफी असर पड़ेगा. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही खाद्य वस्तुओं की महंगाई समेत चीनी और प्याज की कीमतों में कमी देखने को मिलेगी.
