August 27, 2026
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नेपाल की सुनामी बिहार और UP को कितना तबाह करेगी? क्या नेपाल में तबाही के लिए चीन जिम्मेदार है?

नेपाल में अचानक आई तबाही में कम से कम 162 लोग मारे गए हैं, जबकि 750 से ज्यादा लोग लापता हो गए हैं. उनमें एक बड़ी संख्या भारतीय पर्यटकों की है, जो नेपाल घूमने आए थे. घटना के 36 घंटे बीत चुके हैं. इस बीच नेपाल में तबाही के जिम्मेदार कारकों का विश्लेषण शुरू हो गया है. आरंभिक रिपोर्ट में कहा गया था कि नेपाल में आपदा का कारण भूकंप था. हालांकि यूएसजीएस ने अब अपनी रिपोर्ट में इस घटना के लिए भूकंप को जिम्मेदार नहीं माना है.

अब सवाल यह है कि अगर नेपाल में तबाही का जिम्मेदार भूकंप नहीं था तो फिर क्या था? वैज्ञानिकों और विश्लेशको ने इसका भी पता लगा लिया है. दूसरी तरफ नेपाल के एक पत्रकार समूह ने इस तबाही के लिए परोक्ष रूप से चीन को जिम्मेदार बताया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर चीन के तिब्बती क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों को आपदा से जोड़ने का दावा किया गया है.

चीन तिब्बत के इस क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देता रहा है. गियरोंग क्षेत्र में चीन के द्वारा पहाड़ियों की कटाई, बस्ती और बंदरगाहों के निर्माण जारी रहने से नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बदलाव आदि के चलते हिमालय का पारिस्थितिकीय तंत्र प्रभावित हुआ है. नेपाल में जो सुनामी आई थी, वह तिब्बत की ओर से ही आई थी. नेपाल के पत्रकार समूह का मानना है कि चीन के द्वारा जानबूझकर पैदा किया गया यह पारिस्थितिकीय संकट है.

नेपाल के पत्रकार समूह के इस दावे में कितनी सच्चाई है, यह तो बहस का विषय है. परंतु नेपाल का भौगोलिक तंत्र कुछ ऐसा है कि स्थानीय विश्लेषको का गणित सटीक नहीं होता है. सैटेलाइट, भूकंप की तरंग, ग्लेशियर इत्यादि की बहुलता में विशेषज्ञ ना तो भूकंप और ना ही प्राकृतिक आपदा की सही गणना कर पाते हैं. नेपाल में जो थोड़ा बहुत बचाव या सतर्कता का क्षेत्र है, वह चीन के द्वारा जारी मौसम बुलेटिन पर आधारित होता है. हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि अगर चीन ने समय पर आपदा की जानकारी नेपाल को दी होती तो इतनी बड़ी तबाही वहां नहीं होती.

खैर ,अब जो सच्चाई सामने आ रही है, उसके अनुसार नेपाल में आई तबाही ग्लेशियर ढहने से हुई थी. यूएसजीएस ने अपनी फाइनल रिपोर्ट दे दी है. अमेरिकी भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने ग्लेशियर के ढहने और उसके बाद मलवे के बहने से उत्पन्न स्थिति जबरदस्त थी. अमेरिकी भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इस घटना की तीव्रता को 5.2 कर दिया है. ग्लेशियर के ढहने और मलबे के बहाव ने नीचे की ओर विनाशकारी प्रभाव पैदा किया, जिसके परिणाम स्वरूप रासुवा, धादिंग और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही आई.

नेपाल में तबाही आ चुकी है. जान माल का भारी नुकसान हुआ है. अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 750 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. कम से कम 130 से ज्यादा भारतीय लापता है. नेपाल में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है. अब सवाल यह भी है कि नेपाल में तबाही के बाद क्या बिहार और उत्तर प्रदेश में भी सुनामी आने वाली है?

यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि नेपाल में बहने वाली नदियां अंततः बिहार और उत्तर प्रदेश में मिल जाती हैं. नेपाल की नारायणी नदी बिहार में गंडक नदी बन जाती है. इसी तरह से बिहार की कोसी नदी का भी नेपाल की नदी से सीधा संबंध है. नेपाल की नदियों में आई सुनामी के चलते बिहार और उत्तर प्रदेश में गंडक और कई नदियों के विनाशकारी रूप लेने की प्रशासन के द्वारा आशंका व्यक्त की गई है. प्रशासन का अनुमान है कि गंडक और दूसरी नदियों में भयानक तबाही आ सकती है.अब इन नदियों में जल स्तर बढ़ना शुरू हो गया है.

नेपाल से सटे बिहार के 6 सीमावर्ती जिलों के साथ ही उत्तर प्रदेश के चार जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. दोनों राज्यों की सरकारों ने रेड अलर्ट जारी कर कोसी नदी के तटबंधों पर सतर्कता बढ़ा दी है. नेपाल के भोटेकोशी और त्रिशुली नदी के बैराजों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नारायणी नदी में बाढ़ आ गई है. बिहार के 6 जिले और उत्तर प्रदेश के चार जिले बाढ़ से प्रभावित हैं.

बिहार में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. बिहार के मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नदी के जल स्तर समेत सभी स्थितियों पर हर संभव ध्यान देने के लिए कहा है. उत्तर प्रदेश में कुशीनगर और महाराजगंज में गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ की संभावना बढ़ गई है. स्थानीय प्रशासन ने महाराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थ नगर ,कुशीनगर और आसपास के नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रो में चौकसी बढ़ा दी है. बहरहाल देखना होगा कि नेपाल में तबाही मचाने के बाद यह सुनामी बिहार और उत्तर प्रदेश में कितनी तबाही लाती है.

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