दुर्गा पूजा से पहले पेट्रोल और डीजल के दाम घटने का संकेत सरकार से मिल रहा है. इस समय सिलीगुड़ी में डीजल और पेट्रोल के बढे हुए दाम से वाहन चालक और सामान्य व्यक्ति काफी परेशान है. डीजल और पेट्रोल की महंगाई का असर खान-पान की वस्तुओं, बाजार तथा अन्य कार्यों पर भी देखा जा रहा है.
सिलीगुड़ी में पूजा का बाजार काफी मंदा है तो उसका एक कारण महंगाई भी है. हर चीज का दाम बढा हुआ है. किचन के सामान महंगे हुए हैं. सरसों तेल का दाम लगातार बढ़ रहा है. इसके अलावा साग सब्जियों के दाम में भी कमी नहीं देखी जा रही है. विशेषज्ञ मानते हैं कि महंगाई का एक बड़ा कारण डीजल पेट्रोल के मूल्य में भारी वृद्धि है.
इसका सीधे सीधे ट्रांसपोर्ट पर असर पड़ता है. यात्रा लागत में वृद्धि होगी तो उसका भार वस्तु की कीमत पर ही डाला जाता है. आज जिस तरह से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने बयानों से उम्मीद जगाई है, उससे लगता है कि नवरात्रि से पहले सिलीगुड़ी वासियों को डीजल और पेट्रोल के बढ़े हुए दाम में राहत मिलेगी. हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं.
आपको बताते चलें कि खाड़ी युद्ध के बाद वैश्विक तेल संकट के कारण भारत सरकार को ना चाहते हुए भी डीजल और पेट्रोल के मूल्य में वृद्धि करनी पड़ी थी. इससे पहले सरकार ने, जब कच्चे तेल के मूल्य में गिरावट थी, तब नवंबर 2021, मई 2022 और मार्च 2026 में पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में कटौती की थी. अब महंगाई और जनता जनार्दन को राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में ₹10 प्रति लीटर की कमी की है.
इससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है. लेकिन हरदीप सिंह पुरी की माने तो सरकार देश के आम उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में उतार-चढ़ाव से बचाना चाहती है, जिसका सीधा असर महंगाई पर पड़ता है. इसके अलावा केंद्र सरकार ईंधन की बिना रोक-टोक आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहती है. उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि आने वाले कुछ दिनों में डीजल पेट्रोल के मूल्य में कटौती के रूप में सार्थक हो सकता है.
इसलिए उम्मीद की जा रही है कि शुल्क में कटौती के कारण तेल कंपनियां डीजल और पेट्रोल के मूल्य की समीक्षा करेगी और जनता को राहत देने के लिए मूल्य में कटौती की घोषणा कर सकती है. यह नवरात्रि से पहले भी संभव हो सकता है या उसके बाद. परंतु यह इस बात पर निर्भर करता है कि brent क्रूड ऑयल की कीमत नहीं बढ़े. इस समय क्रूड ऑयल की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल हो गई है.
हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियां फिलहाल जनता को राहत देने के पक्ष में नहीं है. क्योंकि उन्हें पहले से ही ज्यादा घाटे का सामना करना पड़ रहा है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हालांकि पूरे विश्वास के साथ यह नहीं कहा है कि पूजा से पहले पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में कटौती की जाएगी, परंतु संकेत तो ऐसा ही है कि अब सब कुछ पटरी पर आ गया है. इसलिए जनता को राहत दी जा सकती है.
