ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्राम पंचायत ऑफिस होते हैं. पंचायत ऑफिस में अधिकारी तथा कर्मचारी होते हैं. यह जनता का काम देखते हैं. लेकिन जब कर्मचारी और अधिकारी ड्यूटी समय में ही सरकारी भवन का इस्तेमाल ‘ऐशगाह’ के रूप में करने लगे, तो जनता किससे फरियाद करे!
कुछ ऐसा ही हाल फांसीदेवा ब्लॉक में स्थित विधान नगर ग्राम पंचायत ऑफिस 1 का है. खबर समय को हाकिमपाड़ा निवासी भरत सेवक नामक एक व्यक्ति ने पंचायत ऑफिस में चल रही असामाजिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए एक पत्र लिखा है. इसके अनुसार बिधाननगर ग्राम पंचायत कार्यालय इन दिनों शराबियों और नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है. दिन के समय में ही यहां असामाजिक तत्वों से लेकर नशेड़ियों का अड्डा जमने लग जाता है. मिली शिकायत के अनुसार नशा करने वालों में यहां के कुछ कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्यूटी समय में ही पंचायत ऑफिस के कर्मचारी पंचायत भवन के टेरिस पर चले जाते हैं और वहां अड्डा जमाने लगते हैं. यहां टेरिस पर अनेक तरह की असामाजिक गतिविधि चलती है. लोगों का आरोप है कि छत पर सिगरेट, तंबाकू और शराब की खाली बोतल जहां-तहां पड़ी रहती है. आरोप है कि बिल्डिंग के अंदर खुलेआम यह सब चलता है. लेकिन प्रशासनिक अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.
मिली जानकारी के अनुसार यहां ऑफिस में काम करने वाले अधिकतर पुरुष स्टाफ ऑफिस में आते ही पीने पिलाने में व्यस्त हो जाते हैं. वे आए दिन यहां पार्टी करते रहते हैं. खाली समय का सदुपयोग या तो पीने पिलाने में करते हैं या फिर ऑफिस बंद होने के बाद अपने साथियों के साथ बिल्डिंग की छत अथवा कक्ष में चले जाते हैं.यहां उनकी पार्टी चलती रहती है. आरोप तो यह भी है कि पंचायत के सचिव व कुछ पुराने स्टाफ ने ऑफिस को ऐशगाह बना दिया है.
कुछ समय पहले बिधाननगर ग्राम पंचायत ऑफिस के ऊपरी माले की छत पर महिला कर्मचारियों के लिए केबिन बनाया गया था. वर्तमान में इस केबिन का इस्तेमाल पुरुष कर्मचारी करने लगे हैं. जबकि महिला स्टाफ के रूम को ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट कर दिया गया है. सिर्फ इसलिए कि ऑफिस के लोग स्वतंत्र रूप से यहां पार्टी करते हुए खा पका सकें.
किसी समय बिल्डिंग की छत और कुछ कमरों को गेस्ट रूम या किसी सरकारी कार्यक्रम या जन समुदाय के विशेष कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल किया जाता था. परंतु आज ग्राउंड फ्लोर से लेकर टेरिस तक को कुकिंग और ड्रिंकिंग का अड्डा बना दिया गया है. पंचायत ऑफिस के सामने, आगे पीछे कहीं भी ना तो पार्किंग की जगह है और ना ही इतनी खाली जगह, ताकि ऑफिस में आने वाले लोग यहां अपनी साइकिल या बाइक खड़ी कर सकें.
अगर आप इस पंचायत ऑफिस के अंदर साफ सफाई की बात करें तो ऐसा कोई कमरा नहीं मिलेगा, जहां स्वच्छता का दर्शन हो सके. बिल्डिंग के वॉशरूम से लेकर अन्य कमरों की स्थिति काफी खराब है. यहां सुरक्षा भी भगवान भरोसे है. कोई भी यहां आ सकता है और किसी अप्रिय वारदात को अंजाम दे सकता है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इस पंचायत ऑफिस को नशेड़ियों के चंगुल से बचाया जाए और इसकी पहचान को वास्तविक रूप में बनाए रखा जाए.
राज्य में सरकार बदली है. शासन के कामकाज की शैली बदली है. अधिकारी बदले हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बिधाननगर ग्राम पंचायत ऑफिस 1 में चल रही असामाजिक गतिविधियों की जांच भाजपा सरकार कराएगी तथा दोषी लोगों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
भरत सेवक ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जनता के खोए हुए विश्वास को पुनः बहाल करने की चेष्टा की जाए. उन्होंने ऑफिस में सुरक्षा और स्वच्छता की भी मांग की है.
बहरहाल देखना होगा कि प्रशासन शिकायत की जांच कराता है या नहीं. यह भी देखना होगा कि प्रशासन की तरफ से इस पर क्या कार्रवाई की जाती है. भरत सेवक ने इस पत्र की प्रति BDO,सिलीगुड़ी के विधायक डॉक्टर शंकर घोष, विधायिका श्रीमती अग्निमित्र पाॅल व फांसी देवा पुलिस स्टेशन को भेजी है.
