बंगाल में मूसलाधार बारिश का कहर: NH-10 धंसा, यातायात ठप, 4 दिन का हाई अलर्ट!
बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने पश्चिम बंगाल और बिहार में भारी बारिश का खतरा बढ़ा दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 4 दिनों तक दोनों राज्यों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। तेज बारिश और तेज हवाओं के साथ कई जगह भूस्खलन और सड़क क्षति की घटनाओं की आशंका जताई गई है।
पश्चिम बंगाल में लगातार बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम के कारण पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 6 अगस्त तक दक्षिण बंगाल के जिलों — उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली, पूर्व व पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, पुरुलिया और बांकुरा — में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में भी अगले कुछ दिनों तक मूसलाधार बारिश और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग-10 पर यातायात बंद
लगातार बारिश के चलते उत्तर बंगाल में परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। 10 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के तारखोला इलाके में सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह धंस गया है, जिससे दोनों ओर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। यह मार्ग सिलीगुड़ी को सिक्किम और कालिम्पोंग से जोड़ता है, इसलिए इसका बंद होना यात्रियों और पर्यटकों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन मौसम खराब होने से दिक्कतें आ रही हैं।
बिहार में भी बारिश का असर
मौसम विभाग ने बताया कि बिहार के दरभंगा से मानसून का ट्रफ गुजर रहा है, जिसके कारण अगले 48 घंटे राज्य के 19 जिलों के लिए बेहद संवेदनशील होंगे। भारी बारिश के साथ निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है। 5 अगस्त तक लो प्रेशर का असर रहेगा और उसके बाद मौसमी गतिविधियों में कमी आ सकती है।
आंध्र प्रदेश में तेज हवाएं और तूफान
इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में एक से सात अगस्त तक भारी वर्षा, गरज-चमक के साथ तूफान और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश (NCAP), यनम, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश (SCAP) और रायलसीमा में पांच अगस्त तक यह असर जारी रहेगा।
मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
IMD ने पश्चिम बंगाल और बिहार के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। पर्वतीय और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि ऊंची लहरें और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
पूर्वी भारत में मानसून की यह सक्रियता बारिश के साथ-साथ बाढ़, भूस्खलन और परिवहन अव्यवस्था जैसी चुनौतियां भी लेकर आ सकती है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स
भयानक तूफान का खतरा: बंगाल की खाड़ी में उठा साइक्लोनिक सर्कुलेशन, पश्चिम बंगाल-बिहार में हाई अलर्ट, सड़क धंसने से यातायात ठप !
- by Ryanshi
- August 2, 2025
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- 1 year ago
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