आज सिलीगुड़ी के एसडीओ ऑफिस में लगी आग की चर्चा सर्वत्र हो रही है. यह चर्चा का विषय इसलिए भी है कि इसी एसडीओ के दफ्तर में SIR की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी. जिन लोगों के नाम सिलीगुड़ी की मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें चुनाव आयोग की ओर से नोटिस देकर ऑफिस में बुलाया जा रहा है, जहां उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है.
ऐसी चर्चा है कि एससडीओ ऑफिस के जिन दो कमरों में आग लगी है, उन कमरों में एस आई आर की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी. यहां कंप्यूटर सेट,SIR के ढेर सारे फर्म व अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे गए थे. सूत्रों ने बताया कि आग में वे सभी जलकर राख हो गए हैं. हालांकि हमारे कार्यालय को अब तक इसकी कोई अधिकृत जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है और ना ही पक्के तौर पर यह पता चला है कि इस आगजनी में क्या-क्या नुकसान हुआ है.
सवाल यह उठ रहा है कि ऑफिस में आग कैसे लगी? क्या जानबूझकर आग लगाई गई थी या फिर शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी? सवाल यह भी है कि जिन दो कमरों में महत्वपूर्ण दस्तावेज, एस आई आर फर्म आदि रखे गए थे, उन्हीं कमरों में आग लगी है. तरह-तरह की आशंकाएं उत्पन्न हो रही हैं. पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार एसडीओ ऑफिस में मध्य रात्रि के बाद धुआं उठते देखकर सुरक्षा गार्ड और स्थानीय लोग ऑफिस की तरफ भागे. नजदीक जाने पर उन्होंने देखा कि ऑफिस में आग लगी है. इसके बाद प्रधान नगर थाना की पुलिस और अग्निशमन विभाग को इसकी जानकारी दी गई. अग्निशमन विभाग के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने आग को बुझाने में सफलता प्राप्त की.
एसडीओ ऑफिस के सुरक्षा गार्ड के हवाले से जानकारी मिल रही है कि दो कमरों में आग लगी थी. जिनमें SIR फर्म, दूसरे दस्तावेज और कंप्यूटर रखे गए थे. वे सभी जलकर राख हो गए हैं. यह भी पता चला है कि यह आग अचानक लगी थी. इससे संदेह गहरा होता जा रहा है.
हालांकि आग लगने के कारणों की पुलिस और फायर ब्रिगेड के अधिकारी जांच कर रहे हैं. लेकिन उससे पहले यह चर्चा और अफवाह शुरू हो गई है कि क्या SIR प्रक्रिया को बाधित करने का यह ड्रामा किया गया है? इसका जवाब केवल और केवल पुलिस और फायर ब्रिगेड के लोग ही दे सकते हैं.

