October 30, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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सिलीगुड़ी के कारोबारियों का ‘सरदर्द’ बना एंटी क्राइम ब्यूरो का अधिकारी पहुंचा जेल की सलाखों के पीछे!

शाम का समय था. माटीगाड़ा के परिवहन नगर में उस समय चहल-पहल थी. यहीं आईटी पार्क में एक व्यक्ति इधर-उधर घूम रहा था. फिर वह एक कंपनी के दफ्तर में घुसा. कर्मचारी अपने काम में जुटे हुए थे. उसकी तरफ कर्मचारियों का ध्यान तब गया, जब उक्त युवक ने कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर तरह-तरह के इल्जाम लगाते हुए उन्हें धौंस दिखानी शुरू कर दी. वह खुद को एंटी क्राइम ब्यूरो का अधिकारी बता रहा था.

आईटी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों में पल भर के लिए अफरा तफरी देखी गई. व्यक्ति उनसे दस्तावेज और फाइलों की मांग कर रहा था. इसके साथ ही वह कह रहा था कि कंपनी ने फर्जीवाड़ा किया है. तुम सभी लोग जेल जाओगे…. अधिकारी द्वारा कंपनी के कर्मचारियों को दी जा रही धौंस के बाद मैनेजर से रहा नहीं गया. वे बहार निकल कर आये और खुद को एंटी क्राइम ब्यूरो का अधिकारी बताने वाले युवक से पूछताछ शुरू कर दी.

कंपनी के मैनेजर को तथाकथित एंटी क्राइम ब्यूरो के अधिकारी से पूछताछ के क्रम में उसकी गतिविधियों पर कुछ शक हुआ तो उसने चुपके से इसकी जानकारी माटीगाड़ा थाने को दे दी. इस बीच उन्होंने तथाकथित अधिकारी को इधर-उधर की बातों तथा लेनदेन और सौदेबाजी को लेकर उलझाए रखा. कुछ देर के बाद माटीगाड़ा की पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस को देखते ही अधिकारी के चेहरे का रंग उड़ गया. पुलिस ने युवक का आइडेंटी कार्ड मांग कर देखा. उसकी जांच कराई तो वह नकली निकला.पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया.

युवक को थाने में लाकर पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ करनी शुरू कर दी. पुलिस ने उसके कब्जे से दो फर्जी पहचान पत्र बरामद किए. पुलिस की पूछताछ की कार्रवाई में आखिरकार नकली एंटी क्राइम ब्यूरो की सच्चाई सामने आ ही गई. फिर आईटी कंपनी के मैनेजर की लिखित शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और देर रात नकली एंटी क्राइम ब्यूरो के अधिकारी को गिरफ्तार करने की औपचारिकता पूरी की.

आज सुबह पुलिस ने आरोपी युवक को सिलीगुड़ी कोर्ट में प्रस्तुत करके रिमांड पर लिया है. पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ, आईटी कंपनी के मैनेजर तथा कर्मचारियों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य, व अन्य सबूतों के आधार पर यह घटना उसी अपराध की एक कड़ी है, जब एक अति महत्वाकांक्षी व्यक्ति रातों-रात अमीर बनने के लिए शॉर्टकट मार्ग अपनाता है.

आरोपी युवक का नाम शेखर साहा है. वह अलीपुरद्वार जिले का रहने वाला है. लेकिन वह काफी समय से सिलीगुड़ी के प्रधान नगर थाना अंतर्गत एक मकान में किराए पर रह रहा था और यहीं से वह आईटी कारोबारी, व्यापारियों और कर्मचारियों से वसूली का धंधा कर रहा था.

सिलीगुड़ी में आईटी कंपनियों का धीरे-धीरे विस्तार हो रहा है. अधिकतर कंपनियां सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों जैसे माटीगाड़ा आदि में स्थित हैं. शेखर साहा तेज तर्रार तो था ही, उसने रातों बात अमीर बनने के लिए खुद को एंटी क्राइम ब्यूरो के अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाने का फैसला किया.

दरअसल उसके दिमाग में यह बात थी कि इस क्षेत्र में अधिकतर कारोबारी गलत तरीके से पैसे बनाते हैं.उन्हें डराना धमकाना और उनसे वसूली करना आसान होगा. यही सोच कर उसने एंटी क्राइम ब्यूरो अधिकारी के पहचान पत्र बनवाये और अपना धंधा शुरू कर दिया.

वह सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में स्थित किसी भी आईटी कार्यालय में घुस जाता था. वह खुद को एंटी क्राइम ब्यूरो का अधिकारी बताता था और कर्मचारियों तथा अधिकारियों को डराने तथा धमकाने की कोशिश करता था. फिर वह उनसे सौदेबाजी करने लगता था.

जिन लोगों को उस पर कोई शक नहीं होता था, वे आसानी से पैसे देकर अपना पिंड छुड़ा लेते थे. इस तरह से उसने पूर्व में सिलीगुड़ी, माटीगाडा आदि इलाकों में स्थित कई कंपनियों को अपना शिकार बनाया था और उनसे वसूली की थी.

लेकिन शायद उसके गलत कारनामों का समय पूरा हो गया था. वह गलती से आईटी पार्क के दफ्तर में घुस गया, जहां वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. माटीगाड़ा पुलिस आरोपी युवक से विस्तृत पूछताछ कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि युवक के साथ इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

क्योंकि पुलिस को लगता है कि वह अकेला यह धंधा नहीं कर सकता था. इसलिए पुलिस ने उसके साथियों की तलाश और जांच शुरू कर दी है. जल्द ही इस युवक की सच्चाई सामने आ जाएगी. इसके साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि इस खेल में उसका साथ देने वाले और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं.

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