पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास का यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिलीगुड़ी में एक रोड शो करने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री का यह रोड शो सुर्खियों में है. इसकी तैयारी चल रही है. मिल रही जानकारी के अनुसार मोदी का यह रोड शो ऐतिहासिक होने जा रहा है. रोड शो के जरिए भाजपा शक्ति प्रदर्शन करेगी. भारतीय जनता पार्टी ने अभी से ही इसकी तैयारियां शुरू कर दी है.इससे पहले प्रधानमंत्री 5 अप्रैल को कूचबिहार में एक बड़ी जनसभा करने वाले हैं.
हालांकि यह खबर कयास के रूप में पहले से ही चर्चा में थी. परंतु अब पक्की सूचना मिल रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अप्रैल को सिलीगुड़ी में एक मेगा रोड शो करेंगे. बंगाल चुनाव भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में भी प्रधानमंत्री ने सिलीगुड़ी में एक विशाल जनसभा को संबोधित तो किया था, लेकिन उन्होंने रोड शो नहीं किया था. रोड शो के जरिए नेता सीधे कार्यकर्ता और जनता से जुड़ जाते हैं.
सिलीगुड़ी में अप्रैल के पहले हफ्ते से राजनीतिक तूफान दस्तक देने जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी, ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के अन्य बड़े नेता सिलीगुड़ी में रोड शो अथवा रैलियां कर सकते हैं. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो के बाद या पहले भी हो सकता है. राज्य के दो प्रमुख दलों की ओर से शक्ति प्रदर्शन का गवाह बनने जा रहा है सिलीगुड़ी.
इस बार के बंगाल चुनाव में राजनीति की परिभाषा ही बदलने जा रही है. एक तरफ राज्य में 15 सालों से शासन कर रही टीएमसी भाजपा के उत्तर बंगाल के किले में सेंध लगाने की जबरदस्त कोशिश कर रही है तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी न केवल उत्तर बंगाल का अपना किला ही बचाना चाहती है, बल्कि पार्टी ममता बनर्जी के दक्षिण बंगाल के किले में भी सेंध लगाने की पूरी तैयारी कर चुकी है.
भारतीय जनता पार्टी यह विधानसभा चुनाव करो या मरो की तरह लड़ रही है. भारतीय जनता पार्टी के नेता भी जानते हैं कि अगर इस बार चूक गए तो फिर बंगाल पर राज्य करने का उनका सपना अधूरा ही रह जाएगा. यही कारण है कि भाजपा ने बंगाल पर ज्यादा फोकस किया है और किसी भी तरह से सत्ता में आने के लिए साम दाम दंड और भेद की रणनीति अपना रही है. बंगाल चुनाव ममता बनाम मोदी हो गया है.
एक तरफ ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की जोड़ी पूरे राज्य का दौरा कर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी भी संगठन से लेकर ग्रामीण और शहरी मतदाताओं तक पैठ बनाने की रणनीति बनाने में जुटी हुई है. मार्च का महीना बीत रहा है. अप्रैल में राजनीतिक तापमान बढ़ जाएगा. सभी दलों की ओर से चुनाव प्रचार तेज हो जाएगा.
बंगाल में मुख्य रूप से टीएमसी बनाम बीजेपी के बीच ही लड़ाई है. भारतीय जनता पार्टी एक-एक सीट का ध्यान रख रही है. अगर किसी सीट पर घोषित उम्मीदवार कमजोर नजर आता है तो उसे बदलने में पार्टी कोई संकोच नहीं करती है. जैसे कि कार्यकर्ताओं की मांग पर मयनागुड़ी विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी को बदल दिया गया है. उत्तर बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश फूंकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर बंगाल से चुनाव प्रचार शुरू करेंगे और कोलकाता में इसका समापन करेंगे.
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो का रोड मैप तैयार किया जा रहा है. उनका यह रोड शो कहां होगा और कहां से कहां तक जाएगा, प्रशासनिक इंतजाम, सुरक्षा व्यवस्था आदि पर मंथन चल रहा है. सूत्रों ने बताया कि 5 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूचबिहार रैली के बाद प्रधानमंत्री के सिलीगुड़ी में रोड शो की व्यापक रूप से तैयारी शुरू कर दी जाएगी. अब देखना होगा कि सिलीगुड़ी प्रशासन क्या मोदी के रोड शो की सुरक्षा और अनुमति देने में सक्षम होगा?
