सिलीगुड़ी तथा आसपास में एक पर एक कई महिलाओं अथवा युवतियों की अस्वाभाविक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. ये वे महिलाएं हैं, जो बाहर से आकर सिलीगुड़ी अथवा आसपास के इलाकों में रह रही हैं और जाॅब कर रही हैं. ये महिलाएं किराए के मकान में रहती हैं. ज्यादातर कॉल सेंटर में काम करती हैं. पिछले 2 महीने में सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में 6 से अधिक युवतियों अथवा महिलाओं ने किसी न किसी कारण से अपनी जान दी है. अथवा उनकी जान ली गई है.
लगभग 1 महीने पहले सिलीगुड़ी शहर के 40 नंबर वार्ड के अंतर्गत एक किराए के मकान में एक बार डांसर ने फंदे से लटक कर अपनी जान दी थी. उससे पहले वार्ड नंबर 42 में भी ऐसा ही मामला सामने आया था. सेवक रोड स्थित एक सिंगिंग बार में काम करने वाली दिल्ली की बार बाला ने किराए के मकान में फंदे से लटक कर अपनी जान दी थी. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के अंतर्गत विभिन्न थाना क्षेत्रों में इस तरह के कई मामले पूर्व में भी घटित हो चुके हैं. आए दिन ऐसी घटनाएं घटती जा रही हैं, जिसने पुलिस और प्रशासन की चिंता को बढ़ा दिया है.
पिछले 24 घंटे के अंतर्गत सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि आखिर किराए के मकान में महिलाएं सुरक्षित क्यों नहीं है? क्यों एक वर्किंग वीमन खुद को मिटा रही है या फिर ऐसा करने के लिए उन्हें मजबूर किया जा रहा है या फिर एक सोची समझी योजना के तहत कामकाजी महिलाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है?
अब जो मामला सामने आया है, वह सिलीगुड़ी नगर निगम के एक नंबर वार्ड से जुड़ा हुआ है. जबकि एक दूसरा मामला सिलीगुड़ी के नजदीक नक्सलबाड़ी के रथखोला मोड इलाके का है. यहां एक किराए के मकान में युवती का पुलिस ने सडा-गला शव बरामद किया. मृतका का नाम हेमा मंडल और स्थाई आवास धुलाबाड़ी है. नक्सलबाड़ी पुलिस ने उसकी मौत के लिए उसके पति को आरोपी बनाया है.
अब तक घटना के संदर्भ में जो बात प्रकाश में आई है, उसके अनुसार मृतका का पति बिपलब उत्तर दिनाजपुर जिले के गंगारामपुर का रहने वाला है.वह नेपाल में काम करता था. नेपाल में ही हेमा मंडल से उसकी मुलाकात हुई थी. दोनों में प्यार हुआ और फिर शादी हो गई. शादी के बाद दोनों रथ खोला में किराए के मकान में रहते थे.
दिन में विप्लव काम धंधे के सिलसिले में बाहर रहता था. जबकि उसकी पत्नी हेमा मंडल घर में रहती थी. हालांकि पुलिस ने हेमा मंडल की मौत के मामले में उसके पति को आरोपी बनाया है, परंतु इस संदर्भ में पुलिस कोई महत्वपूर्ण सुराग ढूंढ नहीं पाई है. केवल अंधेरे में तीर चलाए जा रहे हैं. इसलिए पुलिस ने युवती की मौत से उठे किसी भी सवाल का उत्तर नहीं दिया है.
सिलीगुड़ी की पंचानन कॉलोनी जो वार्ड नंबर एक के अंतर्गत आता है, का मामला सुर्खियों में है. प्रधान नगर थाना के अंतर्गत पंचानन कॉलोनी में स्थित एक किराए के मकान में रहने वाली प्रिया विश्वास माटीगाड़ा स्थित एक शॉपिंग मॉल में नौकरी करती थी और पंचानन कॉलोनी में किराए के मकान में रहती थी. मूल रूप से वह उत्तर दिनाजपुर जिले की रहने वाली थी और शादीशुदा थी. वह एक बच्चे की मां भी थी.
माटीगाड़ा पुलिस ने मकान का दरवाजा तोड़कर उसका शव बरामद किया है, जो एक फंदे से लटक रहा था. युवती की मौत कैसे हुई, क्या उसने खुदकुशी की अथवा उसकी हत्या की गई? अभी तक पुलिस कुछ निश्चित नहीं कर पाई है. इन्वेस्टिगेशन से जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार किसी अभिषेक नामक लड़के के साथ युवती का चक्कर चल रहा था. लड़का अक्सर युवती का पीछा करता रहता था, जिससे वह तंग आ चली थी.
फिलहाल पुलिस अभिषेक व अन्य व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है. किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले पुलिस मृतका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है. युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस यह तय कर पाएगी कि युवती की मौत कैसे हुई है.
आमतौर पर ऐसे मामलों में पुलिस पहले अस्वाभाविक मौत का मामला बनाती है. जांच प्रक्रिया शुरू होती है.अभी तक तो यह भी पता नहीं चला है कि इन लड़कियों के द्वारा स्वयं ही खुद को मिटाया गया है अथवा एक सोची समझी साजिश के तहत उनकी हत्या करके उनके शव को फंदे से लटका कर आत्महत्या का रूप दिया गया है.
पुलिस के लिए ऐसे मामलों की जड़ और मौत के सही कारणों का पता लगाना आवश्यक है. यह काम जितनी जल्दी हो सके, किया जाना चाहिए. यह पुलिस के लिए भी चुनौती है. ऐसी घटनाओं की समय रहते जांच भी होनी चाहिए तथा दोषी लोगों को सलाखों के पीछे भेजने की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो असामाजिक तत्वों को इसका लाभ मिलता रहेगा और सिलीगुडी तथा आसपास के इलाकों में किराए के मकान में रहने वाली युवतियों अथवा महिलाओं की सुरक्षा का खतरा बढ़ता रहेगा.
