July 15, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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सिलीगुड़ी, सुकना, सालुगाड़ा और माटीगाड़ा में रहने वालों के लिए बड़ी खबर!

महानंदा ईको सेंसिटिव ज़ोन का दायरा 5 किमी से घटाकर 1 किमी करने पर बनी सहमति, अब केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव।

सिलीगुड़ी: महानंदा वन्यजीव अभयारण्य (महनंदा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी) के प्रस्तावित ईको सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) को लेकर लंबे समय से सिलीगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों में चिंता का माहौल बना हुआ था। स्थानीय लोगों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना था कि यदि ईएसज़ेड का दायरा 5 किलोमीटर तक तय किया जाता है, तो शहर के कई महत्वपूर्ण इलाके इसके दायरे में आ जाएंगे, जिससे विकास कार्यों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

इसी मुद्दे पर समाधान निकालने के उद्देश्य से सिलीगुड़ी गेस्ट हाउस में वन मंत्री मनोज कुमार उरांव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्ता, राज्य के मंत्री आनंदमय बर्मन, मंत्री एवं विधायक शंकर घोष, विधायक शिखा चटर्जी, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा सिलीगुड़ी के विभिन्न व्यापारी और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक में विस्तार से चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि महानंदा वन्यजीव अभयारण्य के ईको सेंसिटिव ज़ोन का दायरा 5 किलोमीटर के बजाय 1 किलोमीटर रखा जाए। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।

बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि यदि 5 किलोमीटर का दायरा लागू होता है, तो सुकना, सालुगाड़ा, माटीगाड़ा, सेवोक रोड के कुछ हिस्सों सहित सिलीगुड़ी के कई घनी आबादी वाले क्षेत्र ईएसज़ेड के अंतर्गत आ सकते हैं। ऐसे क्षेत्रों में बड़े निर्माण कार्य, नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट, होटल, संस्थान और कई प्रकार की विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त पर्यावरणीय अनुमति की आवश्यकता पड़ सकती है। इससे निवेश, आधारभूत ढांचे के विस्तार और शहरी विकास की गति प्रभावित होने की आशंका जताई गई।

बैठक में मौजूद व्यापारी संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण के पूरी तरह पक्षधर हैं, लेकिन शहर के विकास और आम लोगों की जरूरतों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि सिलीगुड़ी उत्तर बंगाल का सबसे बड़ा व्यापारिक और रणनीतिक शहर है, जहां लगातार आबादी बढ़ रही है और नए बुनियादी ढांचे की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है।

वन मंत्री मनोज कुमार उरांव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याओं और विकास संबंधी आवश्यकताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों की राय को ध्यान में रखते हुए 1 किलोमीटर ईको सेंसिटिव ज़ोन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया जाएगा, जिस पर सिलीगुड़ी और आसपास के लाखों लोगों की नजरें टिकी हैं।

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