सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल में बलात्कार की घटनाओं से जुड़ी दो पीड़ित परिवारों को राज्य सरकार द्वारा घोषित मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिली है। इसे लेकर ‘निर्भया दीदी’ के नाम से मशहूर पूर्व विधायक श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने खुलासा किया कि राज्य सरकार ने जिन दो मामलों में मुआवजा देने की घोषणा की थी, वह राशि पीड़ितों तक नहीं पहुँची है।
- दार्जिलिंग (दुर्गापुर चाय बागान): एक युवती के परिवार के लिए घोषित 10 लाख रुपये का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है।
- जलपाईगुड़ी: एक नाबालिग पीड़िता के परिवार के लिए घोषित 2 लाख रुपये की राशि भी उन्हें आज तक प्राप्त नहीं हुई है।
प्रशासन पर उठाए सवाल
श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने सीधे तौर पर सवाल खड़ा किया कि आखिर सरकार द्वारा घोषित यह पैसा कहाँ गया और इसे किसने हड़पा? उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले से संबंधित फाइलों को फिर से खोला जाना चाहिए ताकि यह पता चल सके कि मुआवजे की राशि में किस स्तर पर धांधली हुई है। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को नई सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगी ताकि दोनों पीड़ित परिवारों को उनका हक और न्याय मिल सके।

