आज 11 तारीख है और एक दिन बाद सिलीगुड़ी समेत पूरे भारत में जो होने वाला है, उसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां चल रही है. 12 अगस्त की रात क्या होगा, इस पर तरह-तरह की बातें कही जा रही है. सोशल मीडिया और दूसरे मीडिया प्लेटफॉर्म पर 12 अगस्त की रात को रोमांचक तरीके से पेश किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों में आतंक पैदा करना है. दरअसल 12 अगस्त की रात अमावस्या की रात होगी. यह एक अद्भुत रात होने वाली है.
चलिए बताते हैं कि 12 अगस्त की रात क्या होने वाला है? सिलीगुड़ी के किन लोगों को 12 अगस्त की रात सावधान होने की जरूरत है? यह भी आप जान सकेंगे. दरअसल 12 अगस्त 2026 की रात आसमान में एक बड़ी खगोलीय घटना घटने जा रही है. कुछ समय के लिए चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढकने की स्थिति में होगा. ऐसे में यह रात काफी भयावह हो सकती है.
आप कह सकते हैं कि हिंदुस्तान में रात में सूरज नहीं दिखाई देता है. ऐसे में जब सूरज दिखाई नहीं देगा तो डरने की जरूरत क्या है? यह सच भी है. क्योंकि जब भारत में रात होती है तो दुनिया के कई देशों में सुबह या दिन होता है. सूरज दिन में उदय होता है. इसलिए हिंदुस्तान को सूर्य ग्रहण से क्या लेना देना? बात सही भी है. क्योंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देने वाला नहीं है.
और जब ग्रहण यहां दिखाई नहीं देगा तो फिर सूतक भी कैसे मान्य होगा? ऐसे में लोग पूजा पाठ, मंदिर, दैनिक काम सब पहले की तरह ही कर सकेंगे. परंतु इतना ही सच नहीं है. अगर ज्योतिष शास्त्र और ज्योतिष के विद्वानों की माने तो सूरज ग्रहण भले ही हिंदुस्तान में दिखाई नहीं दे रहा हो, परंतु इसका प्रभाव यहां भी पड़ने वाला है.
किन लोगों पर सूर्य ग्रहण का असर होगा? सिलीगुड़ी के किन लोगों को 12 अगस्त की रात सतर्क होकर रहने की जरूरत है? ज्योतिष शास्त्र के प्रकांड विद्वानों के अनुसार यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लग रहा है. जब ग्रहण होगा तो सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होंगे. ऊपर से अमावस्या भी रहेगी. ऐसी स्थिति में ज्योतिष गणना के अनुसार व्यक्ति के मन, परिवार, पद और फैसले पर इसका असर पड़ता है.
अगर आप कर्क राशि, मकर राशि ,मेष राशि और तुला राशि के हैं तो आपको थोड़ा संभल कर चलने की जरूरत है. यह बात ज्योतिष शास्त्र के विद्वान मानते हैं. विज्ञान का इससे कोई लेना देना नहीं होता है.क्योंकि विज्ञान तो यही बताता है कि सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन ही लगता है. जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है तब सूर्य ग्रहण होता है.
ग्रह स्थिति के अनुसार 12 अगस्त की रात लगभग 9:04 से सूर्य ग्रहण शुरू होगा और इसका अधिकतम प्रभाव 11:15 से 17 मिनट के बीच रहेगा. यह 13 अगस्त की रात लगभग 2:27 पर समाप्त हो जाएगा. भारत में यह सूर्य ग्रहण देखा नहीं जा सकेगा. क्योंकि उस समय भारत में रात होती है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसका विवेचन ना करके ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से इसकी विवेचना करने से पता चलता है कि उपरोक्त राशियों के लोगों के जीवन पर इसका असर पड़ने वाला है.
अगर आप मेष राशि के हैं तो इस ग्रहण के फलस्वरूप आप पर घर की जिम्मेदारियां अचानक बढ़ सकती हैं. यह आपका तनाव भी बढ़ा सकता है. अगर आप वाहन चलाते हैं तो जल्दबाजी न दिखाएं. संपत्ति से जुड़े मामलों में सावधानी से आगे बढ़ें. अपने कार्य स्थल पर गुस्सा घर के लोगों पर ना दिखाएं. यह आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा. लेकिन अगर आप कर्क राशि के हैं तो आपका मन अशांत रह सकता है.
छोटी-छोटी बात आपको परेशान कर सकती है. इस अवधि में आपको कोई बड़े फैसले लेने की जरूरत नहीं है. तनाव में आकर नौकरी छोड़ने, रिश्ता तोड़ने या किसी बड़े निवेश का फैसला न लें. अपने खान-पान पर ध्यान दें. अगर आप तुला राशि के हैं तो आप पर काम का दबाव बढ़ सकता है. आपकी कोई पुरानी गलती सामने आ सकती है. आप बेवजह की राजनीति में ना पड़े. कहीं भी कोई ऐसी टिप्पणी ना करें, जिससे आपकी छवि प्रभावित हो.
लेकिन अगर आप मकर राशि के हैं तो किसी पुराने विवाद, अधूरी सूचना, बिजनेस में वचनबद्धता, इत्यादि मामलों में सावधानी बरतें. किसी सुनी सुनाई बात पर भरोसा ना करें. अन्यथा रिश्ता टूट सकता है. अगर एक वाक्य में कहा जाए तो उपरोक्त राशि के लोग भावनाओं में ना बहें और जमीनी हकीकत को स्वीकार करें. आपको बताते चलें कि यह एक ज्योतिषीय गणना है और विज्ञान इससे सहमत हो, यह जरूरी नहीं है.
आपको बताते चलें कि यह सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, उत्तरी रूस और पुर्तगाल में पूरा दिखाई देगा जबकि यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में आंशिक ग्रहण दिखेगा.
