मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सिलीगुड़ी आ रही हैं. वे माटीगाड़ा में प्रस्तावित विशाल महाकाल मंदिर का शिलान्यास कर जनता में अपनी बदली हुई छवि का संदेश देंगी. मुख्यमंत्री का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. राज्य में एस आई आर और चुनाव आयोग को लेकर ममता बनर्जी की धमकी, कोलकाता में इडी का विवाद और मुकदमा के साथ ही भाजपा पर प्रहार के बीच मुख्यमंत्री का सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल का दौरा काफी महत्वपूर्ण है.
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि मुस्लिम तुष्टिकरण को लेकर भाजपा द्वारा उन पर जो हमले किए जाते हैं, उसका जवाब वह देने आ रही हैं. इससे पहले उन्होंने न्यू टाउन में दुर्गा आंगन का भी शिलान्यास किया था और अब सिलीगुड़ी में ऐतिहासिक महाकाल मंदिर का शिलान्यास उनके हाथों होने जा रहा है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सिलीगुड़ी के लोगों को क्या संदेश देंगी, अटकलों का बाजार गर्म है.
मुख्यमंत्री के सिलीगुड़ी दौरे को लेकर पार्टी और प्रशासन के स्तर पर संपूर्ण तैयारी कर ली गई है. उनकी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. तृणमूल कांग्रेस ने उनके सिलीगुड़ी दौरे को ऐतिहासिक बनाने के लिए बैठक की है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गंगासागर में शाही स्नान के बाद सिलीगुड़ी के लिए प्रस्थान करेंगी. ऐसी चर्चा है कि मुख्यमंत्री 16 जनवरी को सिलीगुड़ी पहुंचेंगी.
माटीगाड़ा इलाके में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का ड्रीम प्रोजेक्ट बंगाल का सबसे बड़ा महाकाल मंदिर का निर्माण किया जाना है. उत्तर बंगाल में पिछले दौरे के समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वयं इसकी घोषणा की थी. यह मंदिर मल्लागुड़ी इलाके में लगभग 28 एकड़ जमीन पर बनने वाला है, जिसका शिलान्यास स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथों होगा. मुख्यमंत्री 16 जनवरी को इसका शिलान्यास करने वाली है. मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए दार्जिलिंग जिला TMC की ओर से एक बैठक की गई है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात बाघाजतिन क्लब के हाल घर में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक हुई. इसमें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने को लेकर एक रणनीति तैयार की गई है. सभी वक्ताओं ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए. इस कार्यक्रम में सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव, SJDA चेयरमैन दिलीप दुग्गड़, वाइस चेयरमैन प्रतुल चक्रवर्ती, सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति अरुण घोष, दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस के चेयरमैन संजय टिबड़ेवाल ,शंकर मालाकार, आलोक चक्रवर्ती समेत प्रत्येक ब्लॉक तथा अंचल के नेता पहुंचे हुए थे.
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी वक्ताओं ने एक स्वर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने की बात कही है. हालांकि मुख्यमंत्री के उत्तर बंगाल और सिलीगुड़ी दौरे को लेकर कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिली है, पर समझा जाता है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक दिन पहले सिलीगुड़ी पहुंच जाएंगी. वे रात्रि विश्राम उत्तर कन्या में करेंगी.शाम को मुख्यमंत्री महाकाल मंदिर को लेकर स्थानीय पार्टी नेताओं में एक चर्चा करने वाली हैं. उसके अगले दिन 16 जनवरी को वह मंदिर का शिलान्यास करेंगी. तत्पश्चात 17 जनवरी को मुख्यमंत्री जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के उद्घाटन समारोह में भाग लेकर कोलकाता लौट जाएंगी. उनके कार्यक्रम में अंतिम समय में बदलाव भी हो सकता है.

