पश्चिम बंगाल में नई सरकार ने बड़ा प्रशासनिक और नीतिगत बदलाव करते हुए केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत’ को राज्य में लागू करने का आधिकारिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब केंद्र सरकार की सभी जन-कल्याणकारी योजनाएं बंगाल में प्रभावी रूप से लागू की जाएंगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित केंद्रीय योजनाओं के बीच समन्वय पहले ही स्थापित हो चुका है। योजना के क्रियान्वयन, पात्रता और संसाधनों को लेकर विस्तृत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही अधिसूचना जारी होने की संभावना है।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकीय बदलाव को ध्यान में रखते हुए BSF को बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. यह काम 45 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.प्रशासनिक सुधारों के तहत राज्य ने आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुरूप राज्य के प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह समायोजित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
सरकार ने युवाओं को राहत देते हुए सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की वृद्धि करने का भी फैसला किया है, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछली सरकार द्वारा लंबित जनगणना संबंधी केंद्र के निर्देश को अब लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी, लेकिन उन्हें पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित किया जाएगा।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि किसी भी मृत व्यक्ति, गैर-भारतीय या अवैध व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही सभी योजनाओं को डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली से जोड़ा जाएगा ताकि लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचे।
इस पूरे घटनाक्रम को राज्य में बड़े प्रशासनिक और नीतिगत बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां सरकार ने विकास और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने की बात कही है।
शुभेंदु सरकार ने आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 और सहयोग पोर्टल की शुरुआत की. सरकार का दावा है कि अब राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा और 30 दिनों के अंदर उसका समाधान किया जाएगा. पटना स्थित संवाद भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इस नई व्यवस्था का उद्घाटन किया. इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सरकार का कहना है कि अब लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. बिजली, पानी, सड़क, राशन, पेंशन, जमीन विवाद, सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी या किसी भी विभाग से जुड़ी शिकायत सीधे सहयोग पोर्टल पर दर्ज की जा सकेगी. इसके अलावा जो लोग ऑनलाइन शिकायत नहीं कर सकते, वे हेल्पलाइन नंबर 1100 पर कॉल करके भी अपनी समस्या बता सकेंगे. ये हेल्पलाइन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक चलेगी.

