जैश आतंकवादी की गिरफ्तारी से हड़कंप! मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की जान को खतरा है?
अगर खुफिया एजेंसी नहीं होती तो क्या होता? असुरक्षा, अशांति, हिंसा और जान माल का भारी नुकसान होता. किसी भी व्यक्ति के चेहरे पर नहीं लिखा होता है कि वह आतंकवादी है. यह खुफिया विभाग के लोग ही होते हैं जो व्यक्ति की गतिविधियों से एक संभावित अनुमान लगा लेते हैं और फिर उसके पीछे […]
