सिलीगुड़ी में आजकल लोगों के नंबर पर बैंक और कंपनियों के कॉल सेंटर के नाम पर मैसेज भेजे जा रहे हैं. आजकल सभी के पास स्मार्टफोन है. हर व्यक्ति का बैंक में खाता भी है. सिलीगुड़ी में विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी बैंकों की शाखाएं हैं. साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं के कारण ग्राहक काफी हद तक सतर्क हैं. लेकिन फिर भी कहीं ना कहीं कुछ भूल चूक के कारण लोग साइबर फ्रॉड के शिकार हो रहे हैं. ऐसे में आपके बैंक खाते की सुरक्षा जरूरी है. इसी पर आधारित है हमारा यह कंटेंट.
अक्टूबर का महीना चल रहा है. इस महीने बैंक से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में कई बदलाव हुए हैं. बैंकों की ओर से डेबिट कार्ड-क्रेडिट कार्ड से संबंधित महत्वपूर्ण सलाह, एटीएम से निकासी, नई चेक बुक व नए नियमों के बारे में ग्राहकों को आगाह किया जा रहा है. कॉल सेंटर में बैठे लोग आपको कभी भी फोन कर सकते हैं. सिलीगुड़ी में अधिकतर लोगों ने इसकी शिकायत भी की है कि उनके बैंक के कॉल सेंटर से डेबिट कार्ड अपग्रेडेशन के बारे में अप्रोच किया जा रहा है.
अगर आप इस तरह की कॉल रिसीव करना नहीं चाहते हैं अथवा डेबिट कार्ड अपग्रेडेशन में आपकी दिलचस्पी नहीं है तो या तो आप अपनी बैंक शाखा में जाकर अधिकारी से बात कर सकते हैं या फिर कॉल सेंटर का नंबर ब्लॉक कर सकते हैं. इससे आपको दोबारा कॉल नहीं किया जाएगा. हालांकि इस तरह की कॉल साइबर फ्रॉड से जुड़ी नहीं होती है. लेकिन कहीं ना कहीं उनकी मंशा उत्पाद खरीदने के लिए ग्राहकों को अप्रोच करना होता है. दरअसल जैसे ही आप अपग्रेडेशन के लिए तैयार होते हैं तो डेबिट कार्ड पर आपका मौजूद वार्षिक शुल्क कई गुना बढ़ जाता है.
बैंक की ओर से ग्राहक को सीधा मैसेज भी भेजा जा सकता है. यह ग्राहक को अलर्ट करने की एक सामान्य प्रक्रिया होती है. इसके अलावा उसमें और कुछ नहीं होता है. कभी-कभी बैंक के द्वारा आपको फोन भी किया जा सकता है. अगर ऐसा फोन वास्तविक होगा तो ग्राहक से इस तरह की कोई बात नहीं की जाएगी, जिससे कि उसकी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक होने का खतरा हो. जैसे ओटीपी, पिन आदि के बारे में पूछा नहीं जाता है. शाखा बैंक से संपर्क करने के लिए कहा जाता है.
ऐसे मैसेज और फोन कॉल को वास्तविक माने और अपनी बैंक की शाखा से संपर्क करें. जनवरी 2027 से आपके बैंक के द्वारा जारी की गई मौजूदा चेक बुक बेकार हो जाएगी. ऐसे में नयी चेक बुक के लिए बैंक की ओर से आपको मैसेज किया जा सकता है. आपको भी नई चेक बुक के लिए आवेदन करने के लिए तैयार रहना चाहिए. अगर आप गूगल या इंटरनेट पर बैंक संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो बैंक के आधिकारिक साइट पर ही जाएं. क्योंकि सोशल मीडिया पर बैंक से मिलती-जुलती साइट डाउनलोड करने पर आप एक बड़ी मुसीबत का शिकार हो सकते हैं.
आपके फोन पर आने वाली काल से सावधान रहे. त्योहारों का मौसम है. कुछ ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के द्वारा आपको फोन किया जा सकता है. इसकी आड़ में कुछ साइबर ठग भी आपको फोन कर सकते हैं. वे अपने उत्पाद के बारे में प्रलोभन देंगे. वे फोन भी कर सकते हैं या फिर व्हाट्सएप मैसेज कर सकते हैं. इसमें आपसे पूछा जाएगा कि अगर आपको उनकी प्रोडक्ट्स पसंद नहीं है तो N करें और अगर पसंद है तो Y पर बटन दबाए. इस तरह का लिंक आए तो आपको सावधान हो जाना है. ना तो आपको N पर क्लिक करना है और ना ही Y पर. ऐसे लिंक और मैसेज को नष्ट कर दे.
पिछले कुछ समय से सिलीगुड़ी ऑनलाइन साइबर ठगी का केंद्र बन गया है. पूजा का समय चल रहा है. कुछ दिनों में भीड़भाड़ बढ़ेगी. लोग खरीददारी करने के लिए भी निकलेंगे. ऐसे में आपकी सतर्कता जरूरी है. जिस तरह की सिलीगुड़ी साइबर क्राइम थाने की रिपोर्ट मिल रही है, उससे पता चलता है कि सिलीगुड़ी शहर में ऑनलाइन ठगी का एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क काम कर रहा है. सिलीगुड़ी साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जो देश के अलग-अलग राज्यों में हुई करोड़ों की साइबर ठगी के से किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं
सिलीगुड़ी के आदर्श नगर कॉलोनी के रहने वाले हबीब और जलपाईगुड़ी जिले के कोतवाली थाना के अंतर्गत कचुआ गांव के रहने वाले मौसुमी कविराज पर आरोप है कि दोनों ने अलग-अलग मामलों में एक करोड़ 68 लाख से अधिक रुपए की ऑनलाइन ठगी की है. फिलहाल दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है. कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. जहां कदम कदम पर ठगी और फरेब का जाल बुना जा रहा हो, वहां सतर्कता पहले से अधिक जरूरी है. तभी आप अपने बैंक खाते की सुरक्षा अधिक कर सकते हैं.
