पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने अन्नपूर्णा भंडार योजना का फॉर्म जारी कर दिया है. सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में अन्नपूर्णा भंडार योजना का फॉर्म लेने के लिए महिलाओं की सरकारी दफ्तरों में भीड़ लग रही है. पिछले दिनों सिलीगुड़ी एसडीओ दफ्तर में महिलाओं की लंबी कतार देखी गई. 1 जून से अन्नपूर्णा भंडार योजना का फॉर्म ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगा.
अन्नपूर्णा भंडार के तहत पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार हर महिला के डीबीटी लिंक वाले खाते में ₹3000 महीना हस्तांतरित करेगी. जल्द से जल्द पैसा पाने के चक्कर में महिलाएं फॉर्म भर रही हैं. 12 पेज का यह फॉर्म अन्नपूर्णा भंडार पाने की इच्छुक महिलाओं को जटिल लग रहा है. क्योंकि इसमें केवल महिला का ही नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार की कुंडली मांगी जा रही है, जिसको लेकर महिलाएं भी नाराज हैं.
हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह फार्म मात्र अन्नपूर्णा भंडार पाने के लिए नहीं है. बल्कि इस फार्म के जरिए सरकार महिला की पारिवारिक स्थिति का डिटेल जानना चाहती है, ताकि भविष्य में केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को मिलता रहे. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मंत्री अग्निमित्र पाॅल ने भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है. सरकार महिला के परिवार से प्राप्त जानकारी का किसी भी तरह से दुरुपयोग नहीं करेगी.
खैर जो भी हो, यह फॉर्म भरना महिला के लिए आसान नहीं है. इसके लिए महिलाओं को या तो साइबर कैफे में जाना होगा या फिर सरकारी अधिकारी उनके घर जाकर फॉर्म भरने में मदद कर सकते हैं.लेकिन महिलाएं इतनी जल्दी में है कि उन्हें सरकारी अधिकारी या बी एल ओ का इंतजार करना पसंद नहीं है. वे चाहती हैं कि जल्द से जल्द फॉर्म भरा जाए ताकि उनके खाते में ₹3000 हर महीने मिलता रहे.
महिलाओं में कितनी बेसब्री है, इसका प्रमाण बागडोगरा पोस्ट ऑफिस से लेकर सिलीगुड़ी पोस्ट ऑफिस और बैंकों में देखा जा सका है, जहां डीबीटी लिंक के लिए सुबह से महिलाओं की भीड़ बैंकों और पोस्ट ऑफिस के सामने लग जाती है. महिलाओं की इसी बेसब्री का फायदा उठाने के लिए सिलीगुड़ी में साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं. इसलिए आपको सावधान किया जा रहा है. खुफिया सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि सिलीगुड़ी में साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं और उनकी नजर महिलाओं पर टिकी है.
सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट की ओर से भी अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ उठाने वाली महिलाओं को सावधान किया जा रहा है. दरअसल डीबीटी लिंक के जरिए ही ठगी की घटनाएं हो रही हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस योजना की आड़ में इंटरनेट मीडिया पर फर्जी लिंक और ऑनलाइन फॉर्म के जरिए लोगों के बैंक खाते खाली करने का जाल बिछाया जा रहा है. सिलीगुड़ी में तो पहले से ही साइबर ठगी की अनेक घटनाएं घट चुकी हैं.
कुछ दिनों पहले ही सिलीगुड़ी में किराए पर बैंक खाता लेकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के कुछ लोग पकड़े भी जा चुके हैं. आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं.जून महीने से अन्नपूर्णा भंडार योजना का फॉर्म भरने का काम शुरू होगा. ऐसे में महिलाओं को सावधान होने की जरूरत है अन्यथा आपकी मेहनत की कमाई एक झटके में ही साइबर ठगों के जेब में जा सकती है.
जून महीने में लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राशि पाने वाली महिलाओं का सरकार सत्यापन कराएगी. जून महीने में लक्ष्मी भंडार की जगह पर अन्नपूर्णा भंडार शुरू हो जाएगा. लाभार्थियों की दोबारा जांच और सत्यापन में ही कई बार जल्दबाजी में अप्रिय घटनाएं घट सकती हैं. राज्य सरकार ने पहले ही कहा है कि महिलाओं को जल्दी करने की जरूरत नहीं है. उन्हें 3 महीने का समय दिया गया है. इसलिए फॉर्म भरते समय पूरी सावधानी बरतें.
अगर आप ऑनलाइन अन्नपूर्णा भंडार योजना का फॉर्म भर रही हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि अनेक साइबर ठग फर्जी वेबसाइट और लिंक के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार अन्नपूर्णा भंडार योजना के नाम पर कई फर्जी लिंक इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किये जा रहे हैं. इन पर क्लिक करते ही आप साइबर ठगों के जाल में फंस सकती हैं.अतः पुलिस ने लाभार्थियों से अपील की है कि ऑनलाइन फॉर्म भरते समय किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी शेयर ना करें.
सरकारी वेबसाइट पर ना तो आपसे पैसे लिए जाएंगे और ना ही ओटीपी साझा करने का ऑप्शन रहेगा . सरकारी वेबसाइट आवेदन के दौरान आपसे ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने की भी बात नहीं कहेगी. हां आपसे बैंक खाता, नंबर जैसी आवश्यक जानकारी मांगी जा सकती है. लेकिन किसी भी प्रकार का ओटीपी, ऑनलाइन भुगतान या चार्ज आदि नहीं लिया जा सकता है. ऐसे में अगर कोई भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक आता है तो उससे बचने की कोशिश करें. सतर्क रहकर ही साइबर ठगों की मंशा को नाकाम कर सकती हैं.
