त्यौहारों का मौसम शुरू होने वाला है.सिलीगुड़ी के पब, बार, होटल, रेस्टोरेंट, आदि कई ऐसे व्यावसायिक क्षेत्र हैं, जिनकी कमाई वहां बिक्री होने वाली शराब और म्यूजिक, डांसर बालाओं से होती है. सिलीगुड़ी के सिंगिंग बार हो या पब रेस्टोरेंट या फिर 3 स्टार होटल की चहल पहल, अब देश के बड़े महानगरों के होटलों और बारों की तरह ही बढ़ने वाली है. राजस्व कमाई के लिए आबकारी विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है, जो शराब लाइसेंस से लेकर उसकी बिक्री, बार संचालन और सर्विस को लेकर है.
आबकारी विभाग द्वारा लागू किए गए विभिन्न नियमों की विवेचना के पश्चात यह कहा जा सकता है कि लोगों के मनोरंजन, विलासिता और मन बहलाव का विभाग ने पूरा ख्याल रखा है, तो वहीं दूसरी तरफ आबकारी विभाग के जारी औसत नियम यह संकेत करते हैं कि अब सिलीगुड़ी के पब, बार, रेस्टोरेंट या 3 स्टार होटल रात भर गुलजार रह सकते हैं. क्योंकि अब इन सभी स्थलों को रात्रि 12:00 बजे के बाद जारी रखने के लिए सरकार को अतिरिक्त पैसे देने होंगे.
आबकारी विभाग के नियमों में बदलाव के बाद बार संचालकों तथा मालिकों को त्यौहारों के समय कमाई करने का अवसर मिल गया है. अब तक के नियमों के अनुसार रात्रि 12:00 बजे तक ही इन्हें संचालित करने की अनुमति प्राप्त थी. आबकारी विभाग के अधिकारियों ने जो नई व्यवस्था लागू की है, उसके अनुसार इन्हें अब देर रात तक चलाया जा सकता है. हालांकि रात्रि 12:00 के बाद प्रत्येक घंटे के लिए मालिकों के द्वारा अतिरिक्त भुगतान करना होगा. जो न्यूनतम ₹2000 होगा. हालांकि समय सीमा 2:00 बजे तक ही निश्चित है.
हालांकि आबकारी विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 2:00 वाला नियम सभी पबों, बारों या होटलो के लिए नहीं होगा. बल्कि कुछ चिन्हित रेस्टोरेंट, पब, बार आदि पर लागू होगा, जो निर्धारित मानकों को पूरा करेंगे. इसके बाद ही उन्हें रात्रि 2:00 बजे तक संचालित किया जा सकता है. वहां ग्राहकों की सुरक्षा और प्रशासनिक नियमों के पालन की शत प्रतिशत गारंटी देनी होगी.
सिलीगुड़ी के विधायक और राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने अपने एक बयान में कहा है कि अगर आबकारी विभाग ने संबंधित क्षेत्रों के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए हैं तो पुलिस प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि नियम और कानून का पालन सख्ती से किया जाए. उन्होंने बताया कि इसके बारे में उन्हें सिलीगुड़ी से प्रकाशित एक लोकप्रिय अखबार से जानकारी मिली है.
उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी के लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो,इसका ध्यान रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य नियमों और कानून के दायरे में हो तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. आबकारी विभाग को संबंधित क्षेत्र में नियमों में बदलाव का पूरा अधिकार है. लेकिन यह बदलाव जनता के हितों को ध्यान में रखकर भी किया जाना चाहिए.
शंकर घोष की बात अपनी जगह पर ठीक है. आबकारी विभाग द्वारा सिलीगुड़ी के होटल, पब, बार आदि मालिकों पर दिखाई गई मेहरबानी निर्धारित शर्तों और कानून के दायरे में हो तो ज्यादा बेहतर होगा. क्योंकि इतिहास गवाह है कि कई बार संबंधित क्षेत्र के लोग कानून को ताक पर रखकर दुकान संचालन करते हैं जो कभी-कभी दुखदाई घटना के रूप में बदल जाती है.
जिन बारों और होटलों को आबकारी विभाग ने राहत दी है, उनमें 3 स्टार या उसके ऊपर के होटल, बार, रेस्टोरेंट वाले बार, क्लब, पब्लिक रिजॉर्ट, टूरिस्ट लॉज इत्यादि से जुड़े बार और पब शामिल है. रात्रि 12:00 के बाद इन संबंधित निकायों को खोलने के अलग-अलग चार्ज होंगे. त्यौहारों पर मालिकों को कुछ ज्यादा ही जेब ढीली करनी होगी. हालांकि क्रिसमस और न्यू ईयर पार्टी के दौरान आबकारी विभाग के द्वारा उन्हें कुछ विशेष छूट दी जा सकती है. हालांकि इसके लिए भी बार मालिकों को आबकारी आयुक्त के साथ कुछ शर्तों पर हस्ताक्षर करने होंगे.
आबकारी विभाग ने सिलीगुड़ी के सिंगिंग बारों को भी काफी राहत दी है. ऐसे सिंगिंग बार जहां म्यूजिक, डांस या प्रोफेशनल एंटरटेनमेंट की व्यवस्था हो, उन्हें सुबह 4:00 बजे तक संचालित किया जा सकता है. हालांकि इसके लिए भी सिंगिंग बार मालिकों को अतिरिक्त भुगतान करना होगा. लेकिन जहां ना म्यूजिक ना डांस ना सिंगिंग हो यानी पूरी तरह प्लेन हो, वहां निकाय को चालू करने से लेकर बंद करने तक की कोई पाबंदी नहीं है. यानी 24 घंटे खुला रख सकते हैं.
इन सभी के बावजूद अगर आबकारी आयोग को संबंधित संस्थाओं के खिलाफ कोई गंभीर शिकायत मिलती है तो आबकारी आयुक्त किसी भी समय किसी भी संस्थान को बंद कर सकता है. बहरहाल देखना होगा कि आने वाले समय में आबकारी विभाग के नए नियम सिलीगुड़ी की प्रशासनिक व्यवस्था को किस तरह प्रभावित करते हैं.

