May 30, 2026
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अब कागज नहीं, प्लास्टिक के नोट जेब में होंगे!

अभी तक तो आपने कागज के नोटों का लेन देन किया होगा. लेकिन जल्द ही आपकी जेब में प्लास्टिक के नोट होंगे. प्लास्टिक के नोट को लेकर कई तरह के सवाल और उत्सुकता आपके मन में होगी. जैसे प्लास्टिक के नोटों को मोड़ने में दिक्कत होगी या फिर पर्स में संभाल कर रखने में कठिनाई होगी. आदि आदि. आप सोच रहे होंगे कि यह व्यावहारिक रूप से आसान नहीं होगा. लेकिन जो खबर आ रही है, वह आपकी शंकाओं का समाधान कर देगी.

प्लास्टिक के नोट हल्के औ मोडने में आसानी वाले होंगे. क्योंकि ये नोट पॉलीमर के होंगे, जो वजन में काफी हल्के होते हैं और इन्हें मोड़ना बहुत आसान होता है. इन प्लास्टिक के नोटों की एक खास विशेषता यह है कि इसमें सुरक्षा के लिए कई आधुनिक फीचर शामिल किये जा सकते हैं, जो कागज के नोटों पर संभव नहीं होते हैं. यही कारण है कि प्लास्टिक के इन नोटों को अधिक सुरक्षित माना जा रहा है.

प्लास्टिक के नोटों की एक खास बात यह भी है कि यह लंबे समय तक टिकाऊ होते हैं और फटने का डर भी नहीं होता है. अधिक सुरक्षा फीचर जुड़ने के कारण इन नोटों का डुप्लीकेट या जाली तैयार करना मुश्किल होगा. कागज के नोट पानी में खराब हो सकते हैं. ये ये फट सकते हैं. या फिर गल सकते हैं. प्लास्टिक के नोट होने पर इस तरह की चिंता नहीं होती है.

जिस तरह से भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से संकेत मिल रहे हैं, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि जल्द ही प्लास्टिक के नोट मार्केट में आ जाएंगे.हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक पहले से ही देश में प्लास्टिक के नोट जारी करने का विचार कर रहा था. इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक की दो-दो बार बोर्ड बैठक भी हो चुकी है. पटना और मुंबई में हुई बोर्ड मीटिंग में देश के बाजारों में प्लास्टिक नोट लाने पर चर्चा हुई है.

मीडिया रिपोर्ट से पता चलता है कि अधिकारियों की बोर्ड मीटिंग में आम सहमति बन चुकी है. वर्तमान समय में इसकी जरूरत भी महसूस की जा रही है. भारतीय रिजर्व बैंक कागज के नोट छापता है. यह एक खास तरह का पेपर होता है. अब कागज की जगह प्लास्टिक होगा तो इसे देश में एक बहुत बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. अब इस पर मंथन शुरू हो गया है कि बाजार में प्लास्टिक के नोट जारी करने पर उसका क्या असर होगा.

आपको बताते चलें कि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया काफी समय से देश में प्लास्टिक के नोट लाने पर विचार कर रहा है. 2012 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने पांच शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्लास्टिक नोट लाने की तैयारी की थी. लेकिन तब कुछ तकनीकी चुनौतियां सामने आ गई, जिसके कारण इस योजना को रद्द करना पड़ गया. लेकिन वर्तमान स्थितियों में राजनीतिक गलियारों में भी प्लास्टिक के नोट की चर्चा शुरू हो गई है.

वास्तव में भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार दो कारणों से प्लास्टिक के नोट लाने पर विचार कर रहे है. पहला प्लास्टिक के नोट की लागत कम होगी और दूसरा प्लास्टिक का नोट लंबे समय तक टिकाऊ रहता है. जिस तरह से आम सहमति बनी है उसे देखते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि जल्द ही भारतीय रिजर्व बैंक प्लास्टिक बैंक नोट के पायलट प्रोजेक्ट का ऐलान कर सकता है.

बाजार में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि जल्द ही लेनदेन में प्लास्टिक के नोट शामिल हो जाएंगे. अब सवाल यह है कि प्लास्टिक के नोट बाजार में कब आएंगे. उसकी छपाई कब शुरू होगी. प्लास्टिक की करेंसी का बाजार पर क्या असर होगा? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन सभी मुद्दों पर विचार विमर्श शुरू हो गया है. अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो सिलीगुड़ी के लोगों को जल्द ही प्लास्टिक के नोट देखने को मिलेंगे, जो काफी हल्के, टिकाऊ और सुरक्षित होंगे.

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