किसी भी बैंक या कंपनी में निवेश करने से पहले सावधान हो जाएं. यह खबर उन लोगों के लिए है, जो ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं जहां उनका पैसा कम समय में डबल हो जाए. अगर आप ऐसे किसी बैंक या कंपनी की तलाश कर रहे हैं तो आपका पैसा तो डूबेगा ही. इसके साथ ही आपकी प्रतिष्ठा भी जाएगी.
क्योंकि वर्तमान समय में ऐसी कोई कंपनी या बैंक नहीं है जो 25 महीने में आपके पैसे को डबल कर सके. अगर कोई कंपनी या बैंक ऐसा करने का दावा करता है तो समझ जाइए कि जरूर कोई झोल झाल है. आपके साथ धोखा हो सकता है!
मिल रही जानकारी के अनुसार बी.बी.इ.बी. प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के दफ्तर में कुछ कर्मचारियों के अलावा एक ही व्यक्ति और उसका परिवार कंपनी को संचालित कर रहा था. कहा जा रहा है कि इस कंपनी की ओर से पूरे बंगाल में एजेंटों को कमीशन पर रखा गया था. एजेंट अपने अपने इलाके में ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते थे, जो कम समय में अपना रुपया डबल देखना चाहते थे.
ये लोग खासकर बस्तियों में रहने वाली महिलाओं के पास या ऐसे कम पढ़े लिखे लोगों के पास जाते थे, जिनके पास रुपया होता था लेकिन वे निवेश कहां करें, उन्हें पता नहीं होता था. एजेंट उन्हें रास्ता बताते थे और 25 महीने में उनका पैसा डबल करने की गारंटी देते थे. मजे की बात तो यह है कि इन एजेंटों के पास कंपनी की मोटी मोटी किताबें, बही और फिक्स्ड डिपॉजिट के छपे फार्म होते थे.
ये सभी लैपटॉप पर काम करते थे. घर ही उनके ऑफिस होता था. लोगों का भरोसा जीतने के लिए एजेंट उस भुगतान पेपर को भी उन्हें दिखाते थे, जहां 25 महीने में किसी निवेशक का पैसा डबल हो गया और उसका भुगतान किया गया था. यह प्रमाण के तौर पर रखा जाता था. एजेंट तो एजेंट ही होते हैं. किसी व्यक्ति के मूड को भांप कर उसे अपने रंग में रंगने का उनके पास विशेष हुनर होता है.
लोगों का भरोसा जीत कर इन एजेंटों के जरिए कंपनी को निवेश कराया गया. जिस पर कंपनी ने उनका कमीशन भी दिया था. आरंभ में तो लोगों ने छोटी रकम से यह सोचकर निवेश किया कि अगर पैसा डूब भी गया तो कोई बात नहीं होगी. कंपनी की ओर से 25 महीने में उनके निवेश की रकम का दुगना भुगतान भी कर दिया गया. इससे कंपनी पर निवेशकों का भरोसा बढा, तो कंपनी को बड़ी रकम भी प्राप्त होने लगी.
कुछ ही महीनों में बंगाल के विभिन्न जिलों से कंपनी को करोड़ों रुपए निवेश के लिए प्राप्त हुए. उसके बाद जैसा कि होता है, कंपनी बंद हो गई. निवेशक डबल के लिए कंपनी के दफ्तर गए तो उन्होंने अपना सर थाम लिया. फिर तो पुलिस थानों में शिकायत पहुंचने लगी. हावड़ा के बांतरा, शिवपुर, चटर्जी हॉट, बी गार्डन, पूर्वी वर्धमान, हुगली आदि विभिन्न थानों में लोगों ने कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.
अंतिम शिकायत हावड़ा के एक शिकायतकर्ता ने बांतरा थाने में दर्ज कराई, जिसने एक भारी रकम निवेश किया था. पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया. उसके बाद बंगाल पुलिस ने इस पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी. सच्चाई का पता लगाने और मामले की जांच के लिए हावड़ा सिटी पुलिस की डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की टीम बनाई गई. इस टीम ने फर्जी निवेश कंपनी के कार्यालय के अधिकारियों को ढूंढ निकाला.
फर्जी कंपनी के तीन निदेशकों समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.गिरफ्तार लोगों में कंपनी के निदेशक सुजय कांजीलाल, उनकी मां नमिता कांजीलाल, उनकी पत्नी सुदृषा कांजीलाल तथा कंपनी के तीन कर्मचारी तनुश्री बंदोपाध्याय, अनिरवाण कुंडू और अभिषेक पाल शामिल है. अब तक मिली जानकारी के अनुसार 2024 में इन फर्जी कंपनी के अधिकारियों ने निवेशकों से 25 महीने के भीतर निवेश की राशि दोगुनी करने का प्रलोभन देकर कुल 13 लाख रुपए निवेश कराए.
शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए कुछ रकम वापस की गई. लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया. पुलिस का दावा है कि अब तक की जांच में लगभग 16 करोड रुपए के वित्तीय घोटाले के तथ्य सामने आए हैं. इस कंपनी में निवेश करने वाले अधिकतर कोलकाता और आसपास के जिलों के लोग हैं. सिलीगुड़ी से कितने लोगों ने इस कंपनी में निवेश किया था, इसकी अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.
पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है. डीसीपी राहुल मिश्रा के अनुसार इस धोखाधड़ी में कई बड़े लोग शामिल हो सकते हैं. पुलिस उनका पता लगा रही है. सूत्र बता रहे हैं कि इस मामले में और भी कई गिरफ्तारियां हो सकती है. क्योंकि ठगी का यह धंधा बड़े पैमाने पर हो रहा था. और यह किसी पहुंच वाले व्यक्ति के बगैर नहीं हो सकता था. इस घटना को आपके समक्ष रखने का एक बड़ा कारण आपको सतर्क करना है. ऐसे किसी प्रलोभन में ना आएं और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित जगह निवेश करें.
