जब आप सिलीगुड़ी से सेवक की ओर जाते हैं या फिर पहाड़ तथा Dooars से सिलीगुड़ी आते हैं तो रास्ते में तीस्ता नदी पर अंग्रेजी राज के बने कोरोनेशन ब्रिज से आपका सामना होता है. यहां अक्सर जाम लगता है.क्योंकि यही एकमात्र पुल है जिससे पैदल और वाहन दोनों ही गुजरते हैं. कभी-कभी तो यह जाम काफी लंबा और थकाऊ होता है. लेकिन यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि 12 साल के बाद घुरे के भी दिन फिर जाते हैं.
बरसों से लड़खड़ा रहे कोरोनेशन ब्रिज के भी दिन फिर गए हैं. इस ब्रिज के समानांतर एक नया और बड़ा ब्रिज बनाने की तैयारी बाकायदा शुरू हो चुकी है. यह नया ब्रिज NH 10 के आसपास सेवक में बनाया जा रहा है. यह ईपीसी मोड़ पर बनाया जाएगा. आज टेंडर निकाला गया है. इस खबर के बाद सिलीगुड़ी से लेकर पहाड़, Dooars और समतल के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों में खुशी देखी जा रही है. लोगों के चेहरे पर इस मुस्कान को लाने के पीछे भाजपा सांसद राजू विष्ट की मेहनत और लगन को श्रेय दिया जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी.
सिलीगुड़ी, समतल, Dooars और पहाड़ के लोगों की एक भारी जीत हुई है. वर्षों से सेवक में तीस्ता नदी पर बने कोरोनेशन ब्रिज के समानांतर एक नए पुल निर्माण की मांग की जा रही है. इसके लिए Dooars और तराई के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आंदोलन भी किये और राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी खत लिखे थे. आज उनका भी परिश्रम सार्थक सिद्ध हुआ है.
आज सिलीगुड़ी और आसपास के लाखों लोगों का चिर प्रतीक्षित सपना पूरा हुआ है. क्योंकि नए पुल और रास्ता निर्माण के लिए आज टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई. अखिल भारतीय भाजपा प्रवक्ता और दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने बताया कि आज नए पुल निर्माण के लिए एक टेंडर निकाला गया है.
नया पुल ईपीसी मोड पर बनाया जाएगा. यह अब तक का सबसे बड़ा पुल होगा और जो रास्ता बनेगा वह सिक्स लेन का होगा. सरकार ने देर आए दुरुस्त आए की तरह ही इस मिशन को अपने हाथ में लिया है. नितिन गडकरी का पुल निर्माण के लिए शुरू से ही पॉजिटिव रूख रहा है.
कुछ समय पहले कोरोनेशन ब्रिज के समानांतर वैकल्पिक सेतु निर्माण के लिए फोर लेन का नक्शा बनाया गया था. फिर इस पर MORTH की स्टैंडिंग कमेटी ने विचार किया कि अगर भविष्य में आबादी बढ़ती है तो फोर लेन से काम नहीं चलेगा. इसलिए प्रस्तावित विचार में बदलाव किया गया और उसे सिक्स लेन का करने की सिफारिश की गई.
सरकार ने MORTH की दीर्घगामी योजना पर विचार किया. NHAI की भविष्य की रणनीति के तहत ही नए पुल निर्माण का फैसला किया गया है. यह पुल NH10 का खास आकर्षण होगा और उसे संजीवनी बूटी की तरह ही गति और ऊर्जा प्रदान करेगा. मिली जानकारी के अनुसार MORTH की स्टैंडिंग कमेटी की सिफारिश के बाद यह कदम उठाया गया है. मार्च 2026 में एम ओ आर टी एच ने प्रोजेक्ट के स्ट्रेटजिक महत्व और भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने को देखते हुए यह सिफारिश की थी.
अनेक बार कोरोनेशन ब्रिज के समानांतर नए पुल निर्माण के लिए नई-नई खबरें आती रही और जाती भी रही. इससे कहीं ना कहीं उम्मीद का दीया भी बुझने लगा था. सांसद राजू बिष्ट से इलाके के सामाजिक संगठनों ने कई बार गुहार लगाई. आखिरकार उनकी भाग दौड़, मेहनत और विश्वास ने मूर्त रूप लिया है. राजू बिष्ट बताते हैं कि अब पुल निर्माण का रास्ता प्रशस्त हो गया है. बहुत जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा और पुल बनकर तैयार हो जाएगा.
उन्होंने अपने क्षेत्र के लोगों और आंदोलनकारी संगठनों को उन पर भरोसा करने के लिए दिल से धन्यवाद दिया है. राजू बिष्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क निर्माण एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी, सड़क संगठन और सभी संबंधित पक्षों को भी धन्यवाद दिया है.
