August 12, 2026
Sevoke Road, Siliguri
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स

सावधान सिलीगुड़ी! खाद्य सुरक्षा विभाग की आप पर है तीसरी नजर! सिलीगुड़ी के पब- बारों पर गिरी गाज!

इन दिनों सिलीगुड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग के ताबड़तोड़ छापे चल रहे हैं. एक दिन पहले सेवक रोड स्थित एक मॉल में जो हुआ, उसे सिलीगुड़ी ने भी देखा. आज एक बार फिर से खाद्य सुरक्षा विभाग ने सिलीगुड़ी के अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर छापे की कार्रवाई की है. कई अनियमितताएं पकड़ी गई है. कई मालिकों को चिन्हित किया गया है. कई दुकानें जांच के दायरे में रखी गई है.

अगर आप किसी भी कारोबार से जुड़े हों तो सावधान हो जाइए! अपने उद्योग, प्रतिष्ठान, होटल, कारोबार में अनियमितता से दूरी बनाएं और प्रशासन के नियमों को मानकर काम करें तो आपको किसी तरह की तकलीफ नहीं होगी.

सिलीगुड़ी के उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि उन्हें दुकानों या प्रतिष्ठानों से मिलने वाली चीज सही नहीं होती है. चाहे वह भोजन हो, मिठाई हो या फिर कोई भी ऐसी चीज जो प्रशासनिक नियमों के दायरे में फसाई के नियमों के अनुसार बनाई जाती है, लेकिन उसका पालन बहुत कम लोग कर पाते हैं.

खाद्य में मिलावट तो आम बात हो गई है. बहुत से होटल वाले तो ग्राहक को बासी खाना तक गरम करके परोस देते हैं. मिठाई की दुकानों में मिलावट और अब तो शुद्ध देसी घी के नाम पर भी उपभोक्ताओं को जहरीली चीज परोसी जा रही है.

मध्य प्रदेश में भारत के दो से अधिक सुप्रसिद्ध देसी शुद्ध घी के ब्रांडों की जांच के बाद इसमें मिलावट पकड़ी गई है. खैर हम भोपाल की बात नहीं करेंगे. बात सिलीगुड़ी की करेंगे. जहां तक सिलीगुड़ी के होटलों की बात है तो कुछ होटल ग्राहकों के साथ इंसाफ नहीं कर पाते हैं.

कुछेक होटलों में अनियमितता और ग्राहकों के हित के साथ खिलवाड़ कोई नई घटना नहीं है. सूत्र बता रहे हैं कि कुछ अधिकारियों की मिली भगत से ही अब तक यह सब होता रहा है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने जैसे ठान लिया है कि इस बार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए वे सब कुछ करने को तैयार हैं, जो प्रशासनिक और फसाई के नियमों के अनुकूल हैं. हालांकि कुछ लोग इसे शक की नजर से भी देखते हैं.

किसी समय सिलीगुड़ी में पब बारों में हुक्का कारोबार खूब चलता था. हुक्का कारोबार की पृष्ठभूमि में अनैतिक कार्य होते थे. जब इसकी बहुलता हो गई और अपराध के दायरे बढ़ने लगे,तो प्रशासन ने कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया और सभी पबों तथा बारों को चेतावनी दे दी कि भविष्य में पब बार में हुक्का कारोबार होता देखा गया तो उनके लाइसेंस भी छीन लिये जाएंगे.

तब से लेकर अब तक काफी समय हो गया. अब एक बार फिर से इसकी रियलिटी चेक होने लगी है. इस रियलिटी चेक में पता चलता है कि पब और बारों में हुक्का कारोबार कभी बंद ही नहीं हुआ था. यानी पुलिस और प्रशासन की चेतावनी के बावजूद माॅल के अंदर चलने वाली दुकानों के हुक्का कारोबार के शटर कभी बंद ही नहीं हुए. इसके लिए जिम्मेवार कौन है? अब प्रशासन पता लगा रहा है. हालांकि एक सच यह भी है कि कोई भी कारोबारी संस्थान बगैर किसी के अभयदान के ऐसा नहीं कर सकता.

सिलीगुड़ी की नौजवान पीढ़ी को कौन बर्बाद कर रहा है? यह सवाल ज्वलंत है. क्योंकि जब प्रशासन ने पब और बारों को चेतावनी दी और हुक्का कारोबार को प्रतिबंधित किया, इसके बावजूद वहां इस अपसंस्कृति को जारी रखने की हिम्मत किसने दिखाई और यह हिम्मत किसके सहयोग से दिखाई गई? इसे लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

क्या प्रशासन अब तक सो रहा था? क्या खुफिया सूत्र अधिकारियों को सूचित नहीं कर रहे थे कि लाइसेंस धारी पब और बारों में क्या अनियमितता हो रही थी? तो रोका क्यों नहीं गया? यह सवाल सिलीगुड़ी की जनता का भी है.

सिलीगुड़ी का एक सच यह भी है कि यहां मिलावटी चीजें अधिक मिल जाती हैं, जो शुद्ध कहकर बेची जाती है. खाद्य सुरक्षा विभाग के द्वारा इस तरह की दुकानों और प्रतिष्ठानों पर छापे की कार्रवाई बहुत कम देखी जाती है. क्योंकि कहीं ना कहीं यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है.

स्थानीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा विभाग आमतौर पर होटलों और इस तरह के प्रतिष्ठानों को अपनी सूची में शामिल करता है, जो उपभोक्ताओं के सीधे स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं. बहुत पहले खाने की वस्तु में कीड़े का रेंगना देखा जा चुका है. होटल में साफ सफाई की बात करना ही बेकार है.

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को अपने व्यापक दृष्टिकोण का इस्तेमाल करने की जरूरत है. होटल के साथ-साथ उन प्रतिष्ठानों पर भी नजर रखनी चाहिए, जहां लाइसेंस तो कुछ और होते हैं लेकिन वहां काम कुछ और होता है. सिलीगुड़ी में इस तरह के प्रतिष्ठानों की भी संख्या कम नहीं है. आने वाले दिनों में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को इन पर गौर करने की जरूरत है.

फिलहाल सूत्र बताते हैं कि खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी सिलीगुड़ी के पब और बारो में चल रही अनियमितता पर नजर बनाए हुए हैं और ऐसे प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करके आगामी दिनों में इस पर दबिश डालने की तैयारी कर रहे हैं. अगला नंबर किसका है, यह तो पता नहीं. लेकिन अगर आपने अपने संस्थान में किसी तरह की अनियमितता जारी रखी है, तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *