रोगी कल्याण समिति की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, पीडियाट्रिक विभाग को भी किया जाएगा पूरी तरह वातानुकूलित
सिलीगुड़ी। सिलीगुड़ी जिला अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह पेपरलेस अस्पताल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल शुरू की है। इसके साथ ही अस्पताल के डायलिसिस विभाग में बेड की संख्या दोगुनी करने का निर्णय लिया गया है। बुधवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक के बाद राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने अस्पताल के आधुनिकीकरण से जुड़ी इन योजनाओं की जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि अस्पताल की सेवाओं को अधिक आधुनिक, तकनीक आधारित और मरीजों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से पेपरलेस व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत मरीजों के रिकॉर्ड सुरक्षित रखने से लेकर अस्पताल के प्रशासनिक और चिकित्सा संबंधी कार्यों को डिजिटल माध्यम से संचालित करने में सुविधा होगी। इससे कामकाज को अधिक तेज और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डायलिसिस बेड की संख्या होगी दोगुनी
बैठक में डायलिसिस सेवा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। वर्तमान में सिलीगुड़ी जिला अस्पताल के डायलिसिस विभाग में पांच बेड हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर दस करने का फैसला किया गया है।
डायलिसिस बेड बढ़ने से किडनी रोगियों को उपचार के लिए अधिक सुविधा मिलने और मौजूदा दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे जरूरतमंद मरीजों को सरकारी अस्पताल में डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराने की क्षमता भी बढ़ेगी।
पार्किंग और आधुनिक सुविधाओं पर भी जोर
अस्पताल परिसर में पार्किंग की समस्या के समाधान को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
शंकर घोष ने कहा कि अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था से लेकर आधुनिक चिकित्सा एवं मरीज सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। अस्पताल को ऐसा स्वरूप देने की योजना है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के दौरान बेहतर और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
पीडियाट्रिक विभाग होगा पूरी तरह वातानुकूलित
अस्पताल के पीडियाट्रिक (बाल चिकित्सा) विभाग को पूरी तरह वातानुकूलित करने की दिशा में भी कदम उठाया जाएगा। इससे बच्चों के इलाज के लिए अधिक आरामदायक और अनुकूल वातावरण तैयार होने की उम्मीद है।
बैठक के दौरान जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी और अस्पताल के अधीक्षक की मौजूदगी में शंकर घोष ने अस्पताल की भविष्य की योजनाओं को सामने रखा। उन्होंने अस्पताल की सेवाओं में तकनीक के इस्तेमाल और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देने की बात कही।
उत्तर बंगाल के मरीजों को मिल सकता है बड़ा लाभ
पेपरलेस व्यवस्था, डायलिसिस बेड की संख्या में वृद्धि, बेहतर पार्किंग व्यवस्था और पीडियाट्रिक विभाग के आधुनिकीकरण सहित प्रस्तावित योजनाओं के लागू होने के बाद सिलीगुड़ी जिला अस्पताल की सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है।
सिलीगुड़ी जिला अस्पताल उत्तर बंगाल के प्रमुख सरकारी चिकित्सा केंद्रों में शामिल है। ऐसे में अस्पताल के आधुनिकीकरण की इन योजनाओं से सिलीगुड़ी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

