August 25, 2026
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क्या ममता बनर्जी को नजरबंद किया जाएगा? ममता बनर्जी के बयान से बंगाल की राजनीति में उबाल!

Will Mamata Banerjee be placed under house arrest? Mamata Banerjee's statement has sparked a political uproar in Bengal.

राजनीति में उधार और चुकता करने की नीति कोई नई नहीं है. जिस पार्टी की सरकार होती है, उसके द्वारा प्रतिद्वंदी नेताओं और विपक्षी पार्टी पर हमले, हिसाब चुकता करने की रणनीति बनाई जाती है. अवसरवाद पर आधारित राजनीति उधार और चुकता करने के आधार पर टिकी हुई है. कल तक बंगाल में टीएमसी की सरकार थी.

टीएमसी की सरकार ने प्रतिद्वंदी भाजपा नेताओं पर कितना जुल्म किया, यह बताने की जरूरत नहीं है. अब हवा का रुख बदल चुका है .राज्य में बीजेपी की सरकार है. ऐसे में अगर बीजेपी की सरकार या बीजेपी के नेता टीएमसी के साथ उधार चुकता करने की रणनीति पर काम कर रहे हो तो इसमें आश्चर्य क्या! टीएमसी ने उन्हें जो दिया, बीजेपी उसे रिटर्न कर रही है.

भाजपा प्रवक्ता देबोजित सरकार कहते हैं कि 15 साल तक टीएमसी की सरकार थी. उस समय शुभेंदु अधिकारी विपक्ष के नेता होते थे. तब टीएमसी की सरकार ने 19 महीने में शुभेंदु अधिकारी को 144 बार हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने पर मजबूर किया. टीएमसी के शासनकाल में भाजपा का कोई भी राजनीतिक कार्यक्रम आसानी से नहीं हुआ. टीएमसी सरकार इसकी अनुमति नहीं देती थी. अब वही ममता बनर्जी, जिसने संविधान और लोकतंत्र का गला घोट दिया था, किस मुंह से संविधान और लोकतंत्र की दुहाई दे रही है!

विपक्षी नेताओं को परेशान करने और धमकाने की राजनीति कोई नई नहीं है. पिछले लगभग 3 महीनों से टीएमसी की अंदरूनी राजनीति के भंवर में उलझी ममता बनर्जी ने पहली बार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर सीधा वार किया है. उन्होंने जिस तरह से बयान दिया है, उससे बंगाल की राजनीति गरमा गई है. खासकर भाजपा आक्रामक नजर आ रही है. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर शुभेंदु अधिकारी पर आरोप लगाया है और राज्य तथा देश के लोगों का समर्थन और सहानुभूति प्राप्त करने की कोशिश की है.

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि सुवेंदु अधिकारी मुझे धमकी दे रहे हैं. वे चाहते हैं कि मैं घर में ही रहूं. सड़क पर ना निकलूं. इसका मतलब यह है कि मौजूदा भाजपा सरकार लोकतंत्र व संवैधानिक अधिकारों का गला घोंट देना चाहती है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट व राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है. ममता बनर्जी ने लिखा है कि सत्ता का अहंकार कुछ समय के लिए डरा सकता है. लेकिन इतिहास गवाह है कि जनता के सामने अहंकार को झुकना पड़ता है.

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर यह आरोप लगाया है और कहा है कि सुबेंदु अधिकारी मुझे घर में नजर बंद करना चाहते हैं. अगर मैंने उनके हिसाब से काम नहीं किया तो वह मुझे घर में कैद कर देंगे. क्या यही लोकतंत्र है? क्या यही संविधान है? हालांकि उनके इस पोस्ट के बाद भाजपा नेता और प्रवक्ता देवजीत सरकार ने उनके आरोप को सफेद झूठ बताया है.

देवजीत सरकार ने कहा है कि अगर ममता बनर्जी के पास कोई सबूत है तो वह कोर्ट में जाएं. ममता बनर्जी को किसने रोका है. उन्होंने कहा कि दरअसल बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी का पूरी तरह परित्याग कर दिया है. इसलिए वह बौखलाई हुई है और झूठे आरोप लगा रही है. ममता बनर्जी का पोस्ट इस प्रकार था- सरकारी कार्यालय में बैठकर मुझे धमकी दी गई. कहा कि मुझे मेरे घर से भी बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा. उन्होंने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की मांग की है.

दूसरी तरफ सुवेंदु अधिकारी का 15 सेकंड का जो वीडियो सामने आया है, उसमें सुबेंदु अधिकारी को यह कहते सुना जा रहा है कि आप फेसबुक पर ही रहे, दोपहर में आपको सड़क पर नहीं निकलना होगा. आप सड़क पर ना आ पाएं, इसकी व्यवस्था मैं करूंगा. हालांकि शुभेंदु अधिकारी ने यह बयान कब और किस संदर्भ में दिया है, इस वीडियो में यह पता नहीं चल पा रहा है.

राज्य में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार 3 महीने पूरे करने जा रही है.दूसरी तरफ ममता बनर्जी पहली बार भाजपा और राज्य के मुख्यमंत्री पर आक्रामक हमला करती नजर आ रही है. ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि जब तक मैं भाजपा को हाशिए पर नहीं ला देती हूं तब तक राजनीति से संन्यास नहीं लूंगी. मेरी लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने राज्य में जनगणना को लेकर भी आरोप लगाया है कि भाजपा इसके जरिए राज्य में एनआरसी लागू करना चाहती है.

ममता बनर्जी ने पहली बार अन्नपूर्णा भंडार को लेकर भी सुवेंदु अधिकारी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि राज्य में जाति और धर्म देखकर अन्नपूर्णा भंडार के पैसे दिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा प्रत्येक महिला को अन्नपूर्णा भंडार देने की बात करती थी .अब धर्म और जाति को आधार बनाया जा रहा है. हालांकि उनके इस आरोप के बाद राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उनके बयान को निराधार बताते हुए कहा कि लाखों मुस्लिम महिलाओं को अन्नपूर्णा भंडार मिला है.

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