पहाड़, समतल और Dooars के चाय बागान श्रमिक काफी खुश हैं और वे अपने सांसद राजू बिष्ट का शुक्र गुजार भी हैं. क्योंकि दुर्गा पूजा से पहले उनके चेहरे पर जिंदा दिली मुस्कान लाने के लिए राजू बिष्ट ने राज्य सरकर और श्रम मंत्रालय को पत्र लिखा था. खासकर राजू बिष्ट ने श्रम मंत्री अर्जुन सिंह से अनुरोध भी किया था.
राजनीति में यह बहुत कम ही देखा जाता है कि विधायक या सांसद के पत्र का जवाब एक ही दिन में दे दिया जाता हो. इसमें कोई शक नहीं है कि दार्जिलिंग भाजपा सांसद राजू बिष्ट केंद्र और राज्य सरकार के करीबी लोगों में गिने जाते हैं. भले ही राजू बिष्ट विधायक या मंत्री ना हो, लेकिन उनका कद बंगाल सरकार में किसी मंत्री से कम नहीं है. इसका प्रमाण इसी बात से मिल जाता है कि राजू बिष्ट ने पत्र जारी किया और शाम को सरकार ने उनके अनुरोध को मान कर इस संबंध में एक अधिसूचना भी जारी कर दी.
इससे पहले स्वयं मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी ने कोलकाता में आयोजित एक वर्चुअल समारोह में राजू बिष्ट का नाम लेते हुए उनके आवेदन को गरिमा प्रदान की थी और उनके अनुरोध को मानते हुए पहाड़ में आपदा प्रबंधन अग्नि वीर योजना को मंजूरी दी थी. जो भी हो, आज उत्तर बंगाल के चाय श्रमिक काफी खुश दिखाई दे रहे हैं. क्योंकि उन्हें पूजा से पहले ही 20% बोनस मिलने जा रहा है. इसके लिए पूर्व में उन्हें ऐडी चोटी का पसीना एक करना पड़ता था.
पहली बार राज्य सरकार ने उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों के लिए दिल खोलकर बोनस से लेकर उनके जीवन को लेकर कई घोषणाएं की हैं. राज्य सरकार श्रम विभाग की अधिसूचना के बाद सिलीगुड़ी स्थित श्रम विभाग कार्यालय ने इसकी पुष्टि कर दी है और कहा है कि सभी बागान श्रमिकों को 5 अक्टूबर तक बोनस का भुगतान कर दिया जाएगा. पहाड़ समेत उत्तर बंगाल में चाय बागान श्रमिकों के बीच बोनस को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
आपको बताते चलें कि सिलीगुड़ी और आसपास पहाड़, तराई और Dooars में कुल मिलाकर लगभग 113 चाय बागान है. दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाके में सबसे अधिक चाय बागान है. उनकी संख्या लगभग 76 है. राजू बिष्ट ने कहा है कि इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी चाय श्रमिक बोनस से वंचित न रहे. चाय बागान श्रमिकों को बोनस देने के लिए उनके वेतन का मानदंड रखा जाता है.
नियम के अनुसार 1965 के पेमेंट आफ बोनस एक्ट के तहत निर्धारित चाय श्रमिकों के वेतन की सीमा से ऊपर वाले कर्मचारी को बोनस नहीं दिया जाता है. लेकिन इस बार सरकार के द्वारा जो निर्देशिका जारी की गई है, उसके अनुसार कुछ शर्तों का प्रावधान है जिसे पूरा करने के बाद उन्हें भी बोनस दिया जाएगा. पहली बार राजू बिष्ट की पहल और राज्य सरकार की मुहर के बाद चाय बागान श्रमिक संगठनों में भी खुशी देखी जा रही है. उन्होंने राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया है.
आपको बताते चलें कि इससे पहले पिछली सरकार में दुर्गा पूजा से पहले आमतौर पर बोनस को लेकर कई बार मीटिंग होती थी. चाय बागान मालिक और श्रमिक संगठन के बीच तकरार और टकराव होते रहते थे. कई बार चाय बागान मालिक बागान छोड़कर चले जाते थे या फिर बागान में ताला लग जाता था. इस बार कम से कम ऐसी स्थिति नहीं दिख रही है. श्रमिक संगठनों के सीटू नेता समन पाठक ने आशा व्यक्त की है कि हर चाय बागान में नियम के मुताबिक बोनस दिया जाएगा. उन्होंने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है.
भारतीय जनता पार्टी और खासकर दार्जिलिंग जिला हिल्स भाजपा ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह फैसला चाय बागान श्रमिकों के हित में है. दार्जिलिंग जिला हिल्स भाजपा के अध्यक्ष संजीव लामा ने कहा है की उनकी पार्टी शुरू से ही चाय बागान श्रमिकों के कल्याण की बात करती रही है. मोटे तौर पर सभी चाय बागान श्रमिक संगठन सरकार के फैसले का स्वागत कर रहे हैं जबकि चाय बागानों के श्रमिक राजू विष्ट के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं. यह राजू बिष्ट ही थे जिन्होंने चाय बागान श्रमिकों की माली हालत को बदलने की पहल की और सरकार को उनकी स्थिति सुधारने के लिए मजबूर किया है.
