September 11, 2026
Sevoke Road, Siliguri
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स

ISI ने उत्तर बंगाल में किन्नर उतारे! सावधान रहिए सिलीगुड़ी में घूमते इन किन्नरों से!

अगर किन्नरों के घर से बम, बारूद, गोले आदि बरामद होने लगे तो आप क्या कहेंगे! आमतौर पर किन्नर समाज के संवेदनशील वर्ग का हिस्सा होते हैं. उन्हें सम्मान भी प्राप्त है. लेकिन जब किन्नरों के इलाके से खतरनाक आयुध बरामद होते हो, तो स्थिति गंभीर हो जाती है. न केवल जनता के लिए बल्कि प्रशासन के लिए भी यह चिंता का विषय बन जाता है.

सिलीगुड़ी से लेकर जलपाईगुड़ी समेत पूरे बंगाल में इन दिनों बहुत से किन्नर जगह-जगह घूमते नजर आ सकते हैं. ये लोग ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्र में भी लोगों के घर दस्तक दे रहे हैं. जलपाईगुड़ी जिले में उत्तर रायकत पाड़ा एक स्थान है. यहां काफी संख्या में किन्नर रहते हैं. इन किन्नरों के बारे में कहा जाता है कि ये लोग ज्यादातर बांग्लादेशी हैं. रायकतपाड़ा से ही सटी हुई है बांग्लादेश की सीमा.

पिछले दिनों रायकत पाड़ा में लगभग 35 बांग्लादेशी किन्नर पहुंचे थे. यहां से वे उत्तर बंगाल के कोने-कोने में पहुंच रहे हैं. आमतौर पर पुलिस या प्रशासन के लोग किन्नर के साथ सहानुभूति रखते हैं और केवल गंभीर मामलों में ही पुलिस उन पर हाथ डालती है. समाज में सहानूभूति के पात्र बने इन किन्नरों के बारे में एजेंसियों को जो जानकारी मिली है, उससे आम जनता को सावधान हो जाने की जरूरत है!

केंद्रीय जांच एजेंसी तथा खुफिया सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार उत्तर बंगाल में कई ऐसे किन्नर पहुंच गए हैं, जिन पर पाकिस्तानी ISI का एजेंट होने का संदेह है. जलपाईगुड़ी पुलिस ने रायकतपाड़ा से जिस किन्नर को गिरफ्तार किया है, उसके संबंध पाकिस्तान और बांग्लादेश से बताए जा रहे हैं. जांच एजेंसियों ने कहा है कि किन्नर यहां के संवेदनशील स्थानों और व्यक्तियों की गुप्त जानकारी बांग्लादेश और पाकिस्तान पहुंचा रहे थे.

अगर आपके आसपास अथवा आपके घर में किन्नर अचानक धमक आते हैं तो उन्हें घर में घुसने ना दें और ना ही उन्हें घर परिवार की व्यक्तिगत जानकारी दें. ऐसे लोग शिशु के जन्मदिन या अन्य शुभ अवसरों पर घरों में धमक आते हैं और घर वालों से कुछ पाने की उम्मीद में वहीं डेरा डाल देते हैं. इस घटना के बाद आप लोगों को सावधान हो जाने की जरूरत है.

खबर समय का उद्देश्य यह नहीं है कि सभी किन्नर ऐसे ही होते हैं. लेकिन बदली हुई स्थितियों में किन्नर पर आंख मूंद कर भरोसा करना भी ठीक नहीं है. एक अनजान किन्नर पर भरोसा करना तो मूर्खता ही है. खासकर तब, जब उनके घरों की तलाशी के बाद पुलिस को आग्नेयास्त्र, कारतूस और कई ऐसे दस्तावेज मिलते हैं जिनका संबंध पाकिस्तान और बांग्लादेश से है.

रायकतपाड़ा से पुलिस ने किन्नरों की गुरू मां को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह बांग्लादेशी सिम से बांग्लादेश और पाकिस्तान फोन करती थी. हालांकि पुलिस गुरु मां को गिरफ्तार कर बाकी जानकारियां हासिल करने का प्रयास कर रही हैं, जांच परिणाम जो भी सामने आए, परंतु इतना तो तय है कि यह धुंआ ऐसे नहीं उठता! कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ तो गड़बड़ है. जलपाईगुड़ी पुलिस किन्नरों का सच पता करने की कोशिश कर रही है.

जलपाईगुड़ी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीनिवास एमपी बताते हैं कि पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बांग्लादेश से आए ये किन्नर कहीं तस्करी अथवा किसी साइबर नेटवर्क से जुड़े तो नहीं है. यह बात इसलिए कही जा रही है कि इन दिनों उत्तर बंगाल में साइबर अपराध तेजी से फल फूल रहा है. आमतौर पर साइबर फ्रॉड ऐसे लोगों को टारगेट करते हैं, जिनका व्यक्तिगत विवरण उनके पास उपलब्ध रहता है. आरोप है कि ये किन्नर लोगों के व्यक्तिगत विवरण को सीमा पार पहुंचाते थे.

उत्तर बंगाल में जांच एजेंसियों के निर्देश के बाद पुलिस ने ऐसे लोगों की गिरफ्तारी की है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान के लिए जासूसी की है. कूचबिहार और अलीपुरद्वार से ऐसे कुछ लोगों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है. ऐसे लोग अलग-अलग लोगों के नाम पर सिम लेकर यहां की गुप्त जानकारी को पाकिस्तान और बांग्लादेश में पहुंचाते थे. पुलिस को संदेह है कि संदेश वाहक किन्नर हो सकते हैं.

अगर आपके नाम से एक से अधिक सिम है, तो जो सक्रिय नहीं है उसे नष्ट कर दीजिए. क्योंकि इसी तरह के सिम का उपयोग साइबर अपराध के लिए भी किया जाता है. पाकिस्तान ,बांग्लादेश या दूसरे देशों में साइबर अपराधी ओटीपी के माध्यम से ऐसे सिम को सक्रिय कर लेते हैं और उसके बाद उनका धंधा बेखौफ चल पड़ता है. आपको बताते चलें कि रायकतपाड़ा में रह रहे किन्नरों के बारे में पुलिस को कई तरह की शिकायतें काफी समय से मिल रही थीं.

यह भी पता चल रहा था कि ये किन्नर देश का खाते हैं और पाकिस्तान और बांग्लादेश का गाते हैं. भारतीय सीमा सुरक्षा बल के जवानों की सूचना के बाद जलपाईगुड़ी पुलिस ने इसकी पुष्टि करके रायकत पाड़ा में अभियान चलाया और किन्नरों के घरों से आपत्तिजनक चीजें बरामद करके आसपास के लोगों को लोगों को हैरत में डाल दिया है.

सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के लोग आश्चर्यचकित हैं कि समाज के हाशिए पर रहने वाले इन किन्नरों ने अंदर ही अंदर क्या गुल खिलाए थे! बहरहाल पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और सच का पता लगाने में जुटी हुई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *