October 29, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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खतरनाक संकेत! बंगाल की खाड़ी से चक्रवात का खतरा बढ़ने की आशंका, सिलीगुड़ी में बादलों के बीच छिटपुट बारिश से बदला मौसम !

सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। सिलीगुड़ी में गुरुवार को आसमान में बादल छाए हुए हैं और बीच-बीच में छिटपुट बारिश हो रही है। सुहाने मौसम के बीच लोगों को हल्की ठंडक का एहसास भी होने लगा है। हालांकि, मौसम का यह बदलाव केवल राहत देने वाला नहीं है, बल्कि बंगाल की खाड़ी में चक्रवातों की बढ़ती आवृत्ति को लेकर सामने आ रही चिंताओं ने मौसम विशेषज्ञों का ध्यान भी खींचा है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 29 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ भारी बारिश की आशंका जताई गई है। वहीं, उत्तर बंगाल में 30 अक्टूबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी के लिए विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में भी बादल छाए रहने तथा रुक-रुककर बारिश होने से मौसम का मिजाज बदल सकता है।

इस बीच, अखबार में प्रकाशित मौसम संबंधी रिपोर्ट में बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवातों को लेकर एक महत्वपूर्ण चिंता सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 से 2026 के दौरान अक्टूबर के महीने में लगातार चक्रवाती गतिविधियां देखने को मिली हैं। रिपोर्ट में 1982 से 2026 के बीच बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न 82 चक्रवातों में से 63 के मानसून की विदाई के बाद, यानी अक्टूबर से दिसंबर के दौरान बनने का उल्लेख किया गया है। यह आंकड़ा इस अवधि में चक्रवातों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित करता है।

बंगाल की खाड़ी का भौगोलिक स्वरूप भी चक्रवातों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समुद्र के गर्म पानी, हवा की गति, वायुमंडलीय दबाव और नमी जैसी परिस्थितियां चक्रवातों के विकसित होने को प्रभावित करती हैं। बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवातों के कारण भारी बारिश, तेज हवाओं, बाढ़ और जनजीवन प्रभावित होने का खतरा रहता है।

मौजूदा मौसम प्रणाली के संदर्भ में रिपोर्टों के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ कमजोर होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। इसके बावजूद पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, किसी नए चक्रवात के बनने या उसके संभावित प्रभाव को लेकर मौसम विभाग के आधिकारिक पूर्वानुमान पर ही भरोसा करना चाहिए।

सिलीगुड़ी के लोगों के लिए फिलहाल मौसम सुहाना जरूर है, लेकिन बारिश के दौरान वाहन चलाते समय सावधानी बरतना जरूरी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें और प्रशासन की सलाह का पालन करें।

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