डाक्टर पी डी भूटिया एक ऐसा नाम है जो चिकित्सा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि समाज सेवा, राजनीति और दलितों तथा पिछड़ों के कल्याण के लिए चुपचाप सेवारत रहने के लिए जाना जाता है. उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों, कमजोर वर्ग के लोगों तथा जरूरतमंदों के स्वास्थ्य के लिए लगातार मुहिम चलाने वाली इस शख्सियत को लेकर आने वाले सिलीगुड़ी नगर निगम समेत पहाड़ में चुनाव में उनकी राजनीतिक भागीदारी को लेकर भाजपा में भी चर्चा शुरू हो गई है.
डॉक्टर पी डी भूटिया सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल में काफी लोकप्रिय व्यक्ति हैं. यही कारण है कि उनकी लोकप्रियता को भुनाने के लिए समय-समय पर राजनीतिक दल उन्हें अपनी पार्टी में लेने और उनकी सेवाओं को भुनाने का प्रयास करते रहते हैं.
आपको याद होगा कि एक बार पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डॉक्टर पी डी भूटिया को दार्जिलिंग लोकसभा से तृणमूल कांग्रेस का उम्मीदवार बनाना चाहती थी. इसकी पूरी तैयारी भी हो चुकी थी. लेकिन ऐन वक्त पर उन्हें टिकट नहीं दिया गया या फिर जिस तेजी से यह चर्चा उठी थी, उतनी ही तेजी से यह शांत भी पड़ गई.
अब एक बार फिर से यह चर्चा शुरू हो गई है कि डॉक्टर पी डी भूटिया को भाजपा आने वाले सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है. इसका एक प्रमुख कारण भी है. एक तो भाजपा राज्य चुनाव कमेटी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में भाजपा के भावी उम्मीदवारों में युवा, पार्टी कार्यकर्ता, राजनेता के अलावा डॉक्टर, समाजसेवी और बुद्धिजीवी भी शामिल हो सकते हैं.
डॉक्टर भूटिया एक प्रख्यात चिकित्सक हैं. चिकित्सा के क्षेत्र में उन्हें कई मेडल प्राप्त हुए हैं. उन्होंने चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में कई मरीजों को जीवन दान दिया है तो कई गरीबों का बिना पैसे का ही इलाज भी किया है. भारतीय जनता पार्टी अपने दल में ऐसे चेहरों को प्राथमिकता देती है. हालांकि अभी तो यह कयास का दौर है, लेकिन आने वाले समय में अगर पार्टी की ओर से डॉक्टर भूटिया को कोई पेशकश की जाती है तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी.
सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल के लोकप्रिय बंग रत्न पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टर पी डी भूटिया की या तो चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट उपलब्धियां को लेकर या फिर राजनीति तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को लेकर चर्चा होती रहती है.
सूत्र बताते हैं कि भाजपा के एजेंडे में सिलीगुड़ी नगर निगम का चुनाव लड़ने वाले भावी उम्मीदवारों की सूची में चिकित्सा क्षेत्र के पैनल में कुछ प्रख्यात चिकित्सकों के नाम शामिल किए गए हैं. उनमें डॉक्टर भूटिया का नाम सबसे ऊपर है. ऐसे में भाजपा आने वाले चुनाव में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है. या तो उन्हें पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए कहा जा सकता है या फिर पहाड़ की राजनीति में उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है.
ऐसी चर्चा है कि राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी सिलीगुड़ी दौरे के क्रम में डॉक्टर पी डी भूटिया से उनके निवास पर जाकर मिलना चाहते थे. इसकी तैयारी भी हो चुकी थी. मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारी डाक्टर पी डी भूटिया के सिलीगुड़ी आवास पर जाकर स्थिति का भी मुआयना कर आए थे. लेकिन अचानक ही व्यस्तता के चलते मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया और मुख्यमंत्री कोलकाता रवाना हो गए. लेकिन यह घटना यह संकेत है कि भारतीय जनता पार्टी डॉक्टर भूटिया को पार्टी में लेने को लेकर काफी गंभीर है.
भाजपा चुनाव में डॉक्टर पी डी भूटिया की लोकप्रियता का लाभ उठाना चाहती है. हालांकि डॉक्टर भूटिया की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है और ना ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से उनकी भावी मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने आई है. पार्टी के नेता भी इसे लेकर कोई बयान नहीं दे रहे हेै. पर समझा जाता है कि आने वाले समय में डाक्टर पी डी भूटिया सिलीगुड़ी या पहाड़ की राजनीति में भाजपा के एक दमदार चेहरे के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं.
