भाजपा की सरकार बनने के बाद सिलीगुड़ी में यह पहला मौका था, जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के सिलीगुड़ी आगमन और भाजपा की रैली के मद्देनजर अभूतपूर्व सुरक्षा के प्रबंध किए गए थे. रैली में शामिल होने के लिए केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार समेत भाजपा के कई बड़े नेता पहले से ही बाघाजतिन पार्क में मौजूद थे. अपनी इस रैली के जरिए भाजपा नेताओं ने शक्ति प्रदर्शन में कोई कोर कसर नहीं रखी.
मालूम हो कि एक तरफ दिल्ली में विपक्षी मोर्चा शक्ति प्रदर्शन कर रहा है तो इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी भी बंगाल समेत पूरे देश में शक्ति प्रदर्शन कर रही है. बंगाल में इसका नाम गणतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ रैली दिया गया है. सिलीगुड़ी में रैली का आयोजन बाघाजतिन पार्क में किया गया था. रैली का नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी कोलकाता से सिलीगुड़ी आए और हमेशा की तरह पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमले किए.
मुख्यमंत्री के सिलीगुड़ी आगमन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गये थे. उत्तर कन्या और शहर के निर्धारित क्षेत्रों को नो ड्रोन जोन घोषित किया गया था. बागडोगरा एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री का काफिला नौका घाट सेतु होते हुए दोपहर लगभग 1:00 बजे उत्तर कन्या मिनी सचिवालय पहुंचा. यहां मुख्यमंत्री ने एक प्रशासनिक बैठक की और उत्तर बंगाल की कानून एवं व्यवस्था की जानकारी ली.
सिलीगुड़ी में भाजपा की रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाजपा नेताओं ने इसकी तैयारी काफी समय पहले से ही शुरू कर दी थी. रैली में शामिल होने के लिए जलपाईगुड़ी, मयनागुड़ी, कूचबिहार और आसपास के इलाकों से बसों में भरकर समर्थकों को बुलाया गया था. दोपहर लगभग 12:00 बजे से लेकर सिलीगुड़ी की सड़कों पर भाजपा समर्थकों की गाड़ियां ही नजर आईं.
इस रैली के चलते पहली बार यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. सिटी ऑटो से लेकर छोटे बड़े वाहन सड़कों पर बहुत कम चले. अनेक यात्रियों को पैदल ही गंतव्य स्थल पर जाते हुए देखा गया. बड़ी गाड़ियों को सड़कों पर नहीं चलते देखकर टोटो चालकों ने यात्रियों से मनमाना भाड़ा भी वसूल किया. हिलकार्ट रोड, एयर व्यू मोड, नौका घाट आदि विभिन्न चौक चौराहों पर गाड़ियों को रोक कर रखा गया था. कई इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम भी देखा गया.
भाजपा की इस रैली में भाजपा के तमाम बड़े नेता मौजूद थे. इस रैली में भाजपा सांसद राजू बिष्ट भी उपस्थित थे. उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर हमले बोले और कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में बंगाल में लोकतंत्र था ही नहीं. जबकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के 6 महीने भी नहीं हुए और उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल में विकास की गंगा बहने लगी है. उन्होंने पहाड़, समतल और Dooars के लोगों के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा तथा चाय श्रमिकों के लिए विशेष विशे पैकेज के ऐलान के प्रति मुख्यमंत्री का आभार जताया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी के लिए बंगाल में कुछ रखा नहीं है. इसलिए वह दिल्ली में हाय तौबा मचा रही है. आज उत्तर कन्या में आयोजित एक प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की. मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार त्यौहार के दौरान चाय श्रमिकों को ₹5000 और 50 किलो चावल दिए जाएंगे. आपको बताते चलें कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासनकाल में चाय श्रमिकों को 35 किलो चावल मिलता था.
मुख्यमंत्री ने बागडोगरा एयरपोर्ट पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैंने उत्तर बंगाल के लोगों से जो वादा किया है, उसे निभाता रहूंगा. यहां विकास कार्य सुनिश्चित करने के लिए महीने में दो बार उत्तर बंगाल आता रहूंगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह 18 नवंबर को अलीपुर द्वार के कुमार ग्राम में बिरसा मुंडा की जयंती समारोह में भाग लेंगे, तो वहीं उन्होंने कूचबिहार के ऐतिहासिक रास उत्सव के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लेने की बात कही.
सिलीगुड़ी में भाजपा की गणतंत्र बचाओ रैली बाघाजतिन पार्क से शुरू हुई और हिलकार्ट रोड होते हुए एयरव्यू मोड़ स्थित महात्मा गांधी चौक पर संपन्न हुई. मिली जानकारी के अनुसार भाजपा राज्य के पांच शहरों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर रही है. कोलकाता से इसकी शुरुआत हो चुकी है. 4 नवंबर को कृष्णा नगर तथा 5 नवंबर को दुर्गापुर और हावड़ा में भाजपा की ओर से विशाल रैली निकालने की योजना है.

