April 16, 2024
Sevoke Road, Siliguri
उत्तर बंगाल दार्जिलिंग राजनीति सिलीगुड़ी

बिमल गुरुंग की ललकार! उत्तर बंगाल में अलग राज्य का समर्थन नहीं करने वाले दल हारने के लिए रहें तैयार!

सोशल मीडिया पर विमल गुरुंग का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो कब का है और कहां का है, यह तो पता नहीं चल सका है. लेकिन इसमें विमल गुरुंग एक इंटरव्यू में लोकसभा के चुनाव में अपनी चुनाव रणनीति का खुलासा कर रहे हैं. उनका साफ कहना है कि अगर लोकसभा के चुनाव में उनके संगठन का उम्मीदवार चुनाव जीत नहीं सका तो वह विपक्षी उम्मीदवार को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा.

विमल गुरुंग की नजर में विपक्षी उम्मीदवार अमूमन ऐसा दल या उम्मीदवार है, जो उत्तर बंगाल में अलग राज्य की मांग का समर्थन नहीं करता. उन्होंने एक तरह से केंद्र और बंगाल सरकार पर निशाना साधा है. आपको बता दूं कि विमल गुरुंग गोरखालैंड के साथ-साथ उत्तर बंगाल में अन्य संगठनों के साथ मिलकर सेपरेट स्टेट की मांग कर रहे हैं. सेपरेट स्टेट संगठन में कई पार्टियां और संगठन शामिल है. जैसे कामतापुर पीपुल्स पार्टी, कूचबिहार ग्रेटर, राजवंशी संगठन इत्यादि शामिल हैं.

विमल गुरुंग और सेपरेट स्टेट ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार को बातचीत के लिए एक चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी को भेजे हुए काफी अरसा हो गया. लेकिन ना तो राज्य सरकार ने ही और ना ही केंद्र सरकार ने कोई जवाब दिया है. इससे विमल गुरुंग और उनका संगठन आक्रामक हो गया है. और यही कारण है कि विमल गुरुंग की रणनीति खुद के उम्मीदवारों को जिताने की नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार का खेल बिगाड़ने की रहेगी. आपको बता दें कि उत्तर बंगाल में सेपरेट स्टेट संगठन उत्तर बंगाल की कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की बात कह चुका है.

विमल गुरुंग ने केंद्र और राज्य को ललकारते हुए कहा कि कोई भी सरकार उनकी ताकत को कम नहीं समझे.वे कहते हैं कि एक बार प्रशासन दार्जिलिंग और कालिमपोंग में उनकी बड़ी रैली करने की अनुमति दे दे. वे अपनी शक्ति और संगठन की क्षमता बता देंगे. उन्होंने ताल ठोक कर कहा है कि अगर लोकसभा के चुनाव में उनके उम्मीदवार चुनाव जीत नहीं पाते हैं तो विमल गुरुंग उन दलों के उम्मीदवारों को हराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा, जो उनके साथ बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं.

इन दिनों विमल गुरुंग पहाड़ से लेकर समतल, Dooars और उत्तर बंगाल के सभी जिलों में घूम घूम कर अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं. वह पहाड़ में गोरखालैंड की बात करते हैं. लेकिन उत्तर बंगाल में सेपरेट स्टेट संगठन के नेताओं के साथ मिलकर अलग राज्य की बात कहते हैं. विमल गुरुंग कहते हैं कि वे जनता के लिए बने हैं. जनता का काम करना उन्हें पसंद है. वे कोई शोर नहीं मचाते. वे चुपचाप अपना काम करते हैं. उन्हें दिखावा पसंद नहीं है. वह पहाड़ के दूसरे नेताओं की तरह नहीं है, जो किसी को पार्टी में शामिल करके उसके हाथ में बड़े-बड़े झंडे थमाकर फोटो खिंचवाते हैं.

वीडियो में विमल गुरुंग कह रहे हैं कि पहाड़ के लोग विकास से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में जीटीए का गठन हुआ था. उस समय पहाड़ की जनता का भला करना ही उनका उद्देश्य होता था. उन्होंने उस समय जितने भी पहाड़ की जनता के लिए विकास कार्य किये, अब उन पर ताला लग चुका है. विमल गुरुंग कहते हैं कि मैं चुनाव के समय अलग राज्य अथवा गोरखालैंड का मुद्दा नहीं उठाता हूं. यह तो हमारी पार्टी की शुरू से ही मांग रही है.

यह देखना होगा कि विमल गुरुंग की इस ललकार के बाद तृणमूल कांग्रेस अथवा भाजपा नेताओं की क्या प्रतिक्रिया आती है. ऐसा लगता है कि विमल गुरुंग फिलहाल अपनी भावी रणनीति का खुलासा नहीं करना चाहते हैं और वह उचित समय का इंतजार कर रहे हैं.

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