April 19, 2024
Sevoke Road, Siliguri
उत्तर बंगाल लाइफस्टाइल सिलीगुड़ी

डंपिंग ग्राउंड सिलीगुड़ी के लोगों के लिए बना मुसीबत!

पिछले कई दिनों से सिलीगुड़ी में वायु की गुणवत्ता स्तर में गिरावट आती जा रही है. यह सिलीगुड़ी के लोगों के लिए चिंता का कारण भी है. क्योंकि आमतौर पर इससे पहले यहां की हवा की गुणवत्ता में बहुत ज्यादा गिरावट कभी नहीं देखी गई.

सिलीगुड़ी में इन दिनों एक बड़ी समस्या सामने आ रही है. सिलीगुड़ी के खासकर सेवक रोड, विशाल सिनेमा हॉल, पायल सिनेमा हॉल के आसपास, इस्कॉन मंदिर रोड, मिलनपल्ली, समेत विभिन्न इलाकों में इन दिनों रात के समय लोगों को वातावरण में धुंध और सांस लेने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. खबर समय को सिलीगुड़ी के विभिन्न क्षेत्रो में रहने वाले लोगों से जो जानकारी मिल रही है,उसके अनुसार रात्रि 10:00 बजे के बाद और दिन में किसी भी समय उनके घर और कार्य स्थल के आसपास घुटन भरा धुआं फैल जाता है.

सिलीगुड़ी के मिलनपल्ली के एक नागरिक वेद प्रकाश ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से उनके घर के आसपास की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है. अनमोल नामक व्यक्ति ने बताया कि हर रोज रात 10:00 बजे के बाद उनके घर के आसपास धुआं फैल जाता है, जिससे सांस लेने में घुटन होने लगती है. उन्होंने बताया कि खांसी और अजीब सी घुटन महसूस होती है. इसी तरह की शिकायत पायल सिनेमा के आसपास के लोगों और इस्कॉन मंदिर रोड में रहने वाले कुछ नागरिकों ने भी की है.

सिलीगुड़ी के ईस्टर्न बाईपास में सिलीगुड़ी का कूड़ा जमा होता है. जिसको डंपिंग ग्राउंड भी कहते हैं. अब यहां के कूड़े से बिजली तैयार करने और दूसरे कार्यों में इसका उपयोग करने के लिए प्रसंस्करण यूनिट लगाई गई है. 2023 में सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव ने डंपिंग ग्राउंड में प्रसंस्करण यूनिट लगाने की मंजूरी दे दी थी. उसके बाद से यहां के कूड़े से बिजली तैयार करने और अन्य कार्यों में इसका उपयोग करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है. पूरे शहर का कचरा यहीं लाया जाता है.

कूड़े के निपटान के लिए के लिए कुछ वैज्ञानिक तरीके होते हैं. जैसे रीसाइकलिंग, re use और अंत में जिसे इस्तेमाल में नहीं लाया जा सकता, उस कूड़े को जला दिया जाता है. लेकिन इसका भी एक नियम है और उस नियम के तहत ही कूड़े का निपटान किया जाता है. स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले एक हफ्ते से यहां खुलेआम खुलेआम कूड़े में आग लगा दी जाती है, जिसके कारण धुआं हवा के जरिए पूरे शहर में फैल जाता है. जो लोग सांस, अस्थमा और विभिन्न श्वसन रोगों से पीड़ित होते हैं, उन्हें सांस लेने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है.

पायल सिनेमा के पीछे रहने वाले एक नागरिक शंभू नाथ ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों का भी ध्यान आकर्षित किया था लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि हर दिन की यही समस्या है. रात्रि 10:00 बजे के बाद वातावरण में फैली धुंध की वजह से घुटन बढ़ जाती है. आपको बताते चलें कि जब से डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा घर बनाया गया है, तभी से ही आसपास के लोग इसके विरोध में आवाज उठाते आ रहे हैं. पहले तो ज्यादा मुश्किल नहीं होती थी लेकिन यहां प्रोसेसिंग यूनिट आने के बाद स्थानीय लोगों की समस्याएं ज्यादा बढ़ गई हैं.

कुछ समय पहले सिलीगुड़ी के कुछ व्यक्तियों ने सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव का ध्यान आकर्षित किया था तो गौतम देव ने उन्हें आश्वस्त किया था कि जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब एक बार फिर से पूर्वी बाईपास स्थित डंपिंग ग्राउंड को अन्यत्र स्थानांतरित करने और कूड़े का निपटान तथा धुआ को लेकर लोग एकजुट हो रहे हैं. वे प्रशासन और खासकर सिलीगुड़ी नगर निगम से डंपिंग ग्राउंड को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं.

ईस्टर्न बायपास और संलग्न क्षेत्र में आवासीय निर्माण हाल के दिनों मे तीव्र गति से हुआ है. प्रसिद्ध बिल्डर बेगराज के कई प्रोजेक्ट यहां शुरू किए गए हैं. बड़ी-बड़ी कोठियां तैयार हो रही हैं. ऐसे में लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर यहां डंपिंग ग्राउंड रहा और इस तरह की समस्या का सामना लोगों को करना पड़े तो लोग यहां भला कैसे रहना चाहेंगे… यह भी एक बड़ी समस्या है. इस पर प्रशासन की ओर से सफाई पेश की गई है. इसके अनुसार बैकुंठपुर फॉरेस्ट विभाग की ओर से खोलाचांद पापड़ी जंगल क्षेत्र में लगी आग के कारण ही पिछले कुछ दिनों से यह धुआं शहर में प्रवेश कर रहा है. जल्द ही यह खत्म हो जाएगा. प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि यह एक नियमित योजना के तहत प्रक्रिया पूरी की जाती है. हर साल पतझड़ के मौसम में आग लगाई जाती है. अतः सिलीगुड़ी के लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.

आपको बता दूं कि AQI 198 रहने पर औसत हवा की गुणवत्ता का स्तर समझा जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार पी एम 2.5 83 न्यूनतम, 198 औसत और 344 अधिकतम समझा जाता है. PM 10 110 न्यूनतम, 177 औसत और 313 अधिकतम माना जाता है.no 2 29 न्यूनतम, 77 औसत और 134 अधिकतम माना जाता है.nh3 न्यूनतम 4 ,औसत 14 और अधिकतम 28 माना जाता है. so2 न्यूनतम 14, औसत 17 और अधिकतम 23 माना जाता है.

(अस्वीकरण : सभी फ़ोटो सिर्फ खबर में दिए जा रहे तथ्यों को सांकेतिक रूप से दर्शाने के लिए दिए गए है । इन फोटोज का इस खबर से कोई संबंध नहीं है। सभी फोटोज इंटरनेट से लिये गए है।)

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