मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का लगातार उत्तर बंगाल दौरा हो रहा है. पिछले साल और नए साल में अब तक मुख्यमंत्री का चार बार उत्तर बंगाल दौरा यह संकेत देता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल फतह करने की उनकी रणनीति क्या है. पिछले कुछ समय में मुख्यमंत्री ने अपने किरदार में बदलाव का इशारा तो किया ही है. लेकिन उनका जो दूसरा किरदार है, वह एक शेरनी का भी है. उन्होंने चुनाव आयोग पर हमला करने की आड़ में यह साबित करने की कोशिश की है कि वह बंगाल के मतदाताओं के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रही हैं.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विकास के मुद्दे पर भी अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं नेताओं को आगाह कर चुकी है कि यह समय अब केवल भाषण बाजी का नहीं है. बल्कि कुछ कर दिखाने का समय है. यही कारण है कि पिछले दो महीने से सिलीगुड़ी जिला तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता विभिन्न इलाकों में दौरा करते हुए विकास कार्य को तरजीह दे रहे हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम के अंतर्गत तृणमूल कांग्रेस के पार्षद अपने अपने इलाके में मतदाताओं से संपर्क करते हुए स्थानीय लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं.
विपक्ष आमतौर पर मुख्यमंत्री पर आरोप लगाता रहा है कि उत्तर बंगाल में ऑल फॉर हाउसिंग स्क्रीम के अंतर्गत लाभार्थियों को पैसा नहीं मिल रहा है. सिलीगुड़ी में यह स्कीम गौतम देव के नेतृत्व में चल रही है जिसका पैसा भी आ चुका है.मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने लाभार्थियों को दूसरी एवं तीसरी किस्त की राशि जारी कर दी है. सिलीगुड़ी नगर निगम के गौतम देव ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है की बंगाल सरकार ने 400 करोड रुपए की राशि जारी कर दी है. जल्द ही बकाया राशि का भी भुगतान हो जाएगा..
यू तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सिलीगुड़ी में ऐतिहासिक महाकाल मंदिर का शिलान्यास करने वाली है, परंतु इस मौके पर उनकी जनसभा बहुत कुछ कहने वाली है. मुख्यमंत्री माटीगाड़ा सिटी सेंटर इलाके में ही कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अपनी रणनीति को अंजाम देने वाली है. कोलकाता हाई कोर्ट की सर्किट बेंच के नए भवन के कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कानून का पालन और संविधान की रक्षा का भी संदेश दे रही हैं.
यूं तो उत्तर बंगाल में ममता बनर्जी ने पिछले विधानसभा और लोकसभा के दौरान भी अपनी जीत की ताकत लगाई थी. लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली. गोरखाओं का वोट हासिल करने के लिए ममता बनर्जी ने जीटीए के प्रमुख अनित थापा के साथ गठजोड़ किया था. इस बार अनित थापा की पार्टी ने पहले ही घोषणा कर दी है कि तृणमूल कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी. ममता बनर्जी की रणनीति पहाड़, Dooars, समतल के लोगों को तृणमूल कांग्रेस के विकास कार्यों से जोड़ने की होगी.
इसके अलावा उत्तर बंगाल में उद्योग धंधों के विस्तार के साथ ही यहां बेरोजगारी की समस्या से निपटने की भी रणनीति बनानी होगी. कल मुख्यमंत्री अपराहन बागडोगरा एयरपोर्ट से उतरने के बाद सीधा महाकाल मंदिर निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल के लिए प्रस्थान करेंगी. इस मौके पर उनके द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन और सभा को संबोधित करने से उनके भविष्य की रणनीति का पता चल जाएगा कि आखिर उत्तर बंगाल विजय अभियान की उनकी रणनीति क्या है और यह आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल के मतदाताओं को कितना रास आती है.

