सिलीगुड़ी के सेवक रोड स्थित एक प्रसिद्ध स्वीट शॉप के कारखाने पर सिलीगुड़ी नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्रवाई और मिठाई की फैक्ट्री सील करने के साथ ही सिलीगुड़ी के अलग-अलग मिठाई प्रतिष्ठानों में अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण कार्रवाई के बाद सिलीगुड़ी के मिठाई दुकानदारों के पैरों तले की धरती खिसकती महसूस हो रही है. वहीं इस तरह की कार्रवाई के बाद सिलीगुड़ी की जनता कह रही है, यह काम तो पहले ही हो जाना चाहिए था!
मालूम हो कि सेवक रोड, उधम सिंह सरणी स्थित माखन भोग के गोदाम तथा कारखाने के आसपास रहने वाले लोग काफी समय से मिठाई कारखाने से निकलते प्रदूषण, गंदगी और बदबू से परेशान थे. उन्होंने कई बार सिलीगुड़ी नगर निगम को शिकायत की. उनकी शिकायतों की जांच के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम ने खाद्य सुरक्षा दफ्तर विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर मिठाई के कारखाने पर दबिश डाली थी.
निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पाया कि कारखाने में काफी गंदगी थी. कारखाने के अंदर चल रही पैकिंग, निर्माण और स्टोरेज का प्रबंधन अन-हाइजीनिक था. घी में मक्खियां भिनभिना रही थीं. इसके अलावा मिठाइयों का रखरखाव गंदगी और प्रदूषण के बीच था. वहां से अधिकारियों ने विभिन्न मिठाइयों तथा खाद्य सामग्री का सैंपल एकत्र किया और कारखाने को सील कर दिया.
मिठाई कारखाने को सील करने के बाद उसके मालिक को भेजे नोटिस में सिलीगुड़ी नगर निगम के आयुक्त वीर विक्रम राय ने पूछा है कि बिना उचित लाइसेंस के आप काफी समय से कारखाना चला रहे थे? आपने जनमानस के स्वास्थ्य का कोई ध्यान नहीं रखा? हमने आपके खिलाफ जो साक्ष्य एकत्र किए हैं, उसके बारे में आप क्या बताना चाहते हैं? आप 5 सितंबर को हमारे दफ्तर में सभी दस्तावेजों तथा लाइसेंस के साथ हाजिर होकर अपना पक्ष रखें! सिलीगुड़ी नगर निगम ने माखन भोग के खिलाफ सिलीगुड़ी नगर निगम अधिनियम 2006 के तहत सेक्शन 304, 306 और 318 धारा लगाया है और पूछा है कि आपके खिलाफ क्यों नहीं उचित कार्रवाई होनी चाहिए?
आजकल खाद्य सुरक्षा दफ्तर के अधिकारी सिलीगुड़ी नगर निगम के कमिश्नर वीर विक्रम राय के निर्देश पर पूरे शहर में हाइजीनिक अभियान चला रहे हैं. सिलीगुड़ी के कुछ मिठाई दुकानदारों द्वारा नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ करने की मिल रही शिकायतों के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम के कमिश्नर ने खाद्य सुरक्षा दफ्तर के अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. निगम आयुक्त के आदेश का पालन करते हुए इन दिनों फूड सेफ्टी के अधिकारी फुल एक्शन में नजर आ रहे हैं.
मालूम हो कि 29 अगस्त को सेवक रोड स्थित एक प्रसिद्ध मिठाई दुकान के गोदाम कारखाने पर छापे के साथ ही विधान रोड स्थित एक अन्य प्रसिद्ध मिठाई दुकान कोलकाता स्वीट्स का निरीक्षण करते हुए सिलीगुड़ी नगर निगम और खाद्य सुरक्षा दफ्तर के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शहर के कई अन्य होटलों तथा भवनों का औचक निरीक्षण किया. सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने वर्धमान रोड, हावड़ा पैट्रोल पंप के पास स्थित प्रसिद्ध जायका में भी हाइजीनिक अभियान चलाया.
सिलीगुड़ी में पहले भी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा अभियान चलाया जाता रहा है. लेकिन इस तरह की कठोर कार्रवाई और वह भी एक प्रसिद्ध मिठाई दुकान पर, कदाचित पहले कभी नहीं हुई थी. अब सिलीगुड़ी के लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कई लोगों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई काफी पहले ही होनी चाहिए थी. ब्रांडेड दुकान और ब्रांडेड मिठाई के नाम पर कुछ लोग सिलीगुड़ी के नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं. क्या प्रशासन को यह पता नहीं होता? लेकिन प्रशासन ने उनके खिलाफ पहले कोई कठोर कदम क्यों नहीं उठाया?
लोगों ने बताया कि मिठाई दुकानों के अलावा सिलीगुड़ी में कई ऐसे होटल हैं जो गंदगी के वातावरण में पोषित हो रहे हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन को ऐसे होटलों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. पुलिस और प्रशासन को निष्पक्ष रहकर गलत काम करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए. जैसे अब हो रहा है. ऐसी खाद्य वस्तुएं तथा मिठाइयां लोगों को बीमार बना रही हैं.
सूत्रों ने बताया कि सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन सिलीगुड़ी को स्वच्छ, गंदगी व प्रदूषण से मुक्त तथा खाद्य दुकानों पर बिकने वाली मिठाइयों और खाद्य वस्तुओं की क्वालिटी तथा साफ सफाई से किसी भी तरह का समझौता न करने के अभियान पर काम कर रहा है. अधिकारियों की संयुक्त टीम का यह अभियान सिलीगुड़ी के अलग-अलग स्थानों पर चलने वाला है. ऐसे में सिलीगुड़ी की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे मिठाई दुकानदारों और होटलों पर शामत आने वाली है.
बहुत से मिठाई दुकानदार और होटल वाले इस घटना से इस कदर सहमे हुए हैं कि उन्होंने अपनी दुकानों की साफ सफाई और खाद्य वस्तुओं की क्वालिटी पर ध्यान देना शुरू कर दिया है. निःसंदेह सिलीगुड़ी नगर निगम तथा खाद्य सुरक्षा दफ्तर विभाग के अधिकारियों का यह संयुक्त अभियान एक प्रशंसनीय और हाइजीनिक कदम माना जा सकता है.

