July 13, 2024
Sevoke Road, Siliguri
मौसम लाइफस्टाइल

उत्तरी सिक्किम में भारी बारिश से तीस्ता नदी उफनाई, रेड अलर्ट जारी!

सिक्किम एक बार फिर से पिछली स्मृतियों को याद दिलाने की ओर बढ़ रहा है. अभी मानसून शुरू भी नहीं हुआ है और सिक्किम में बेमौसम बरसात से तीस्ता और कनका जैसी नदियों का जलस्तर एकदम से बढ़ गया है. पिछली रात उत्तरी सिक्किम में भारी बारिश हुई है. एसएसडीएमए कंट्रोल रूम ने जो जानकारी दी है, वह यह दर्शाता है कि तीस्ता घाटी में रहने वाले लोगों पर खतरा बढ़ रहा है. संकलांग आउटपोस्ट से मिली जानकारी के अनुसार नदियों का जल स्तर बढ़ जाने से अपर जांगू तिनगवेंग बस्ती को जोड़ने वाला मंगतम पुल नदी में बह गया है.

स्थिति को देखते हुए एसएसडीएमए कंट्रोल रूम के द्वारा रेड अलर्ट जारी किया गया है. जो लोग तीस्ता नदी के किनारे रह रहे हैं, उन सभी लोगों को तथा बस्ती वालों को इसकी जानकारी दे दी गई है. साथ ही बाजारों को भी बता दिया गया है कि किसी भी खतरे के प्रति सतर्क रहें. आज अन्नपूर्णा एलॉय डीसी नामची के निर्देशन में मेली के निचले इलाकों में स्थिति का मुआयना किया गया है. इस मौके पर डॉ.टी. एन गैटसो, सीनियर एसपी नामची, मोनिका राय, एसडीएम जोरथांग, नीलकंठ भंडारी, बीडीओ संबुक, पी. वी. डीएफओ, नामची, किशोर कुमार छेत्री, पी आई मेली, सोनम भूटिया आर ओ मेली, डी ओ भूटिया जूनियर इंजीनियर वाटर रिसोर्स डिपार्मेंट जोरथांग तथा विभिन्न विभागों के दूसरी अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे.

अधिकारियों ने पाया कि येस बैंक लिमिटेड के नजदीक मेली ग्राउंड से जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है जो भालूखोला पश्चिम बंगाल तक है. यह एक बहुत बड़ा खतरा है. अधिकारियों ने इस पर चिंता जताई है और जान माल की सुरक्षा के तमाम उपायों पर काम करना शुरू कर दिया है.म॔गतम के एसपी द्वारा ग्रामीणों को सतर्कता और सुरक्षा बरतने के निर्देश दिए गए हैं. यहां बैरिकेडिंग की जा रही है. सिक्किम राज्य अपना प्रबंधन प्राधिकरण ने सूचना दी है कि उत्तरी जिला के लाचेन, चुंगथांग और मंगन में भारी बारिश हो रही है. इसके कारण तीस्ता और अन्य नदियों में जल स्तर बढ़ने की पूरी संभावना है.

उत्तरी सिक्किम में संबंधित अधिकारियों जैसे बीडीओ खामदोंग, एम ईओ सिंगताम ,एस एच ओ सदर और एस एच ओ सिंगताम को सतर्क रहने तथा तीस्ता नदी के बढ़ते जल स्तर पर नजर रखने को कहा गया है. प्राधिकरण के द्वारा जानकारी दी गई है कि अगर जल स्तर खतरे के निशान को पार करता है तो पंचायत सदस्य और पार्षद अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क रहें और लोगों को भी सतर्क रखें. अगर खतरा ज्यादा बढ़ जाता है तो निचली आबादी को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था करें.

इस तरह से सिक्किम सरकार और प्रशासन के द्वारा तीस्ता नदी घाटी तथा अन्य सहायक नदियों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को किसी भी अनहोनी से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर समय रहते ले जाया जा सके, इस तरह की व्यवस्था की जा रही है. पिछली त्रासदी से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन काफी गंभीर है और समय रहते कदम उठा रहा है.

(अस्वीकरण : सभी फ़ोटो सिर्फ खबर में दिए जा रहे तथ्यों को सांकेतिक रूप से दर्शाने के लिए दिए गए है । इन फोटोज का इस खबर से कोई संबंध नहीं है। सभी फोटोज इंटरनेट से लिये गए है।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *