January 19, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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SIR हियरिंग पर बंगाल में बढ रहा बवाल, मुख्यमंत्री का मिला साथ! अब क्या करेगा चुनाव आयोग!

The controversy surrounding the SIR hearing is escalating in Bengal, and the Chief Minister has extended her support! What will the Election Commission do now?

पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के शहरों जैसे सिलीगुड़ी, कोलकाता, पुरुलिया इत्यादि के बाद अब चाकुलिया में भी चुनाव आयोग द्वारा भेजे जा रहे नोटिस के बाद लोगों का हंगामा शुरू हो गया है. सिलीगुड़ी में पिछले दिनों हियरिंग के क्रम में मतदाताओं का रोष और उत्तेजना देखने को मिली थी.

मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का के बाद उत्तर दिनाजपुर जिले के चाकुलिया में भी सुनवाई के क्रम में बीडिओ ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ की गई है. यहां तक कि लोगों ने ऑफिस में आग लगा दी. प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े.

चुनाव आयोग के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन लगातार हिंसक होता जा रहा है. इसके पीछे कई कारण हैं. चुनाव आयोग के द्वारा मतदाताओं को परेशान करने का लोगों का आरोप है. एक ही काम के लिए बार-बार हियरिंग की डेट दी जा रही है. लोगों का यह भी कहना है कि जब 2002 की मतदाता सूची में उनका नाम है तो फिर उनसे कागज क्यों मांगा जा रहा है. उनसे जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर स्कूल सर्टिफिकेट क्यों मांगा जा रहा है और वे इसे कहां से देंगे, जो उनके पास उपलब्ध ही नहीं है.

सिलीगुड़ी प्रस्थान करने से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस संबंध में परेशान मतदाताओं का समर्थन करते हुए कोलकाता एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से कहा कि चुनाव आयोग लोगों को बार-बार हियरिंग का नोटिस दे रहा है. उनसे कागजात मांगे जा रहे हैं. बंगाल में डोमिसाइल सर्टिफिकेट मान्य नहीं है. जबकि दूसरे प्रदेशों में इसका आधार बनाया गया. मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि उनका आंदोलन से ही जन्म हुआ है. जेल में उनका अधिकांश समय बीता है. बंगाल की जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ जारी रहेगी.

ममता बनर्जी ने कहा कि जिस तरह से मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, उसके बाद बंगाल में कितने प्रतिशत लोग मतदान कर सकेंगे! उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर जमकर हमला बोलते हुए तंज के स्वर में कहा कि तो क्या बंगाल में अमित शाह, मोदी वोट करेंगे. उन्होंने कहा कि बंगाल में मतुआ, राजवंशी, बंगाली, नन बंगाली सभी मतदान करते हैं. भाजपा उनकी एकता को तोड़ना चाहती है. उन्होंने चेतावनी दी कि ममता बनर्जी मरते दम तक लड़ाई लड़ती रहेगी, जब तक कि बंगाल के लोगों को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिल जाता.

चुनाव आयोग ने लॉजिकल डिस्क्रिपनेशिस के कारण कई मतदाताओं को फिर से हियरिंग नोटिस जारी किया है. सूत्र बता रहे हैं कि इससे लोग परेशान हैं. खासकर वे लोग जिनकी आयु 60 साल से ऊपर हो चुकी है, उन्हें शिविर तक जाने में परेशानी हो रही है. उन्हें घंटो लाइन में लगना पड़ता है. लोगों का आरोप है कि कैंप में व्यवस्था का भी अभाव है. इसके साथ ही ग्रामीण लोग अधिकारियों की बात को ठीक से समझ नहीं पा रहे हैं. कन्फ्यूजन की स्थिति में भी उनकी बात सुनी नहीं जाती है. चाकुलिया में हंगामे का कारण भी यही था.

चाकुलिया में एस आई आर के लिए नए हियरिंग नोटिस जारी होने के विरोध में सैकड़ो मतदाता सड़क पर उतर आए. उन्होंने आग जलाई और अपनी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने नोटिस वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे. पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ लोग बीडिओ कार्यालय में पहुंच गए और वहां तोड़फोड़ की. उन्होंने बीडिओ कार्यालय में कई कमरों को नुकसान पहुंचा और जरूरी कागजातों को बाहर निकाल कर आग के हवाले कर दिया. बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था.

यह स्थिति किसी एक शहर या इलाके की नहीं है. बल्कि कमोबेश सर्वत्र यही स्थिति है. ग्रामीण इलाकों में लोग पढ़े-लिखे कम होते हैं. इसलिए कागजों के महत्व को कम समझते हैं. जबकि चुनाव अधिकारी उनसे कागजों की मांग करते हैं. ऐसे में सवाल है कि जो कागज उनके पास है ही नहीं और जिसकी आवश्यकता उन्होंने कभी महसूस नहीं की थी, अब उन कागज़ों को कहां से लाएं.

यही कारण है कि यह हंगामा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है. लोग इस वजह से भी परेशान हैं कि चुनाव आयोग बार-बार हियरिंग कर रहा है.इससे उन्हें आने-जाने में परेशानी होती है. बहुत से लोग कामकाजी व्यक्ति हैं. उन्हें बार-बार छुट्टी लेनी पड़ती है.

परेशान मतदाताओं का समर्थन तृणमूल कांग्रेस भी कर रही है. आरोप है कि तृणमूल विधायक मोनिरुल इस्लाम और उनके समर्थक फरक्का में बीडिओ ऑफिस में घुस गए और तोड़फोड़ की.इससे फरक्का में हंगामा मच गया. लोगों के विरोध के चलते चुनाव आयोग की सुनवाई टाल दी गई.

चुनाव आयोग के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने दो लोगों को इस संबंध में गिरफ्तार किया है. TmC का दावा है कि राज्य प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है. पार्टी के प्रवक्ता जय प्रकाश मजूमदार ने कहा है कि अगर हर कोई SIR से डरेगा, अगर सभी को डिटेंशन कैंप भेजने के लिए कहा जाएगा तो लोग तो नाराज होंगे. उन्होंने भाजपा को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया.

इस स्थिति पर भाजपा की ओर से भी बयान आया है. भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह ने टीएमसी पर भ्रष्टाचार दबाने का आरोप लगाया है. भाजपा के अलावा माकपा और सीपीआई के नेताओं ने भी शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया है. जबकि कांग्रेस का बयान है कि SIR के कारण लोगों को डर सता रहा है. यह तो होना ही था. मिल गई जानकारी के अनुसार फरक्का की घटना के बाद राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने जिला मजिस्ट्रेट और डीइओ को सख्त निर्देश जारी किए हैं.

DEO को व्हाट्सएप के जरिए दिए गए निर्देशों में कहा गया है कि कोई भी सुनवाई केंद्र नहीं बदला जाएगा. उन्होंने DEO को अन मैप्ड और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी वाले मामलों के निपटारे को प्राथमिकता देने को कहा है. इस बारे में आखिरी फैसला DEO को ही लेना होगा जबकि ERO और AERO दूसरे मामलों पर खुद फैसला करेंगे. बहरहाल यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की धमकी और चेतावनी तथा चुनाव आयोग के ताजा बयान के बाद यह लड़ाई किस करवट लेती है

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