सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भाजपा नेता राजू बिष्ट का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें राजू बिष्ट पुलिस अधिकारियों को हड़काते नजर आ रहे हैं. वे फोन पर किसी पुलिस अधिकारी को टीएमसी का दलाल भी बता रहे हैं. यह घटना 8 जनवरी की बताई जा रही है. इसी केस के सिलसिले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के संदर्भ में राजू विष्ट फोन पर पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब कर रहे हैं. वे बंगाल पुलिस की कथित नाकामी और अयोग्यता पर भड़के हुए हैं.
वायरल वीडियो में राजू बिष्ट कहते हैं कि अब तक आरोपी पकड़ा नहीं गया. आखिर बंगाल पुलिस क्या कर रही है. फिर वह पुलिस अधिकारी के किसी सवाल के जवाब में कहते हैं कि उन्हें बता देना कि मैं सबसे बड़ा गुंडा हूं. मैं किसी से डरता नहीं हूं.राजू बिष्ट का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस पर सिलीगुड़ी नगर निगम के डिप्टी मेयर रंजन सरकार की प्रतिक्रिया सामने आई है.
रंजन सरकार ने कहा है कि किसी सांसद के मुंह से इस तरह की भाषा बंगाल की संस्कृति नहीं है. दार्जिलिंग लोकसभा एक प्रतिष्ठित सीट है. उसका सांसद इस तरह की भाषा का प्रयोग करे तो यह लज्जा का विषय है. दूसरे राज्यों में इस तरह की भाषा बोली जा सकती है. उनका इशारा असम, मणिपुर, बिहार, यूपी जैसे राज्यों के लिए था. लेकिन बंगाल में हमारी संस्कृति ऐसी नहीं है. रंजन सरकार ने कहा कि राजू बिष्ट को बांग्ला संस्कृति का ज्ञान नहीं है.वे एक बाहरी व्यक्ति है. इसलिए इस तरह की बात करते हैं. फैसला बंगाल की जनता करेगी
यह कोई पहला मौका नहीं है जब राजू विष्ट ने इस तरह की बात कही हो. उन्होंने पहले भी पुलिस अधिकारियों को धमकाते हुए कुछ इसी तरह के लफ्जों में बात कही थी. उन्होंने समय-समय पर अजीबोगरीब बयान देकर लोगों का ध्यान आकृष्ट किया है. उन्होंने ममता बनर्जी के खिलाफ भी कई बार अजीबोगरीब बयान दिया है. इसके अलावा राज्य सरकार के मंत्रियों को भी उन्होंने नहीं बख्शा है. वह एक गोरखा है और हमेशा यही एहसास दिलाते हैं कि गोरखा कमजोर नहीं होता है.
विश्लेषकों के अनुसार बंगाल की राजनीति में हिंसा और दबंगई की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. यह बात राजू बिष्ट को भी पता है. इसलिए उन्हें लगता है कि अगर बंगाल में राजनीति करनी है तो खुद को दबंग बनाकर ही प्रस्तुत करना होगा. इसी के दायरे में वे अपनी छवि का प्रदर्शन करना चाहते हैं. वे एक गोरखा है और गोरखा एकता की राजनीति करते हैं. उन्हें पता है कि कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दलों के नेता एक गोरखा को ललकारने की हिम्मत नहीं कर सकता है.
इसलिए वह हर समय खुद को दबंग रूप में प्रस्तुत करते रहे हैं. उन्हें खुद को गोरखा कहलाने पर गर्व है. यह बात उन्होंने लोकसभा में भी एक प्रश्न के जवाब में पिछले दिनों कही भी थी कि मैं टीएमसी से नहीं डरता. क्योंकि मेरे भीतर एक गोरखा का लहू बहता है. राजू बिष्ट का यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है. उनके समर्थन में गोरखा एकजुट नजर आ रहे हैं.
लेकिन राजू बिष्ट को कोई भी बयान देते समय अपने पद और प्रतिष्ठा की गरिमा बनाए रखनी चाहिए आवेश में कही गई बात जल्द वायरल हो जाती है और नकारात्मक वातावरण उत्पन्न करती है. बंगाल में सत्ता पाने का सपना संजो रही बीजेपी को फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है.

