February 5, 2023
Sevoke Road, Siliguri
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कैसे सफल होगा ‘दीदी का दूत’ कार्यक्रम!

पंचायत चुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने ‘दीदी का दूत’ कार्यक्रम शुरू किया है. इसके अंतर्गत सरकार के प्रतिनिधि राज्य की 10 करोड़ जनता तक पहुंच रहे हैं तथा उनकी शिकायतों, समस्याओं तथा अन्य परेशानियों के बारे में जानकारी ले रहे हैं. यह कार्यक्रम सिलीगुड़ी समेत पूरे बंगाल में चल रहा है.

लोगों को सरकार की 15 योजनाओं के बारे में जानकारी समेत उसका लाभ उठाने के बारे में प्रतिनिधि अवगत करा रहे हैं. कई जगह दीदी के दूत कार्यक्रम को अच्छी सफलता मिल रही है, तो कई इलाकों में उनका विरोध भी हो रहा है. इस बीच शनिवार को उत्तर 24 परगना जिला के एक पंचायत क्षेत्र में घटी घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

यहां दीदी के दूत कार्यक्रम के अंतर्गत खाद्य मंत्री रथीन घोष अपने समर्थकों के साथ जनसंपर्क कर रहे थे.उसी दौरान इलाके का एक नौजवान जिसका नाम सागर विश्वास बताया जा रहा है, अपनी शिकायत लेकर राज्य के खाद्य मंत्री रथीन घोष के पास जाने लगा. उस समय खाद्य मंत्री के साथ विभिन्न चैनलों के संवादाता भी उपस्थित थे. लेकिन सागर विश्वास इससे पहले कि खाद्य मंत्री रथीन घोष से कुछ कह पाता, तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने उसे थप्पड़ जड़ दिया. जिसके बाद माहौल एकदम से उत्तेजना में बदल गया.

हालांकि बाद में खाद्य मंत्री रथीन घोष को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने इस घटना पर हाथ जोड़कर माफी भी मांगी. पर तब तक मीडिया चैनलों के जरिए इस घटना का वीडियो वायरल हो गया. ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब अभिषेक बनर्जी ने पार्टी की बैठक में दीदी का सुरक्षा कवच नामक कार्यक्रम की घोषणा की थी तब उन्होंने सरकार के प्रतिनिधियों से कहा था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जनता की शिकायतों तथा समस्याओं को सुने और उसे पार्टी के उच्च स्तर तक पहुंचाएं.

अब जब कोई व्यक्ति अपनी समस्या अथवा शिकायत को लेकर दीदी के दूत के पास पहुंचता है तो उसके साथ मारपीट क्यों की जाती है? उसकी आवाज क्यों दबाई जा रही है? क्या इस तरह की घटना के बाद कोई व्यक्ति अपनी समस्या अथवा शिकायत को दीदी के दूत के सामने रख पाएगा? इसके लिए दोषी कौन है? सबसे बड़ा सवाल कि तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेता और स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ऐसी घटना को लेकर क्या कार्रवाई करती है? अब देखना है कि ऐसे मामलों से निबटने की तृणमूल कांग्रेस की क्या तैयारी है? यह भी कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है?

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