इस समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह कहा जा रहा है कि जिन महिलाओं को 17 सितंबर को अन्नपूर्णा योजना का पैसा नहीं मिलेगा, उनके लिए 18 सितंबर से लेकर 20 सितंबर तक बीडीओ अथवा एसडीओ या नगर पालिका भवन में कैंप लगेगा. हालांकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है. सच्चाई यह है कि अगर 17 सितंबर को आपके खाते में अन्नपूर्णा योजना की राशि जमा नहीं होती है तो फिर नए सिरे से आपको आवेदन करना होगा. इसमें काफी समय लग सकता है. कम से कम नवंबर महीने तक रजिस्ट्रेशन अथवा नए आवेदक के लिए इंतजार करना पड़ सकता है.
पश्चिम बंगल सरकर और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बंगाल के लाभार्थियों के खातों में अन्नपूर्णा योजना का पैसा जारी करेंगे. प्रत्येक योग्य व पात्र महिला के खाते में ₹3000 की रकम डीबीटी के जरिए जमा की जाएगी. इस बीच अन्नपूर्णा योजना का लाभ पाने का इंतजार कर रही महिलाओं के बीच असमंजस भरी हलचल मची हुई है. क्या उन्हें 17 सितंबर को अन्नपूर्णा का पैसा मिलेगा?
या फिर उन्हें इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. वर्तमान में राज्य सरकार राज्य की लगभग डेढ़ करोड़ महिलाओं के खाते में अन्नपूर्णा योजना की राशि डीबीटी के जरिए जमा कर रही है. अगस्त महीने में सरकार ने एक करोड़ 48 लाख महिलाओं के खाते में यह राशि जमा की थी. लेकिन इसके बावजूद सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी और राज्य की बहुत सी महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिला. तब उन्हें यह बताया गया कि 17 सितंबर को सरकार उनके खाते में अन्नपूर्णा योजना का पैसा जारी कर सकती है. सोशल मीडिया पर भी यह दावा किया जा रहा है.
हालांकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है. जिन लाभार्थियों का स्टेटस अंडर प्रोसेस अथवा रिजेक्ट या विचाराधीन है, ऐसी महिलाओं को 17 सितंबर को पैसा मिलेगा, इसमें संदेह है. मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि 17 सितंबर को अन्नपूर्णा योजना की राशि लाभार्थियों के खाते में जारी की जाएगी. जिन्हें अन्नपूर्णा योजना का लाभ नहीं मिलेगा, ऐसी सभी महिलाओं को नवंबर महीने तक इंतजार करना होगा.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार नवंबर और दिसंबर में पूरे राज्य में एक कैंप लगाएगी. यह जनकल्याण कैंप होगी. इस कैंप में अन्नपूर्णा योजना तथा दूसरी सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन किया जा सकेगा.
अगर 17 सितंबर को देर शाम तक आपके बैंक खाते में अन्नपूर्णा योजना की राशि जमा नहीं होती है तो आपको नवंबर दिसंबर में राज्य सरकार की ओर से आयोजित होने वाले जन कल्याण शिविर का इंतजार करना होगा. ऐसे लाभार्थियों को फिर से अन्नपूर्णा अथवा दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपना नाम पंजीकृत कराना होगा.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि पात्र महिलाओं को अन्नपूर्णा अथवा दूसरी सरकारी योजनाओं का जरूर लाभ मिलेगा. अगर सितंबर महीने में आपके बैंक खाते में अन्नपूर्णा की किस्त जमा नहीं होती है तो आपको एक मौका और दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा है कि केवल अन्नपूर्णा योजना ही नहीं बल्कि विधवा भत्ता, वृद्धा पेंशन या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदक जन कल्याण शिविर के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. नवंबर दिसंबर में लगने वाले जनकल्याण शिविर के लिए राज्य सरकार के मुख्य सचिव एक योजना तैयार करेंगे.
यह राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर लगाया जाएगा. स्कीम दो दिनों का होगा. इसमें नए आवेदक जोड़े जाएंगे. आवेदकों के आवेदन पत्र और उनके दस्तावेज की जांच की जाएगी. सब कुछ सही रहने पर पात्र व्यक्ति के खाते में योजना की राशि जमा कर दी जाएगी.
मालूम हो कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि 25 से 60 की आयु वर्ग की ऐसी महिलाएं जो दिव्यांग है उन्हें दिव्यांग भत्ता ₹1500 के अलावा अन्नपूर्णा योजना का ₹3000 यानी कुल मिलाकर 4500 उनके खाते में हर महीने जमा किए जाएंगे. बता दें कि पूरे राज्य में 1,24 000 दिव्यांग महिलाएं हैं जिनकी उम्र 25 और 60 साल के बीच है. ऐसी सभी महिलाओं को राज्य सरकर हर महीने 4500 उनके खाते में जमा करेेगी.

