मालदा: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की सतर्कता, तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते गंगा नदी में डूब रहे 10 बांग्लादेशी नागरिकों की जान बचाई गई। इनमें 3 बच्चे, 3 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं।
मालदा सेक्टर मुख्यालय के अंतर्गत 71वीं बटालियन के सतर्क जवानों ने मालदा के खान्दुआ सीमा आउटपोस्ट के पास गंगा नदी में डूब रहे इन लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला।
30 दिन के शिशु की हालत थी गंभीर
रेस्क्यू किए गए लोगों में महज 30 दिन का एक शिशु भी शामिल था, जिसकी हालत बेहद गंभीर बताई गई। बीएसएफ जवानों ने बिना समय गंवाए शिशु को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई और तत्काल उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
समय पर उपचार मिलने के कारण शिशु की हालत में सुधार हुआ। इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे स्वस्थ घोषित करते हुए अस्पताल से छुट्टी दे दी।
औपचारिकता पूरी कर बीजीबी को सौंपे गए नागरिक
बीएसएफ ने बताया कि आवश्यक कानूनी और आधिकारिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बचाए गए सभी 10 बांग्लादेशी नागरिकों को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के हवाले कर दिया गया।
इस पूरे अभियान के दौरान बीएसएफ जवानों ने अपनी तत्परता के साथ मानवीय दृष्टिकोण का भी परिचय दिया। संकट में फंसे लोगों को सुरक्षित बचाने और गंभीर रूप से बीमार शिशु को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की कार्रवाई ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा बल की जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता को उजागर किया।
बीएसएफ का संदेश: “सर्वदा सतर्क, सर्वदा मानवीय।”

