सिलीगुड़ी, 14 सितंबर: हिंदी भाषा के व्यावहारिक उपयोग, संवाद कौशल और कार्यस्थल पर भाषा के प्रभावी इस्तेमाल को लेकर सोमवार को सिलीगुड़ी में ‘प्रयोजनमूलक हिंदी कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सिलीगुड़ी स्थित क्षेत्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान की ओर से आयोजित की गई।
केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली तथा भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अधीन क्षेत्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान, सिलीगुड़ी के संयुक्त प्रयास से आयोजित कार्यशाला की शुरुआत सुबह करीब 10:30 बजे हुई।
कार्यशाला के दौरान भाषा और संवाद के क्षेत्र में हिंदी की उपयोगिता तथा दैनिक जीवन और कार्यस्थल पर हिंदी के सही एवं प्रभावी प्रयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों को हिंदी भाषा सीखने के साथ-साथ इसे सरल, स्पष्ट और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने के संबंध में विभिन्न सुझाव दिए गए। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनके संवाद कौशल को बेहतर बनाना भी रहा।
प्रतियोगिताओं के जरिए बढ़ाया उत्साह
कार्यशाला को केवल चर्चा तक सीमित न रखते हुए कई प्रतियोगितात्मक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य कार्यस्थल पर हिंदी के उपयोग को अधिक सहज और स्पष्ट बनाना तथा कर्मचारियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि और जागरूकता पैदा करना है।
कार्यशाला में प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने कहा कि भाषा के व्यावहारिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

