अभी तक आपको भले ही अन्नपूर्णा भंडार योजना का पैसा नहीं मिला हो, परंतु सरकार पर भरोसा रखिए. पैसा आपको जरूर मिलेगा. अब सरकार ने एक और भरोसा दिया है. सरकार आपके स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए एक हेल्थ कार्ड जल्द ही जारी करने वाली है. इस कार्ड की विशेषताएं जानकर आप हैरान रह जाएंगे. और कहेंगे कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत कार्ड नहीं मिला तो क्या,आपके पास मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड तो है!
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड स्वास्थ्य साथी कार्ड की तरह नहीं होगा. ममता बनर्जी ने टीएमसी की सरकार में स्वास्थ्य साथी कार्ड जारी किया था. लेकिन कितने लोगों को इसका लाभ मिला, सिलीगुड़ी के लोग अच्छी तरह समझते होंगे. लेकिन बंगाल सरकार जो मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड जारी करने जा रही है, दावा किया जा रहा है कि उसका लाभ पूरे देश के अस्पतालों में बंगाल के लोग उठा पाएंगे. यानी आपको देश में कहीं भी इलाज कराना हो, मुफ्त इलाज करा सकते हैं. इसलिए इसका अनुभव लेने के लिए तैयार हो जाइए.
आपके पास पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा जारी स्वास्थ्य साथी कार्ड जरूर होंगे. हालांकि अब इस कार्ड की कोई उपयोगिता नहीं रह गई है. ममता बनर्जी ने बंगाल में रहने वाले प्रत्येक परिवार को यह कार्ड उपलब्ध कराया था और साल में ₹500000 तक का मुफ्त इलाज का भरोसा दिया था. जानकारों के अनुसार पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार कुछ इसी तरह का हेल्थ कार्ड बंगाल के निवासियों को उपलब्ध कराने जा रही है. मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की अधिसूचना भी जारी कर दी है.
बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना किस तरह की होगी? क्या यह स्वास्थ्य साथी कार्ड का स्थान लेगी या आयुष्मान कार्ड की जगह लेगी? इसकी क्या विशेषता है? अगर बंगाल में आयुष्मान भारत लागू हो गया है तो फिर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की क्या जरूरत है? इस तरह के कई सवाल लोगों के ध्यान में है. लोग इंतजार कर रहे हैं कि राज्य सरकार के द्वारा इस दिशा में अगला कदम कब उठाया जाता है और कब लोगों को सरकारी हेल्थ कार्ड प्राप्त होगा.
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू हो चुकी है और राज्य में रहने वाले 70 वर्ष या इससे ज्यादा के वरिष्ठ नागरिक इसका लाभ लेने के हकदार हो गए हैं. 16 अगस्त को उन्हें उनका कार्ड भी मिल जाएगा. आयुष्मान भारत योजना का लाभ फिलहाल वरिष्ठ नागरिकों को जिनकी उम्र 70 साल या इससे ज्यादा है, मिल रहा है. बाकी कैटिगरी के नागरिक अभी इसका लाभ नहीं ले सकेंगे. ऐसे में सवाल उठता है कि 70 साल के नीचे के नागरिकों और उनके परिवार को क्या सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं मिलेगा?
ऐसी बात नहीं है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन्हें आयुष्मान योजना कार्ड नहीं मिलेगा तो उसकी जगह पर उन्हें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड मिलेगा. इस हेल्थ कार्ड की विशेषता यह होगी कि कोई भी परिवार इस कार्ड के जरिए एक साल में 5 लाख का मुफ्त इलाज केवल बंगाल में ही नहीं बल्कि देश के किसी भी अस्पताल में करा सकेगा. मरीज के अस्पताल में भर्ती होने के बाद सरकार पूरा खर्च उठाएगी. अगर देखा जाए तो मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का जो कार्ड होगा, उसकी तुलना आयुष्मान भारत योजना कार्ड से की जा सकती है. अंतर सिर्फ इतना होगा कि एक राज्य स्तरीय होगा तो दूसरा केंद्र सरकार का कार्ड.
जबकि ममता बनर्जी की सरकार ने स्वास्थ्य साथी कार्ड जारी किया था तो उसका लाभ केवल राज्य में ही होता था. राज्य से बाहर स्वास्थ्य साथी कार्ड की कोई उपयोगिता नहीं थी. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की यह बड़ी विशेषता है कि इस कार्ड के जरिए आप बंगाल में ही नहीं बल्कि देश के किसी भी निजी अस्पताल में ₹500000 तक का मुफ्त इलाज करा सकेंगे. इसका पूरा खर्च बंगाल सरकार वहन करेगी. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड जारी करते समय लोगों को देश भर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों की जानकारी दी जाएगी, जहां पर इलाज कराने से आप इलाज में ₹500000 तक की छूट प्राप्त कर सकेंगे.
अब सवाल है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड कब मिलेगा और किन लोगों को मिलेगा. जाहिर सी बात है कि इसका लाभ उन लोगों को मिलेगा, जो आयुष्मान भारत से वंचित रहेंगे. जो लोग आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र नहीं है, उन सभी लोगों को राज्य सरकार यह कार्ड उपलब्ध कराएगी. जहां तक समय अवधि की बात है तो अधिसूचना जारी हो चुकी है और अब विशेष पोर्टल तैयार किया जा रहा है. यानी योजना के क्रियान्वयन की तैयारी शुरू हो गई है.
अब एक सवाल और है. सरकार की कथनी और करनी. आपको याद होगा कि मुख्यमंत्री ने बहुत पहले अपने एक बयान में कहा था कि बंगाल के जिन लोगों के पास स्वास्थ्य साथी कार्ड है, उन सभी को आयुष्मान भारत योजना का कार्ड मिलेगा. व्यावहारिक रूप से यह सफल नहीं हो सका. वर्तमान में केवल 70 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को ही आयुष्मान भारत योजना कार्ड का लाभ दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने चुनाव से पहले यह भी कहा था कि लक्ष्मी भंडार पाने वाली बंगाल की प्रत्येक महिला को उनकी सरकार हर महीने तीन-तीन हजार रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराएगी. यह भी व्यावहारिक रूप से सफल नहीं हो सका है. अब बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का दावा है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना बंगाल के प्रति परिवार को जारी की जाएगी और इसका लाभ देश भर के सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के क्रम में बंगाल के मरीजों को मिलेगा. बहरहाल यह देखना होगा कि सरकार अपनी कथनी और करनी में कितना खरा उतरती है.
