क्या आपके घर के पास सड़क लावारिस स्थिति में है? क्या आपकी गली में लाइट नहीं जलती है? क्या नालियों की व्यवस्था नहीं है? क्या बरसात के समय जल निकासी नहीं हो पाती है? क्या आपके नल में पानी नहीं आता है? इत्यादि बहुत से सवाल और आपकी समस्याएं हो सकती हैं. ये समस्याएं भूमि प्रबंधन को लेकर भी हो सकती है. ऐसी ही तमाम समस्याओं से अब आपको मुक्ति मिलने जा रही है.
सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण यानी एसजेडीए फिर से जीवित हो उठा है. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद SJDA को नए पंख लग गए हैं. सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी जिले के जिन क्षेत्रों में सड़क निर्माण, प्रस्तावित विकास परियोजनाएं, पार्किंग, कांप्लेक्स, बस अड्डा इत्यादि जितने भी कार्य रुके पड़े थे, अब उनके पूरे होने के दिन लौट आए हैं. बरसात बीतने के साथ ही काम शुरू हो जाएगा.
इस बार SJDA एक नए कलेवर में नजर आएगा. यह भ्रष्टाचार मुक्त होगा. पारदर्शी होगा और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा. 100 करोड रुपए की विकास परियोजना को मंजूरी भी मिल गई है. पिछली सरकार में SJDA पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. नई सरकार पिछले 15 सालों के वित्तीय रिकॉर्ड की ऑडिट कराने जा रही है. जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें जेल जाना पड़ेगा और उनसे मुआवजा भी वसूल किया जाएगा.
आज एक लंबे अरसे के बाद SJDA की बोर्ड बैठक हुई. इस बैठक में दार्जिलिंग के जिला अधिकारी, सिलीगुड़ी के विधायक और पर्यटन मंत्री शंकर घोष, परिवहन एवं वित्त राज्य मंत्री आनंद मय बर्मन,विधायक शिखा चटर्जी और विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा महत्वपूर्ण हस्तियां उपस्थित थीं. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया गए हैं. ये निर्णय ऐसे हैं कि एक तरफ जहां सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के लोगों का सपना पूरा होगा, तो दूसरी तरफ SJDA पर लगे भ्रष्टाचार और अनियमितता के दाग को भी धोया जाएगा.
इस बैठक में जिस तरह से फैसले लिए गए हैं, साफ संकेत है कि पिछले 15 वर्षों में SJDA की कुर्सी पर बैठकर जिन लोगों ने लूटा है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. अगर उन्होंने कोई गड़बड़ी की है तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है. इशारा स्पष्ट है कि टीएमसी के शासनकाल में SJDA पर लगे भ्रष्टाचार और अनियमितता की जांच की जाएगी. जाहिर है कि कुछ बड़े लोग पकड़े जा सकते हैं.
अब SJDA के द्वारा 100 करोड रुपए कौन से काम में लगाए जाएंगे, यह भी जान लीजिए. सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्ट्रीट लाइट का काम तो होगा ही, इसके साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यों को भी पूरा किया जाएगा. व्यावसायिक परिसर का नया ढांचा तैयार किया जाएगा. इसके अलावा सिलीगुड़ी बस टर्मिनस का भी कायाकल्प होगा. वहां व्यावसायिक परिसर भी बनाए जाएंगे, जो अत्याधुनिक होंगे.
इन पैसों से माटीगाड़ा ट्रांसपोर्ट नगर में बस टर्मिनस के निर्माण को गति दी जाएगी. इसके अलावा कई प्रस्तावित सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा. अगर फ्लैट आवंटन में किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है या फिर इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माण हुआ होगा तो दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मंत्री शंकर घोष ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
बैठक में और भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. जैसे नागराकाटा और धूपगुडी को SJDA के अंतर्गत लाने पर विचार किया जा रहा है. सबसे महत्वपूर्ण बात कावाखाली में अपनी जमीन गवा चुके लोगों को लेकर है, जो न्याय की मांग को लेकर पिछली सरकार के समय से ही धरना प्रदर्शन करते आ रहे हैं. बैठक का संकेत है कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा. अर्थात उन्हें न्याय मिलेगा.
अब सभी की निगाहें पिछले 15 सालों में SJDA पर लगे भ्रष्टाचार और अनियमितता की जांच को लेकर है. सूत्र बता रहे हैं कि भाजपा ने SJDA को लेकर लगभग 200 करोड रुपए की वित्तीय अनियमितता पाई है, जिसकी जांच कराई जाएगी. जाहिर है कि SJDA से जुड़े लोग पकड़े जा सकते हैं. अब देखना होगा कि जांच की गाज किन-किन व्यक्तियों पर गिरती है.
