सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के लोगों का मेट्रो पर चढ़ने का सपना साकार होने जा रहा है. कोलकाता में मेट्रो शुरू होने के बाद सिलीगुड़ी के लोगों को उम्मीद थी कि सरकार सिलीगुड़ी के लोगों के सुगम परिवहन पर भी ध्यान देगी. सत्ता बदलते ही राज्य की भाजपा सरकार ने न केवल इसकी घोषणा कर दी है, बल्कि इस दिशा में कार्य भी आरंभ कर दिया है.अब मेट्रो रूट को लेकर लोगों में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं चल रही हैं.
जिस तरह से सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के लोग सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के बीच चलने वाले प्रस्तावित मेट्रो के रूट को लेकर उत्सुक हैं, इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं विभिन्न संगठनों और आम लोगों में देखी जा रही है. बहुत से लोग राष्ट्रीय उच्च पथ के समानांतर चलने का अनुमान लगा रहे हैं तो कई लोग ऐसे हैं जो मेट्रो रूट को Dooars के रास्ते से जोड़ रहे हैं.
बहुत से ऐसे भी लोग हैं, जो सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में पर्यटन विस्तार के लिए मेट्रो को अहम मानते हैं. उनका मानना है कि मेट्रो को Dooars के रास्ते सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी को जोड़ा जाए. उनका तर्क है कि ऐसा करने से दोनों शहरों का आर्थिक और व्यापारिक विकास होगा. इसके साथ ही Dooars के छोटे बड़े शहरों का भी काफी विकास होगा.
वर्तमान में Dooars में पर्यटन के खूबसूरत नजारे हैं. लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए सरल और आरामदेह परिवहन सेवा उपलब्ध नहीं है. इसलिए यह क्षेत्र काफी उपेक्षित है. अगर यहां से होकर मेट्रो चलाई जाती है तो इन क्षेत्रों के दिन फिर जाएंगे. बहुत से पर्यटक सिक्किम, दार्जिलिंग, नेपाल आदि घूमने के लिए सिलीगुड़ी आते हैं. उन्हें Dooars की हरियाली भी पसंद है. वे यहां घूमना भी चाहते हैं. लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सरल और सुविधाजनक परिवहन साधन उपलब्ध नहीं है.
इन क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए या तो उन्हें स्पेशल कार या टैक्सी करनी पड़ती है या फिर परिवहन बसों का ही आसरा रहता है. लेकिन अगर मेट्रो को इस रूट से चलाया जाए तो ऐसे पर्यटकों को Dooars में घूमने फिरने में आसानी होगी. इसके साथ ही Dooars के पर्यटन क्षेत्र भी विकसित होंगे. स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी.Dooars भी उन्नत होगा.
नागराकाटा, माल ,मटेली व आसपास के लोगों की आवाज बने नागराकाटा विधानसभा के विधायक पूना भेंगरा ने मुख्यमंत्री के समक्ष Dooars के लोगों की आवाज रखने की बात कही है. विधायक का मानना है कि अगर सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी मेट्रो को Dooars के रास्ते चलाया जाता है तो इससे Dooars के पर्यटन का काफी विकास होगा.Dooars क्षेत्र में काफी खूबसूरती है. छोटी-छोटी नदियां, हरियाली, चाय बागान ,जंगल के बीच से मेट्रो चले तो पर्यटकों को एक अद्भुत आनंद की प्राप्ति होती है.
लोगों का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो Dooars की पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान बनेगी. जबकि सिलीगुड़ी के कई लोगों का यह मानना है कि Dooars के रास्ते सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी मेट्रो को चलाया जाता है तो आपातकालीन और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होंगी. सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के विकास के लिए यह जरूरी है कि दोनों शहरों के बीच शीघ्र और सीधा परिवहन सेवा उपलब्ध हो. इसलिए ऐसे लोग सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी मेट्रो रूट को शार्टकट रास्ते चलाने की मांग कर रहे हैं.
कल की पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से अभी इसके रूट को लेकर कोई आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है आपको बता दें कि 21 जुलाई को परिवहन विभाग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की थी कि सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी सिटी मेट्रो परियोजना शुरू होगी और उन्होंने मुख्य सचिव को इसका डीपीआर तैयार करने का निर्देश भी दिया था
आरंभ में तो किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के बीच सीधी मेट्रो सेवा चलेगी. परंतु अब लग रहा है कि इस दिशा में सरकार गंभीर है. देश के दूसरे राज्यों में भी मेट्रो सेवा चल रही है. कोलकाता में भी मेट्रो सेवा उपलब्ध है. ऐसे में सिलीगुड़ी में मेट्रो सेवा की जरूरत महसूस की जा रही है. क्योंकि कोलकाता के बाद सिलीगुड़ी का ही स्थान आता है.
पश्चिम बंगाल सरकार अपने निर्धारित कार्यक्रम में राज्य के बड़े शहरों को सिटी मेट्रो से जोड़ने की योजना बना चुकी है. पहले चरण में आसनसोल और दुर्गापुर के बीच मेट्रो सेवा चलाई जाएगी. जबकि दूसरे चरण में सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के बीच मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी. जल्द ही रूट के बारे में सरकारी अधिसूचना जारी हो जाएगी. मालूम हो कि मेट्रो परियोजना को वर्ल्ड बैंक या हिडको के सहयोग से विकसित किया जा सकता है.
