August 6, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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राजस्थान में करोड़ों रुपए की ठगी करने वाला सिलीगुड़ी से गिरफ्तार!

आप यकीन करें या ना करें, लेकिन सिलीगुड़ी में सबसे ज्यादा शातिर साइबर ठग मिल जाएंगे. ये लोग बंद कमरे में बैठकर केवल मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को झांसा देते रहते हैं और उनकी जमा पूंजी को बैठे-बैठे हड़प लेते हैं. डिजिटल भारत में आपकी कमाई हो या ना हो, लेकिन वित्तीय असुरक्षा जरूर बढ़ गई है. जरा सी चूक हुई नहीं कि आपका बैंक बैलेंस खाली!

जैसे-जैसे हमारा हिंदुस्तान डिजिटल होता जा रहा है, साइबर क्राइम उतनी ही तेजी से पांव पसार रहा है. आप कमाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं. एक का दो बनाने के लिए ऐसी फाइनेंस कंपनियों को ढूंढते हैं, जहां आपको मोटा रिटर्न मिल सके. दूसरी तरफ साइबर अपराधी आपको निवेश के जरिए ठगने की चालें चलते रहते हैं. कोई भी क्षेत्र हो, वह साइबर स्कैमर से रहित हो,ऐसा नहीं हो सकता! ऐसे में आपकी सतर्कता जरूरी है.

पुलिस, सुरक्षा अधिकारियों और सरकार के द्वारा लोगों को बार-बार चेताया जाता है. लेकिन फिर भी लोग संभलते नहीं है. या 2 दिन सतर्क होकर तीसरे दिन से वही लापरवाही देखने को मिलती है. हालांकि लोग भी क्या करें. क्योंकि साइबर ठग आपकी सोच और कल्पना से भी ज्यादा ऊंचा उड़ान भर रहे हैं. आपकी सतर्कता के बीच से ही त्रुटि निकाल कर आपको शिकार बना सकते हैं.

हालांकि साइबर ठगों की करतूत की आपने अनेक कहानियां सुनी होगी. पर, यह एक ऐसा मामला है,जहां साइबर ठग ने एक प्रदेश के लोगों को ही ठग लिया.सिलीगुड़ी एक ऐसा शहर है, जहां देश में कहीं ना कहीं साइबर स्कैम होने पर सिलीगुड़ी और बंगाल का कनेक्शन सामने आ ही जाता है.

सिलीगुड़ी के मिलन मोड इलाके में रहने वाले दीपू मंडल ने तो राजस्थान के लोगों की सादगी, सच्चाई और भरोसे को ही छलना शुरू कर दिया. उसने मोबाइल ऐप के जरिए राजस्थान में अनेक लोगों को चूना लगाकर 28 मिलियन की धोखाधड़ी की.

जब राजस्थान पुलिस दीपू मंडल के पीछे पड़ी तो वह राजस्थान से भाग कर सिलीगुड़ी आ गया और सिलीगुड़ी में मिलन मोड़ इलाके में रहने लगा. हालांकि दीपू मंडल मूल रूप से जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी अंतर्गत बाबूवासा इलाके का निवासी है. लेकिन वह काफी समय से सिलीगुड़ी में रह रहा था और सिलीगुड़ी से ही साइबर स्कैम को अंजाम दे रहा था. दीपू मंडल किसी नेटवर्क के तहत साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दे रहा था.

आजकल अनेक लोग कम समय में ज्यादा पैसा बनाना चाहते हैं. ऐसे ही लोग अधिकतर ठगे जाते हैं. वे सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर जाकर वित्तीय कंपनियों को ढूंढते हैं जो कम समय में उनका पैसा डबल करके देने का दावा करती है. मोबाइल ऐप के जरिए आपको सभी तरह की जानकारियां मिल जाती हैं. दीपू मंडल ने किसी मोबाइल ऐप के जरिए राजस्थान के लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया.

उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लच्छेदार स्कीम और निवेश के बारे में बताया और दावा किया कि किस तरह से निवेश की रकम दोगुनी हो जाती है. उसने कई लोगों के निवेश की रकम को डबल करके भी दिया था और उनका भरोसा जीतने के बाद एक लंबा हाथ मारा. उसने अलग-अलग व्यक्तियों खासकर व्यापारियों से एक बड़ी रकम एकत्र की, जो लगभग 28 मिलियन बताई जाती है और उसके बाद वह राजस्थान से तब फरार हुआ,जब राजस्थान पुलिस उसके पीछे पड़ी.

राजस्थान पुलिस इसी 28 मिलियन साइबर ठगी के मामले की जांच कर रही थी. इसी जांच के क्रम में पुलिस को एक नेटवर्क का पता चला जिसका मुख्य चेहरा दीपू मंडल था. राजस्थान पुलिस को इस शातिर ठग के बारे में बैंक ट्रांजैक्शन ,मोबाइल एप और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच के बाद जानकारी मिली थी. उसके मोबाइल की ट्रेकिंग तथा अन्य टेक्निकल सपोर्ट के जरिए यह भी पता चला कि यह व्यक्ति सिलीगुड़ी में रह रहा था.

राजस्थान पुलिस ने लोकेशन को ट्रेस करने के बाद प्रधान नगर पुलिस से संपर्क किया. क्योंकि यह लोकेशन प्रधान नगर थाना के अंतर्गत आता था. प्रधान नगर पुलिस ने राजस्थान पुलिस को पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया. फिर एक दिन राजस्थान पुलिस की एक स्पेशल टीम बनी,जो दीपू मंडल को गिरफ्तार करने के लिए सिलीगुड़ी पहुंच गई. यहां सिलीगुड़ी में राजस्थान पुलिस और प्रधान नगर पुलिस की एक संयुक्त टीम ने एक ऑपरेशन के द्वारा दीपू मंडल को मिलन मोड़ इलाके से गिरफ्तार कर लिया.

राजस्थान पुलिस ने दीपू मंडल को अदालत में पेश करने के बाद उसे विस्तृत पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में ले लिया है. अब आरोपी से राजस्थान में पूछताछ की जाएगी. राजस्थान पुलिस दीपू मंडल के जरिए उसके नेटवर्क के सभी सदस्यों तक पहुंचना चाहती है. साइबर ठग एक न एक दिन पुलिस और कानून के हत्थे चढ ही जाते हैं. यह भी सच है कि जिस गलत रास्ते से कमाई होती है, उसी तरह से चली भी जाती है. अब देखना है कि राजस्थान पुलिस दीपू मंडल के जरिए और क्या-क्या सच सामने लाती है.

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