यह कैसी विडंबना है कि एक तरफ पूरे पश्चिम बंगाल में SIR 26 के दौरान मतदाता सूची से वंचित रहे नाम को जुड़वाने के लिए चुनाव आयोग ने पहल की है, तो दूसरी तरफ उसी चुनाव आयोग ने अब तक इस संबंध में राज्य के बीएलओ को अवगत तक नहीं कराया कि उनकी जिम्मेदारियां क्या है! उन्हें छूट गए मतदाताओं को क्या सहयोग करना है! अब या तो BLO झूठ बोल रहा है या फिर BLO के पास अब तक चुनाव अधिकारी का फरमानी लेटर नहीं आया है.
यह वॉइस क्लिप खबर समय के किसी दर्शक की है, जो चुनाव प्रक्रिया को आसान बनाने वाले और इस प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले बीएलओ की सच्चाई को सामने लाती है. घटना की पृष्ठभूमि में चलते हैं. अगर SIR के दौरान आपका नाम मतदाता सूची से बाहर किया जा चुका है और आप चाहते हैं कि पुनः आपका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाए तो इसके लिए राज्य चुनाव आयोग ने अनुपस्थित, स्थानांतरित या हटाए गए मतदाताओं को एक आखिरी मौका दिया है.
केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में और खासकर उन राज्यों में जहां SIR हुआ था और इस दौरान अनेक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए थे, उन सभी को अब एक बार फिर से मौका मिला है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले SIR प्रक्रिया के दौरान सिलीगुड़ी के हजारों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए थे. तब से मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया है. आखिरकार कोर्ट में उनकी जीत हुई.
पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. लेकिन जब आप सिलीगुड़ी में इसका सच जानेंगे तो आपके पैरों तले की धरती खिसक जाएगी. खबर समय को किसी दर्शक की ओर से जानकारी मिली है कि उसने सिलीगुड़ी के एक समाचार पत्र में खबर देखने के बाद अपने इलाके के बीएलओ को फोन किया और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए सहयोग करने के लिए कहा. BLO ने बताया कि समाचार पत्रों में उन्होंने भी देखा है. लेकिन उनके पास इस तरह की कोई अधिकृत सूचना नहीं है. ऐसे में वह उनकी क्या मदद कर सकते हैं!
जरा सोचिए! चुनाव आयोग ने इस संदर्भ में अधिसूचना भी जारी कर दी है. लेकिन इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पायदान BLO होता है, जिसे पता तक नहीं है कि चुनाव आयोग ने उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दी है. अगर BLO सच बोल रहा है तो चुनाव आयोग की लापरवाही झलकती है. सवाल यह है कि चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी करने के बाद बूथ लेवल अधिकारी को लेटर क्यों नहीं दिया? या क्या BLO झूठ बोल रहा है? अब इनमें कौन सच्चा और कौन झूठा है, कम से कम मतदाता को तो इससे कोई लेना-देना नहीं है.
पश्चिम बंगाल मतदाता सूची से वंचित मतदाताओं को इस विवाद या बहस में पड़ने की जरूरत भी नहीं है. उन्हें तो बस इस बात की चिंता है कि किसी तरह उनका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाए. हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लंबी लड़ाई लड़ने के बाद अब उन्हें एक मौका मिला है और वे इस मौके को हाथ से गवाना नहीं चाहते हैं. यही कारण है कि सिलीगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों के अनेक मतदाता, जिनका नाम एस आई आर के दौरान मतदाता सूची से वंचित रह गए थे, वे अपने इलाके के बीएलओ को फोन कर रहे हैं. लेकिन बीएलओ की तरफ से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है.
ऐसे में सवाल है कि आखिर मतदाता क्या करे. आप किस तरह से पश्चिम बंगाल मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं, खबर समय के द्वारा आपको महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है. अगर आपके इलाके का BLO आपको सहयोग नहीं कर रहा है तो चिंता करने की बात नहीं है. आप इस प्रक्रिया को ऑनलाइन शुरू कर सकते हैं.SIR के दौरान ASDD कैटेगरी में दर्ज वोटरों की लिस्ट ऑनलाइन कर दी गई है. आपको फॉर्म 6 लेने के लिए BLO के पास जाने की भी जरूरत नहीं है.
अगर आपके इलाके का बीएलओ सहयोग नहीं कर रहा है तो आप किसी साइबर कैफे या ऑनलाइन एजेंसी से दोबारा ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. चुनाव आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ASDD वोटरों की लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध है.यह संबंधित जिलों के निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर दिए गए लिंक से भी देखी जा सकती है. अगर किसी योग्य मतदाता का नाम सूची में नहीं है तो वह फॉर्म सिक्स के जरिए नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है. नए वोटर भी फॉर्म सिक्स के जरिए अपना नाम जुड़वा सकते हैं या नए पहचान पत्र बनवा सकते हैं.
राज्य चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार राज्य चुनाव आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों को खास निर्देश दिए हैं. आपके इलाके का बीएलओ SIR से पहले और बाद की मतदाता सूची की तुलना करेंगे. इसके आधार पर योग्य मतदाताओं की पहचान की जाएगी. इसके बाद बीएलओ या कोई भी सरकारी अधिकारी पहचाने गए मतदाताओं के घर जाएंगे. वहां उनकी वोटर स्टेटस की जांच की जाएगी. तत्पश्चात फॉर्म सिक्स भरने में उनकी मदद की जाएगी. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राज्य चुनाव आयोग ने प्रत्येक बीएलओ को प्रत्येक हफ्ते कम से कम 20 से 25 घरों का दौरा करने को कहा है. यह पूरी प्रक्रिया एक महीने तक चलेगी.
बूथ लेवल अधिकारी के द्वारा तैयार की गई सूची को BLA के पास पहुंचाया जाएगा. BLA नाम का वेरिफिकेशन करेंगे. उसके पश्चात चुनाव अधिकारी तक यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. ERO की हरी झंडी मिलने के बाद ही आपका नाम मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा. हालांकि मिल रही जानकारी के अनुसार जल्द ही राज्य चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए सिलीगुड़ी समेत राज्य के विभिन्न स्थानों पर विशेष कैंप लगा सकता है.
